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स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि

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राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी, स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को पद्म भूषण पुरस्कार प्रदान करते हुए, 08 अप्रैल, 2015 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में एक सिविल इन्वेस्टीगेशन सेरेमनी में।

स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि जी (जन्म : १९ सितम्बर १९३२, मृत्युः २५ जून २०१९) एक आध्यात्मिक गुरु थे। उन्हें ज्योतिर्मठ उपपीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य बनाया गया था, किन्तु १९६९ में उन्होंने इस पद को स्वेच्छा से त्याग दिया था। उन्होंने हरिद्वार में भारतमाता मन्दिर की स्थापना की।

परिचय[संपादित करें]

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी का जन्म 19 सिंतबर, 1932 को आगरा में हुआ था. लेकिन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का परिवार उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला था. बचपन से ही स्वामी जी की रुचि संन्यास और अध्यात्म में थी. जिसकी वजह से उन्होंने अपना सांसारिक जीवन बहुत कम उम्र में त्याग दिया था. सांसारिक जीवन से संन्यास लेने से पहले लोग उऩ्हें अंबिका प्रसाद पांडेय के नाम से पहचानते थे.

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

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