स्पंद-विस्तार मॉडुलन

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पल्स-विड्थ मॉडुलित किया हुआ सिगनल; T को नियत रखते हुए t1 को कम या अधिक करके आउटपुट को कम या अधिक करना सम्भव हो जाता है।

स्पंद-विस्तार मॉडुलन (अंग्रेज़ी:Pulse-width modulation-पल्स-विड्थ मॉडुलेशन) (PWM) विद्युत-शक्ति के प्रवाह के नियन्त्रण की वह विधि है जिसमें किसी स्विच के चालू रहने का समय (ON time) को कम या अधिक करके आउटपुट होने वाली विद्युत को नियन्त्रित किया जाता है। अर्थात इस विधि में स्विच को न तो पूरे समय ऑन रखा जाता है न पूरे समय ऑफ ही रखा जाता है बल्कि कुछ समय ऑन और कुछ समय ऑफ रखा जाता है। कितना समय ऑन और कितना समय ऑफ रखना है, यह ऑउटपुट की जरूरतों से तय होता है (अर्थात् ऑउटपुट आवश्यकता से कम है या अधिक। यह विधि विद्युत-शक्ति के नियन्त्रण की अत्यन्त दक्ष विधि है। स्विच मोड पॉवर सप्लाई में इसका खूब प्रयोग होता है।

पल्स की चौड़ाई बदलता हुआ सिगनल (नीला) तथा उसके संगत आउटपुट (लाल)

अनुप्रयोग[संपादित करें]