स्केलेटन
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| विशेषताएँ | |
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| दल के सदस्य | व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धा |
| उपकरण | स्केलेटन स्लेज, विशेष हेलमेट (चिन गार्ड के साथ), स्पाइक्ड जूते, एयरोडायनामिक रेसिंग सूट |
| ओलंपिक | 1928, 1948, 2002 से वर्तमान (शीतकालीन) |
स्केलेटन एक बेहद रोमांचक और अत्यधिक गति वाला शीतकालीन खिसकने वाला खेल है। इस खेल में एक एथलीट एक छोटी स्लेज पर पेट के बल लेटकर (मुँह नीचे की ओर) और सिर को आगे की दिशा में रखकर बर्फ के एक संकरे और घुमावदार ट्रैक पर बहुत तेजी से नीचे की ओर खिसकता है।[1] यह बॉबस्लेय और ल्यूज के समान ही एक प्रमुख शीतकालीन खेल है, लेकिन ल्यूज में एथलीट पीठ के बल लेटता है और उसके पैर आगे की ओर होते हैं।
स्केलेटन खेल की उत्पत्ति 19वीं शताब्दी के अंत में स्विट्ज़रलैण्ड के प्रसिद्ध रिज़ॉर्ट शहर सेंट मोरित्ज़ में हुई थी। 1882 में वहाँ 'क्रेस्टा रन' नामक पहला बर्फीला ट्रैक बनाया गया था। इस खेल को 'स्केलेटन' नाम इसलिए मिला क्योंकि 1892 में पहली बार जिस नई धातु की स्लेज को पेश किया गया था, उसका डिज़ाइन कुछ हद तक मानवीय हड्डियों के कंकाल जैसा दिखता था।[2] ऐतिहासिक रूप से, इसे 1928 और 1948 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों में शामिल किया गया था (जो दोनों बार सेंट मोरित्ज़ में ही आयोजित हुए थे)। इसके बाद इसे दशकों तक ओलंपिक से बाहर रखा गया, लेकिन 2002 में सॉल्ट लेक सिटी ओलंपिक से यह स्थायी रूप से ओलंपिक खेलों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
खेल की शुरुआत में एथलीट अपनी स्लेज को एक हाथ से पकड़कर बर्फ पर लगभग 40 मीटर तक पूरी ताकत से दौड़ता है (जिसे 'स्प्रिंट' कहा जाता है)। दौड़ने के दौरान अच्छी पकड़ के लिए एथलीट विशेष कांटेदार जूते पहनते हैं। अधिकतम गति पकड़ने के बाद वे स्लेज पर गोता लगाते हैं और गुरुत्वाकर्षण के सहारे नीचे फिसलते हैं। स्केलेटन एक जोखिम भरा खेल है; ट्रैक पर खिसकते समय एथलीट की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे (80 मील/घंटा) से भी अधिक हो सकती है।[3] इसके अतिरिक्त, पटरियों के तीखे मोड़ों पर एथलीटों को 5G तक का भारी गुरुत्वाकर्षण बल सहना पड़ता है, जिसका अर्थ है कि उन्हें अपने शरीर के वजन का पाँच गुना दबाव महसूस होता है। इस उच्च जोखिम के कारण, खिलाड़ियों को एक सख्त एयरोडायनामिक हेलमेट पहनना अनिवार्य होता है जिसमें ठुड्डी को बचाने के लिए विशेष गार्ड लगा होता है। खिलाड़ियों की स्टीयरिंग (दिशा बदलने की प्रक्रिया) केवल उनके कंधों और घुटनों के हल्के दबाव से नियंत्रित होती है।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Skeleton sledding". Encyclopedia Britannica.
- ↑ "History of Skeleton Racing". IBSF (International Bobsleigh and Skeleton Federation). मूल से से 21 सितंबर 2023 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 18 जून 2026.
- ↑ "Skeleton Equipment, History and Rules". International Olympic Committee.