स्कैनर

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स्कैनर एक मशीन होती है जिसके द्वारा किसी छपी हुई सामग्री यथा चित्र आदि को डिजिटल रूप में बदला जाता है। किसी बस्तु को स्कैन करके बनाई गई स्कैअन कॉपी या सॉफ्ट कॉपी को कंप्यूटर में संग्रहीत किया जा सकता है, और जिन्हें देखा ओर software application की सहाय




ता से संशोधित भी किया जा


सकता है।



इलेक्ट्रॉनिक डेटा ट्रांसमिशन की दुनिया में, स्कैनिंग छवियों को प्रेषित करने का सबसे अच्छा और विश्वसनीय तरीका माना जाता है। स्कैनर विभिन्न प्रकार के होते है जिन्हें हम विभिन्न जगहों पर प्रयोग कर सकते हैं।

1. डॉक्यूमेंट स्कैनर: डॉक्यूमेंट स्कैनर को पेपर स्कैनर भी कहते है, जैसा की हमे इसके नाम से मालुम होता है की यह किसी डॉक्यूमेंट (पेपर) को स्कैन कर सकता है। इस स्कैनर के द्वारा हम अपने किसी भी प्रकार के डॉक्यूमेंट (पेपर) को स्कैन करके उसकी स्कैन कॉपी या सॉफ्ट कॉपी को कंप्यूटर में हमेशा के लिए store कर सकते है और हम इसे विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक डेटा ट्रांसमिशन की सहायता से कंही पर भी भेज सकते है। डॉक्यूमेंट स्कैनर भी resolutions और साइज़ के हिसाब से विभिन्न प्रकार के होते है।

2. [स्कैनर]: बॉयोमीट्रिक स्कैनर ज्यादा तर यह स्कैनर सुरक्षा उद्देश्य के लिए प्रयोग किये जाते है। शरीर के अंगो को स्कैन करने के लिए विभिन्न प्रकार के स्कैनर की जरुरत पड़ती है: फिंगर प्रिंट स्कैनर, आईरिस स्कैनर, हार्ट स्कैनर और बहुत सारे। यह सभी स्कैनर रजिस्ट्री के टाइम में हमारे शरीर के किसी अंग को स्कैन करके उसकी एक सॉफ्ट कॉपी बना लेता है और उसे store कर लेता है जब हम प्रमाणित करते है तो यह स्कैनर द्वारा से उसे स्कैन करता है और जो सॉफ्ट कॉपी उसके पास store है उससे मेल करता है अगर यह स्टोर्ड सॉफ्ट कॉपी के साथ मेल खता है तो आपको उसका एक्सेस मिल जाता है। अज कल बॉयोमीट्रिक स्कैनर का प्रयोग मोबिलो में भी लिया जाने लगा है।

प्रयोग[संपादित करें]

  • स्कैनर का प्रयोग छपी हुई सामग्री को डिजिटल रूप में सुरक्षित करने के लिए किया जाता है। डिजिटल रूप में सामग्री यदि गलती से डिलीट न हो जाए तो हमेशा उसी प्रकार सुरक्षित रहती है।
  • स्कैनर का प्रयोग ओसीआर में किया जाता है।
  • छपी हुई पुस्तकों को ई-पुस्तकों में बदलने हेतु।
  • सुरक्षा उद्देश्य के लिए भी स्कैनर प्रयोग किये जाता है।