स्वामी सुंदरानंद

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स्वामी सुंदरानंद विश्व में फोटोग्राफर, पर्वतारोही और योगी के रूप में प्रसिद्ध हैं। स्वामी जी पिछले पचास सालों में सिकुड़ते गंगोत्री ग्लेशियर के पचास हजार से ज्यादा फोटो ले चुके हैं और देश दुनिया को इस खतरे से आगाह करते रहे हैं। इस आर्ट सेंटर में वह वे चीजें भी प्रदर्शित करेंगे जो उन्होंने हिमालय में घुमक्कडी के दौरान एकत्र किए हैं। इनमें अद्भुत आकार वाली पेडों की जडें, अद्भुत पत्थर आदि भी शामिल हैं। [1] साधु से ज्यादा एक फोटोग्राफर के रूप में प्रसिद्ध स्वामी सुंदरानंद देश के अलावा अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में अपनी फोटो प्रदर्शनियां लगा चुके हैं। उन्हें हिमालय का विशेषज्ञ भी कहा जा सकता है। पिछले पचास सालों में सिकुडते गंगोत्री ग्लेशियर के पचास हजार से ज्यादा फोटो ले चुके हैं और देश दुनिया को इस खतरे से आगाह करते रहे हैं।

स्वामी सुंदरानंद हिमालया: थू्र द लेंस ऑफ ए साधु[2] पुस्तक भी लिख चुके हैं। उन पर जाने माने डाक्यूमेंट्रीफिल्म निर्माता विक्टर डेम्को 157 मिनट की पर्सनल टाइम विद स्वामी जी नामक डॉक्यूमेंट्री बना चुके हैं। हाल में ही स्वामी सुंदरानंद पर डिस्कवरी चैनल भी एक लंबा कार्यक्रम दिखा चुका है।

स्वामी जी के अनुसार गंगा के उद्गम गंगोत्री में देश की सबसे बडी फोटो गैलरी बनेगी। संभवत: यह हिमालय पर आधारित ऐसी अनोखी गैलरी होगी, जिसमें हिमालय के दुर्गम इलाकों के एक लाख से ज्यादा दुर्लभतम छायाचित्र एक छत के नीचे होंगे। यह आर्ट सेंटर उनके आध्यात्मिक गुरु स्वामी तपोवनजी महाराज को समर्पित होगा। आर्ट सेंटर में वह अपने गुरु द्वारा रचे गए साहित्य को तो प्रदर्शित करेंगे ही, उन छायाचित्रों को भी प्रदर्शित करेंगे जो उन्होंने अपने लगभग साठ साल के हिमालय प्रवास के दौरान खींचे हैं।

यह आर्ट सेंटर उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री में 10,300 फीट ऊंचाई पर स्थित तपोवन कुटी में बनेगा। इस आर्ट सेंटर में वह वे चीजें भी प्रदर्शित करेंगे जो उन्होंने हिमालय में घुमक्कडी के दौरान एकत्र किए हैं। साधु से ज्यादा एक फोटोग्राफर के रूप में प्रसिद्ध स्वामी सुंदरानंद देश के अलावा अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में अपनी फोटो प्रदर्शनियां लगा चुके हैं। उन्हें हिमालय का विशेषज्ञ भी कहा जा सकता है।

फिल्म[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. शेखर, अरविंद. "देश की सबसे बड़ी फोटो गैलरी गंगोत्री में". याहू जागरण.
  2. सुंदरानंद, स्वामी (अगस्त २००१). हिमालया: थू्र द लेंस ऑफ ए साध. ISBN 81-901326-0-1.
  3. निर्देशन एवं संपादन: विक्टर डेम्को, फिल्म सिनोप्सिस, द सेंटर फ़ॉर हीलिंग आर्ट्स [1]