सारला दास

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कटक में सारळा साहित्य संसद (कटक) के सम्मुख स्थित सारला दास की मूर्ति

सारला दास ओड़िया के महान कवि थे जिन्होने ओडिया में महाभारत तथा बिलङ्का रामायण की रचना की। उनका समय पन्द्रहवीं शती का है। उन्हें ओड़िया का आदिकवि कहा जाता है।

जीवन परिचय[संपादित करें]

सारला दास का जन्म ओड़िशा के जगत सिंह जिला में 'तेन्तुलिपदा' नामक स्थान पर हुआ था। उनका मूल नाम 'सिद्धेश्वर परिड़ा' था।

कृतियाँ[संपादित करें]

  • महाभारत
  • बिलंका रामायण
  • चण्डीपुराण

महाभारत[संपादित करें]

सारला दास द्वारा रचित महाभारत में भी संस्कृत महाभारत के समान १८ पर्व हैं। किन्तु अनेक स्थानों पर सारला दास ने अपनी मौलिकता दर्शाते हुए अनेक प्रसंग जोड़े हैं।

संस्कृत महाभारत के १८ पर्व सारलाकृत महाभारत के १८ पर्व
  1. आदिपर्व
  2. सभापर्व
  3. अरयण्कपर्व
  4. विराटपर्व
  5. उद्योगपर्व
  6. भीष्मपर्व
  7. द्रोणपर्व
  8. कर्णपर्व
  9. शल्यपर्व
  10. सौप्तिकपर्व
  11. स्त्रीपर्व
  12. शांतिपर्व
  13. अनुशासनपर्व
  14. अश्वमेधिकापर्व
  15. आश्रम्वासिकापर्व
  16. मौसुलपर्व
  17. महाप्रस्थानिकपर्व
  18. स्वर्गारोहणपर्व
हरिवंशपर्व (खिलभाग)
  • १ आदिपर्ब
  • २ मध्य पर्ब
  • ३ सभापर्ब
  • ४ बनपर्ब
  • ५ बिराट पर्ब
  • ६ उद्योग पर्ब
  • ७ भीष्म पर्ब
  • ८ द्रोण पर्ब
  • ९ कर्ण्ण पर्ब
  • १० शल्य पर्ब
  • ११ गदा पर्ब
  • १२ ऐषिक या काइँशिका पर्ब
  • १३ नारी पर्ब
  • १४ शान्ति पर्ब
  • १५ आश्रमिक पर्ब
  • १६ अश्बमेध पर्ब
  • १७ मूषळि पर्ब
  • १८ स्बर्गारोहण पर्ब