सोंग राजवंश

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
सन् ११११ ईसवी में उत्तरी सोंग राजवंश के साम्राज्य का नक़्शा (जामुनी रंग में)

सोंग राजवंश (宋朝, सोंग चाओ, Song Dynasty) चीन का एक राजवंश था, जिसका शासनकाल सन् ९६० ईसवी से सन् १२७९ ईसवी तक चला। यह पाँच राजवंश और दस राजशाहियों के दौर के बाद शुरू हुआ और युआन राजवंश के उभरने पर ख़त्म हुआ। सोंग राजवंश के काल में बहुत प्रशासनिक, सैन्य और वैज्ञानिक प्रगति हुई। यह दुनिया की पहली सरकार थी जिसनें काग़ज़ के नोट छपे और प्रथम चीनी सरकार थी जिसने चीन की एक टिकाऊ नौसेना स्थापित की।[1][2] इसी राजवंश के सत्ताकाल में बारूद का इस्तेमाल सबसे पहले शुरू हुआ और चुम्बक के ज़रिये दिशा बताई जाने लगी।

सोंग राजकाल को दो भागों में बांटा जाता है। उत्तरी सोंग (北宋, Northern Song) राजकाल ९६०-११२७ के दौर में चला। इस दौरान चीन के अंदरूनी भाग पर इस राजवंश का नियंत्रण था और इनकी राजधानी बिआनजिंग शहर थी (जो आधुनिक युग में काईफ़ेंग कहलाता है)। इसके काल के बाद उत्तरी चीन का नियंत्रण सोंग राजवंश से छिनकर जुरचेन लोगों के जिन राजवंश (१११५–१२३४) को चला गया। सोंग दरबार यांग्त्से नदी से दक्षिण में चला गया और वहाँ लिनआन में अपनी राजधानी बनाई (जिसे आधुनिक युग में हांगझोऊ कहते हैं)। इस ११२७ से १२७९ तक के काल को दक्षिणी सोंग काल बुलाया जाता है। इस बाद के काल में, उत्तरी चीन को हारने के बावजूद, सोंग साम्राज्य चलता रहा। चीन की अधिकतर कृषि भूमि पर उन्ही का नियंत्रण था। जिन साम्राज्य से रक्षा करने के लिए बारूद का आविष्कार किया गया। १२३४ में मंगोल साम्राज्य ने जिन राजवंश को हराकर उनके इलाक़ों पर क़ब्ज़ा जमा लिया और फिर सोंग साम्राज्य से भिड़ गया। मोंगके ख़ान (मंगोलों का चौथा ख़ागान, यानि सबसे बड़ा ख़ान शासक) सोंग वंश से लड़ता तो रहा लेकिन १२५९ में मर गया। उसके बाद कुबलई ख़ान ने १२७९ में सोंग को हरा दिया। उसने १२७१ में पहले ही अपने-आप को चीन का सम्राट घोषित कर दिया था इसलिए उसके राजवंश, जिसे युआन राजवंश कहा जाता है, की शुरुआत १२७१ ई मानी जाती है।[3]

इतिहासकारों ने प्राचीन जनगणनाओं से ज्ञात किया है कि सोंग साम्राज्य के आरम्भ में चीन कि आबादी लगभग ५ करोड़ थी, जो वही थी जो पहले के हान राजवंश और तंग राजवंश के ज़मानों में हुआ करती थी। लेकिन सोंग काल में मध्य और दक्षिणी चीन में चावल कि पैदावार फैलने से मिंग राजवंश तक यह बढ़कर २० करोड़ हो चुकी थी। इस काल में अर्थव्यवस्था खुली और कलाएँ भी पनपी। कन्फ़्यूशियाई धर्म और बौद्ध धर्म दोनों विकसित हुए।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. The great wall at sea: China's Navy enters the twenty-first century, Bernard D. Cole, Naval Institute Press, 2001, ISBN 978-1-55750-239-1, ... The high point of naval developments in imperial China was probably during the Song Dynasty ...
  2. History of humanity, Sigfried J. de Laet, UNESCO, 2000, ISBN 978-92-3-102813-7, ... From 1100 onwards, the Song Dynasty started to exploit the explosive potential of gunpowder in the wars with the Jurchen of the Jin ...
  3. Gold: A Cultural Encyclopedia, Shannon L. Venable, ABC-CLIO, 2011, ISBN 978-0-313-38430-1, ... In 1271, Kublai Khan completed the consolidation of his vast empire by conquering the remaining Chinese kingdom of the Southern Song Dynasty and establishing himself as head of the Yüan Dynasty, founding a capital in what is now Beijing ...