सुक्तिमती के चेदी-चन्देल राजवंश

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चेदी-चन्देल
सुक्तिमती के चेदी-चन्देल राजवंश

10 लाख ईसा पूर्व–6वीं ई.

चेदी-चन्देल राजवंश का शाही चिन्ह

राष्ट्रिय ध्येय
जयति पितामह श्रीमन् नारायण
राजधानी कालिंजर (सैन्य राजधानी)
चन्देरी (राजस्व राजभवन)
भाषाएँ संस्कृत
धार्मिक समूह हिन्दू धर्म (शैव एवं वैष्णव)
शासन साम्राज्य
सम्राट या राजा
 -  10,00,000, मध्य त्रेतायुग (पुराण के अनुसार) वृष्णि
 -  7ई. हैहयराय गोविंदवर्मन चन्देल
ऐतिहासिक युग वैदिक भारत
 -  स्थापित 10 लाख ईसा पूर्व
 -  अंत 6वीं ई.
आज इन देशों का हिस्सा है:  भारत
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सुक्तिमती के चेदी-चन्देल राजवंश वैदिक भारत के चेदी जनपद का प्रसिद्ध यादव राजपुत्र राजवंश था, महापुराणों के अनुसार इन्होने मध्य त्रेतायुग से 5 वीं शताब्दी तक मध्य-भारत पे शासन किया। सुक्तिमती के चेदी-चन्देल राजवंश की स्थापना हैहयवंशी यादव राजा वृष्णी ने की थी। राजा चिदी और राजधानी चन्देरी का बाद इस राजवंश का नाम चेदी-चन्देल हो गया। चेदी-चन्देलो द्वारा शासित क्षेत्र चेदी कहलाता था। चेदी-चन्देल राजाओं की राजधानी सुक्तिमती एवं चन्देरी, चेदी थी।[1][2][3][4]

उत्पत्ति[संपादित करें]

श्रीमदभगवद्भमहापुराण के अनुसार, यदुकुल के हैहयवंशी क्षत्रिय, भगवान कार्तवीर्य अर्जुन के प्रपुत्र वृष्णी को भगवान परशुराम ने महिष्मति का सम्राट बनाया था। राजा वृष्णी ने इक्ष्वाकुवंश के राजाओं को मार के अपने बड़े भाई वितीहोत्र (कालांतर कलचुरी) की मृत्यु का बदला लिया और उनके पुत्र को महिष्मति का राजा बना साम्राज्य का आधा विभाजन कर दिया। महाराज वृष्णी ने दक्षिण महिष्मति में नया राज्य बसाया जो राजा सुक्तिमत के बाद सुक्तिमती हो गया।

वंशावली[संपादित करें]

कार्तवीर्य अर्जुन

  • मधु
  • 1. वृष्णी (श्रीमद्भागवत जैसे हिंदू पुराणों के अनुसार पृथ्वी के चक्रवर्ती राजा, इक्ष्वाकुवंशीयो और उनके दानव सहयोगियों का नरसंहार किया था।
  • 2. रोमपद
  • 3. बभरू
  • 4. कृति
  • 5. उशिका
  • 6. विदर्भ
  • 7. चेदि चेदी जनपद एवं चेदी राजवंश के संस्थापक)
  • 8. सुबाहु प्रथम
  • 9. वीरबाहु
  • 10. सुबाहु द्वितीय
  • 11. तमन्ना (भगवान राम के समकालीन)

★ सामंत राजा या ज्यादा महान न होने के कारण वंशावली का पुराणों में उल्लेख नही है।

  • 62. अक्षबाहू
  • 63. प्रतगृहा
  • 64. दमघोष
  • 65. शिशुपाल (चन्देरी किले के संस्थापक, राजधानी बनाने के बाद वंश का नाम चन्देल पड़ना)
  • 66. दृष्ठकेतु
  • 67. सुवेतुवर्मन
  • 68. घोषकेतुवर्मन

★ महाभारत काल से लेके 6वी शताब्दी तक कुल 164 हैहयवंशी चेदी-चन्देल राजाओं का सामंती या स्वतंत्र शासन था।

Reffrence[संपादित करें]

Reffrence[संपादित करें]

  1. Mitra, Sisir Kumar (1977). The Early Rulers of Khajur (Second Revised Edition) (अंग्रेज़ी में). Motilal Banarsidass Publ. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-81-208-1997-9.
  2. Edwin Thomas Atkinson 1971, पृ॰ 504.
  3. Kuśa rājavaṃśa pradīpa & kr̥shṇapāla Siṃha, ‎Rāma Sahāya Brahma Bhaṭṭa, ‎Baśīra Ahamada 1976, पृ॰ 55.
  4. Nimara ka samskrtika itihasa & Ramnarayan Upadhyay 1980, पृ॰ 17.