सिग्नेचर ब्रिज

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सिग्नेचर ब्रिज
Signaturebridgenedelhi.png
निर्देशांक28°42′19″N 77°14′02″E / 28.7053°N 77.2340°E / 28.7053; 77.2340निर्देशांक: 28°42′19″N 77°14′02″E / 28.7053°N 77.2340°E / 28.7053; 77.2340
ले जाता है8 lanes, pedestrians and bicycles
स्थानीयदिल्ली, भारत
आधिकारिक नामSignature Bridge
विशेषता
डिजाइनCable-stayed bridge
सामग्रीSteel and Concrete
कुल लंबाई675 मीटर (2,215 फीट)
चौड़ाई35.2 मीटर (115 फीट)
ऊँचाई165 मीटर (541 फीट)
Longest span251 मीटर (823 फीट)
इतिहास
डिजाइनरConstruma Consultancy Pvt Ltd, Mumbai (foundations), Ratan J. Batliboi - Consultants Pvt Ltd, Mumbai (architectural advisor)
निर्माण शुरू2004
शुरू हुआNovember, 2018 [1]
सिग्नेचर ब्रिज की नई दिल्ली के मानचित्र पर अवस्थिति
सिग्नेचर ब्रिज
सिग्नेचर ब्रिज
Location in नई दिल्ली

सिग्नेचर ब्रिज दिल्ली, भारत में सेतु है।[2] इस सेतु का निर्माण दिल्ली के वज़ीराबाद में यमुना नदी पर किया किया गया है | हैस सेतु के निर्माण को दिल्ली मन्त्रीमण्डल द्वारा २३ फ़रवरी २०१० को स्वीकृति दी गई थी।[3] इस सेतु के निर्माण की कुल लागत १,१२८ करोड़ या ११.२८ अरब रुपए अनुमानित है।[4] यमुना नदी पर निर्माणाधीन यह सेतु दिल्ली का पहला रज्जु कर्षण सेतु होगा। पुल का उद्घाटन 4 नवंबर 2018 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मौजूदा संकीर्ण और जबरदस्त पुराने वजीराबाद पुल पर यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से किया था। यह देश का पहला असममित केबल-रक्षित पुल है। हस्ताक्षर पुल दिल्ली में सबसे ऊंची संरचना है और 154 मीटर ऊंचे देखने वाले बॉक्स के साथ कुतुब मीनार की ऊंचाई दोगुना है, जो लोगों के लिए स्वस्थ बिंदु के रूप में कार्य करता है। यह उत्तर और पूर्वोत्तर दिल्ली के बीच यात्रा के समय को कम करता है।

१९९७ में सर्वप्रथम सुझाये गये इस पुल की अवधारणा २००४ में जाकर बन पायी, और फिर २००७ में दिल्ली कैबिनेट द्वारा इस परियोजना को अनुमोदित किया गया। वैसे तो इसका निर्माण २०१० में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमण्डल खेलों से पहले ही पूरा हो जाना था, लेकिन पर्यावरण मंजूरी न मिल पाने से यह परियोजना शुरू के कई वर्षों तक अधर में रही । आखिरकार २०११ में निर्माण कार्य शुरू हुआ, और इसकी समय सीमा दिसंबर २०१३ तय की गई। निर्माण कार्य पूरा न हो पाने की वजह से समापन तिथि को बाद में जून २०१६ और फिर जुलाई २०१७ तक आगे बढ़ा दिया गया। जुलाई २०१७ में दिल्ली सरकार ने इस परियोजना के लिए १०० करोड़ रुपये जारी किए और मार्च २०१८ की एक नई समयसीमा तय की, जिसे बाद में अप्रैल २०१८, जून २०१८ और फिर अक्टूबर २०१८ तक आगे बढ़ा दिया गया।

तकनीकी बातें[संपादित करें]

सिग्नेचर ब्रिज यमुना के पश्चिमी किनारे पर स्थित राष्ट्रीय महामार्ग-१ को पूर्वी किनारे पर स्थित वज़ीराबाद रोड से जोड़ेगा।[5]

इसका मध्य स्तम्भ १७५ मीटर ऊँचा होगा[6] जो दिल्ली में स्थित किसी भी इमारत की सर्वाधिक ऊँचाई है। इसपर दो भूमिगत मार्ग, फ़ुटपाथ और साइकिल पथ भी होंगे। इसके अतिरिक्त इसपर दोहरे चार-लेन के सड़कमार्ग बनाए जाएंगे जिनमे से प्रत्येक १४ मीटर चौड़ा होगा और मध्य में १.२ मीटर चौड़ी मध्यपट्टी होगी; केबलों को गाँठने के लिए स्थान, रखरखाव पैदलमार्ग और मध्यपट्टी के दोनों किनारों पर टक्कर अवरोधक भी बनाए जाएंगे। इस पुल का मुख्य स्पैन २५१ मीटर का होगा और दोनों किनारों पर अभिगमन स्पैन प्रत्येक ३६ मीटर का होगा।

इस सेतु के दिसम्बर २०१३ तक खुल जाने का अनुमान है।[7]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "New deadline, Signature Bridge style..." Times of India. 4 July 2018. अभिगमन तिथि 7 July 2018.
  2. "हंगामे के बीच सीएम केजरीवाल ने दिल्लीवासियों को दिया दिवाली गिफ्ट, किया सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन".
  3. Nod for Delhi’s 1,128-crore ‘signature bridge’ (अंग्रेज़ी)
  4. Nod for Delhi’s 1,128-crore ‘signature bridge’ (अंग्रेज़ी)
  5. Who will build Signature Bridge? (अंग्रेज़ी)
  6. सिग्नेचर ब्रिज प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी बिज़नेस भास्कर
  7. A Bride Across The River (अंग्रेज़ी)

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]