सैटर्न
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| सैटर्न Sāturnus | |
|---|---|
समय, धन, कृषि और स्वतंत्रता का देवता | |
| मुख्य पूजास्थल | सैटर्न मंदिर |
| निवास | कैपिटोलाइन पहाड़ी |
| ग्रह | शनि[1] |
| चिह्न | दरांती, हंसिया, घूंघट |
| दिवस | शनिवार |
| उत्सव | सैटर्नेलिया |
| वंशावली | |
| माता-पिता | सीलस और टेरा |
| सहोदर | जैनस, ऑप्स |
| जीवनसाथी | ऑप्स |
| संतान | जुपिटर, नेप्च्यून, प्लूटो, जूनो, सिरीस, और वेस्टा |
| प्रतिरूप | |
| इट्रस्कन | सैट्रे |
| यूनानी | क्रोनस |
सैटर्न (लातिन: Sāturnus) प्राचीन रोमन धर्म का एक देवता था। उसे समय, पीढ़ी, धन, कृषि, प्रचुरता और स्वतंत्रता का देवता माना गया। रोमन पौराणिक कथायें में, सैटर्न के शासनकाल को स्वर्ण युग माना गया, जो प्रचुरता और शांति से भरा था। यह यूनानी देव क्रोनस के समान है। सैटर्न की पत्नी उसकी बहन ऑप्स थी, जिससे वह जुपिटर, नेप्च्यून, प्लूटो, जूनो, सिरीस और वेस्टा का पिता बना।
सैटर्न का जश्न हर दिसंबर सैटर्नेलिया के त्योहार के समय मनाया गया था, जिस समय लोग एक दूसरे को उपहार देते थे।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Evans, James (1998). The History and Practice of Ancient Astronomy. Oxford University Press. pp. 296–7. ISBN 978-0-19-509539-5. अभिगमन तिथि: 2008-02-04.