साहित्यिक यथार्थवाद

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

यथार्थवाद के प्रवर्त्तक हंगरी के प्रसिद्ध दार्शनिक और साहित्यिक आलोचक जॉर्ज लुकाच माने जाते हैं। यथार्थवाद मुख्य रूप से सत्य पर बल देने वाली विचारधारा है। इस विचारधारा के अंतर्गत यथार्थवाद के कई रूप देखने को मिलते हैं। जैसे-

  1. समाजवादी यथार्थवाद
  2. अतियथार्थवाद
  3. जादुई यथार्थवाद
  4. आदर्शोन्मुख यथार्थवाद

इन्हें भी देखें[संपादित करें]