सिन्टरण

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सिण्टरण से बनी एक चक्की

चूर्ण (पाउडर) से आरम्भ करके तथा दाब या ऊष्मा के द्वारा (किन्तु द्रवण ताप तक ले जाए बिना) कोई ठोस पदार्थ बनाना सिन्टरण (Sintering) कहलाता है।

सिंटरण, परमाणवीय विसरण (diffusion) पर आधारित है। सभी पदार्थों में परम शून्य ताप से अधिक ताप पर विसरण होता है किन्तु अधिक ताप पर विसरण अधिक तेजी से होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सिन्टरण की अधिकांश प्रक्रियाओं में पाउडर को मोल्ड में रखकर उसे गलनांक से कुछ नीचे ताप तक गरम किया जाता है। उच्च ताप पर पाउडर कणों में स्थित परमाणु कणों की सीमा पार करके दूसरे कनों के साथ जा मिलते हैं और इस प्रकार एक ठोस वस्तु बन जाती है। चूंकि इस प्रक्रिया में गलनांक तक गरम करने की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए सिन्टरिंग प्रक्रिया विशेष रूप से उन पदार्थों की स्वरूपण (shaping) के लिए बहुत उपयोगी है जिनका गलनांक अत्यन्त अधिक होता है (जैसे टंगस्टन, मॉलीब्डेनम और फेराइट)।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

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