सोलह साम्राज्य

सोलह साम्राज्य (पारंपरिक चीनी :十六國; उच्चारण: शिलिउ गुओ; जिसे आम तौर पर सिक्स्टीन स्टेट्स अर्थात् सोलह राज्य भी कहा जाता है) सन् 304 से 439 ईस्वी तक की अराजक अवधि में उत्तरी चीन कई छोटे, अल्पकालिक राजवंशों में विभाजित था। इन राजवंशों की स्थापना "पाँच बर्बर" जातियों द्वारा की गई, जो हान साम्राज्य के पतन के बाद जिंन राजवंश के खिलाफ विद्रोह कर उत्तरी चीन और पश्चीमी चीन में बस गए थे।
"सोलह राज्य" शब्द का पहली बार उपयोग 6वीं शताब्दी के इतिहासकार कुई हांग ने किया था। उन्होंने इसे "शिलिगुओ चुनकीउ" (शब्दिक अनुवाद: सोलह राज्यों के वसंत और शरद ऋतु के इतिहास) में संदर्भित किया। यह शब्द पाँच लियांग, चार यान, तीन किन, दो झाओ, चेंग-हान और ज़िया सहित कुल सोलह राज्यों को दर्शाता है। हालांकि कुई हांग ने उन राज्यों को शामिल नहीं किया जो इस अवधि में अस्तित्व में थे, जैसे रान वेई, झाई वेई, चौची, डुआन क्यूई, क़ियाओ शू, हुआन चू, तुयुहुन और पश्चिमी यान आदि। साथ ही उत्तरी भाग वेई[1] और पूर्वी भाग दाई को भी उन्होंने इस सूची में शामिल नहीं किया क्योंकि उत्तरी वेई को सोलह राज्यों के बाद की अवधि का पहला उत्तरी राजवंश माना गया था। चीन के शास्त्रीय इतिहासकारों ने इस अवधि को "पाँच बर्बर लोगों के सोलह राज्य" (五胡十六国) कहा।
इतिहास
[संपादित करें]167 ई॰ में, डुआन जियों ने चीन के पूर्वी भाग में बसे कियांग प्रांत विरोधी अभियान चलाया[2], कियांग जनसंख्या का नरसंहार के बाद उन्हें उत्तरी चीन की सीमा के बाहर बसने के लिए मजबूर किया। इस संघर्ष ने कियांग लोगों को वृहद क्षेत्र में विस्थापित किया। काओ काओ ने शांक्सी प्रांत के ताइयुआन में जियोनगनू खानाबदोशों को बसाने की नीति अपनाई, ताकि वे सीमा से दूर रहें और विद्रोह की संभावना कम हो।[3]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ पुनिंग लियू (2020). China's Northern Wei Dynasty, 386–535 [सन् 386–535 ई॰ में चीन का उत्तरी वेई राजवंश, अस्तित्व के लिए संघर्ष।] (अंग्रेज़ी भाषा में). Routledge. pp. 86–87. ISBN 9781000283143.
- ↑ कोश्मो, निकोला डि (2009), Military Culture in Imperial China [शाही चीन की सैन्य संस्कृति] (अंग्रेज़ी भाषा में), हार्वर्ड विश्वविद्यालय प्रेस, p. 104
- ↑ डेविड ग्राफ (2003). Medieval Chinese Warfare 300–900 [३००–९०० मध्यकालीन चीनी युद्ध] (अंग्रेज़ी भाषा में). रूटलेज. p. 48. ISBN 1134553536.