सुमेरियन राजा सूची
| सुमेरियन राजा सूची | |
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एशमोलियन संग्रहालय (ऑक्सफोर्ड) में रखा गया 'वेल्ड-ब्लंडेल प्रिज्म', जो इस सूची का सबसे प्रसिद्ध और पूर्ण संस्करण है। | |
| सामग्री | पकी हुई मिट्टी |
| काल | कांस्य युग (लगभग 2000 ईसा पूर्व) |
| खोज | मेसोपोटामिया (आधुनिक इराक) |
| अवस्थिति | एशमोलियन संग्रहालय, ऑक्सफोर्ड |
| भाषा | सुमेरियन |
सुमेरियन राजा सूची प्राचीन मेसोपोटामिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दस्तावेज़ है। सुमेरियन भाषा में लिखी गई इस सूची में प्राचीन सुमेर (आधुनिक दक्षिणी इराक) और उसके पड़ोसी राज्यों के राजाओं के नाम, उनके शासनकाल की अनुमानित अवधि और उनकी राजधानियों का विस्तृत विवरण दर्ज़ है। यह कोई साधारण ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है; इसमें पौराणिक कथाओं, किंवदंतियों और वास्तविक ऐतिहासिक तथ्यों का एक अनूठा सम्मिश्रण देखने को मिलता है। इस सूची का मुख्य वैचारिक आधार यह मान्यता है कि 'राजपद' (Kingship) एक दैवीय उपहार है जिसे देवताओं द्वारा सीधे स्वर्ग से धरती पर भेजा गया था।[1]
उत्पत्ति और वैचारिक आधार
[संपादित करें]इस दस्तावेज़ के अनुसार, राजपद की शुरुआत स्वर्ग से हुई और सत्ता समय-समय पर सैन्य विजय या दैवीय इच्छा के माध्यम से एक शहर से दूसरे शहर में स्थानांतरित होती रही। अधिकांश इतिहासकारों का मत है कि इस सूची का संकलन 'इसां-लारसा' काल (लगभग 2000 ईसा पूर्व) के दौरान किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सुमेर के विभिन्न स्वतंत्र शहरों को एक ही राजनीतिक सूत्र में पिरोना और तत्कालीन शासकों (विशेषकर इसिन राजवंश) की सत्ता को प्राचीन और पूरी तरह से वैध ठहराना था।[2]
जलप्रलय से पहले के राजा
[संपादित करें]सुमेरियन राजा सूची की सबसे दिलचस्प और विवादास्पद विशेषताओं में से एक 'जलप्रलय' से पहले के शासकों का वर्णन है। सूची के शुरुआती हिस्से में उन राजाओं का उल्लेख है जिन्होंने सुमेर पर अत्यंत लंबी और अवास्तविक अवधियों तक शासन किया। उदाहरण के लिए, एरिदु शहर के राजा अलुलिम के बारे में लिखा है कि उसने 28,800 वर्षों तक शासन किया। इन अतिशयोक्तिपूर्ण आँकड़ों को इतिहासकार किसी वास्तविक समय-गणना के बजाय पौराणिक और प्रतीकात्मक महत्व का मानते हैं, जो शासक की दिव्यता को दर्शाने का एक प्राचीन तरीका था।[3]
जलप्रलय और ऐतिहासिक शासक
[संपादित करें]सूची में एक स्पष्ट ऐतिहासिक विभाजन रेखा 'महान जलप्रलय' की घटना है। दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है: "और फिर जलप्रलय ने धरती को अपनी चपेट में ले लिया।" प्रलय के बाद, राजपद फिर से स्वर्ग से उतरा और किश शहर में स्थापित हुआ। प्रलय के बाद के राजाओं का शासनकाल धीरे-धीरे कम और यथार्थवादी होने लगता है। इसी हिस्से में हमें उरुक के राजा गिलगमेश और किश के राजा एन्नमेबारेगेसी जैसे प्रतापी शासकों के नाम मिलते हैं, जिनकी ऐतिहासिकता की पुष्टि आधुनिक पुरातात्विक साक्ष्यों द्वारा की जा चुकी है।[4]
वेल्ड-ब्लंडेल प्रिज्म
[संपादित करें]हालाँकि समय के साथ इस राजा सूची की कई प्रतियों के अंश प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसका सबसे पूर्ण और प्रसिद्ध संस्करण 'वेल्ड-ब्लंडेल प्रिज्म' है। यह एक चौकोर मिट्टी का स्तंभ है जिसे 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविदों द्वारा खोजा गया था। वर्तमान में यह ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एशमोलियन संग्रहालय में सुरक्षित है। यद्यपि आधुनिक इतिहासकार सुमेरियन राजा सूची का उपयोग तिथियों के सटीक कालक्रम के लिए नहीं करते हैं, लेकिन प्राचीन मेसोपोटामिया की राजनीतिक विचारधारा, उनके ऐतिहासिक दृष्टिकोण और उनकी किंवदंतियों को समझने के लिए यह एक अमूल्य पुरातात्विक स्रोत बना हुआ है।[5]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ Jacobsen, Thorkild (1939). The Sumerian King List.
- ↑ Kramer, Samuel Noah (1963). The Sumerians: Their History, Culture, and Character.
- ↑ Michalowski, Piotr (1983). "History as Philology and Philology as History: The "Sumerian King List"". Journal of the American Oriental Society. 103 (1): 237–248. डीओआई:10.2307/601874.
- ↑ Van De Mieroop, Marc (2004). A History of the Ancient Near East, ca. 3000-323 BC. Blackwell Publishing. pp. 41–43. ISBN 978-0631225522.
- ↑ "Weld-Blundell Prism". Ashmolean Museum Collection. अभिगमन तिथि: 16 जून 2026.
बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- ETCSL: The Sumerian king list - ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का इलेक्ट्रॉनिक टेक्स्ट कॉर्पस (अंग्रेज़ी अनुवाद)