सिविल सेवा परीक्षा

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सिविल सेवा परीक्षा भारत की एक प्रतियोगी परीक्षा है जिसके परिणाम के आधार पर भारत सरकार केंद्रीय व राज्य प्रशासन के लिया सिविल सेवाओं के अधिकारी (जैसे जिलाधिकारी) IPS पुलिस अधिकारी चुने जाते हैं। UPSC प्रत्येक वर्ष सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करती है। UPSC की सिविल सर्विस परीक्षा का सम्पूर्ण चक्र वर्ष का होता है।

सिविल सेवा परीक्षा की योग्यता [1][संपादित करें]

  • नागरिकता:- भारतीय नागरिक होना
  • शिक्षा:- स्नातक की डिग्री
  • सिविल सेवा परीक्षा की योग्यता के बारे में अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन जरूर पढ़े।
  • आयु सीमा:- न्युनतम 21 वर्ष और अधिकतम 32 ( सामान्य वर्ग के लिये ) |
  • उपर्युक्त आयु सीमा परीक्षा वर्ष के 1 अगस्त को पूरी हो गई हो | यह आयु सीमा आरक्षित जातियों और रक्षा सेवाओं के लिए यह परिवर्तनीय है |
  1. पिछड़ा वर्ग (OBC) उपरी आयु सीमा 35 वर्ष ,
  2. अनुसूचित जाती (SC) और अनुसूचित जनजाति के लिए उपरी आयु सीमा 37 वर्ष निर्धारित की गई है |
  3. रक्षा सेवाओं के दौरान किसी गतिविधि में शारीरक अपंगता के लिए उपरी आयु सीमा में 40 वर्ष की छुट दी गई है | आप अपनी आयु सीमा इस वेबसाइट पर देख सकते हैं |

सिविल सेवा परीक्षा शुल्क[संपादित करें]

महिला/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/विकलांग ₹ 0/- निशुल्क
अन्य सभी वर्ग ₹ 100/-

सिविल सेवा परीक्षा का आवेदन केवल UPSC की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जा सकता है

प्रकिया[संपादित करें]

सिविल सेवा परीक्षा में तीन स्तर होते हैं।

  • प्रारंभिक परीक्षा
  • मुख्य परीक्षा
  • साक्षात्कार

प्रारंभिक परीक्षा परीक्षा पैटर्न प्रारंभिक परीक्षा मूल रूप से अगले चरण "मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को चयनित करने के लिए" एक अनुवीक्षण परीक्षा के रूप में कार्य करती है। प्रारंभिक परीक्षा में कुल 400 अंकों के लिए दो वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्नपत्र (बहुविकल्पीय प्रश्न) होते हैं। प्रत्येक पेपर में 200 अंक और दो घंटे आवंटित किए गए हैं। हालांकि, नेत्रहीन उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर के लिए अतिरिक्त 20 मिनट प्रदान किए जाएंगे। चूंकि यह एक अर्हक परीक्षा है, इसलिए इस परीक्षा में प्राप्त अंकों की गणना किसी उम्मीदवार की योग्यता के अंतिम क्रम को निर्धारित करने के लिए नहीं की जाती है यदि वह मुख्य परीक्षा के लिए भी उत्तीर्ण होता है। प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में चुना जाता हैं और दूसरा पेपर प्रशासनिक सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT) के रूप में जाना जाता है उनमे पास होने के लिए 33% अंक अनिवार्य हैं। अन्यथा मुख्य परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को चयनित नहीं हो सकते।

मुख्य परीक्षा परीक्षा पैटर्न मुख्य परीक्षा में योग्यता के लिए 2 अहर्ता प्रश्नपत्र और 7 प्रश्नपत्र होंगे। सभी 9 पेपरों में निबंधात्मक -प्रकार के प्रश्न होंगे। सात पत्रों में से प्रत्येक के लिए प्रश्न पत्र पारंपरिक (निबंध) प्रकार का होगा और तीन घंटे आवंटित होगा। प्रश्न पत्र केवल अंग्रेजी और हिंदी में निर्धारित किया जाता है (भाषा पत्र के साहित्य को छोड़कर)। प्रत्येक प्रशासनिक सेवा मुख्य परीक्षा के पेपर के विस्तृत पाठ्यक्रम के लिए, कृपया देखें: https://web.archive.org/web/20121211154856/http://www.upsc.gov.in/


व्यक्तित्व परीक्षण / साक्षात्कार उम्मीदवार का साक्षात्कार एक पैनल द्वारा लिया जाता है जिनके पास उम्मीदवार का शैक्षणिक रिकॉर्ड पहले से होगा। यह 275 अंकों का होता है, जिसे मुख्य परीक्षा के अंको में जोड़ा जाता है। मूल रूप से, साक्षात्कार न केवल बौद्धिक गुणों का आकलन है, बल्कि सामाजिक लक्षणों और वर्तमान मामलों में रुचि उम्मीदवार की रूचि का भी प्ररीक्षण भी करता है।

साक्षात्कार पैनल द्वारा जांचे जाने वाले कुछ गुण इस प्रकार हैं:

  • मानसिक सतर्कता
  • आत्मसात की महत्वपूर्ण शक्तियां
  • स्पष्ट और तार्किक प्रदर्शन
  • निर्णय का संतुलन
  • विविधता और रूचि की गंभीरता
  • सामाजिक सामंजस्य और नेतृत्व की क्षमता
  • बौद्धिक और नैतिक अखंडता

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. admin (2018-10-02). "Civil Service Exam की योग्यता, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस की सम्पूर्ण जानकारी". Exams' wrestlers (English में). अभिगमन तिथि 2020-05-30.सीएस1 रखरखाव: नामालूम भाषा (link)

सिविल सेवा परीक्षा की योग्यता[1]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

PCS परीक्षा की तैयारी कैसे करे?


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