सारडे

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सारडे गाँव मुंबई शहर के नजदिकी उरण तेहसिल में बसा आगरी समाज एक गाँव है। गाव टेकडी पे बसाँ हुआ हैं। गांव के दक्षिणी छोर पे तालाब और तालाब के उत्तर दिशा में रायगड जिल्हा परिषदकी पाठशाला हैं। तथां पुर्व में ग्रामपंचायत का ऑफिस हैं। यह तालाब अंतरिक्ष से बादाम के आकार का दिखता हैं। ईस तालाब मैं कई प्रकारके मछली है। जिताडा नाम की मछली यहाँ कि विशेष आकर्षण हैं | श्री.धीरज भोईर द्वारा सारडे गावकी देवी कोमनादेवी शिलामृर्ती देवी भैरवीसे मेल खाने के प्रमाण मिले है | जोकी भगवान भैरव और देवी भैरवी एक साथ प्रकट हुये है | मात्र इस बातपर अभितक गाँववाले सहमत नही हैं,उनके अनुसार यह सिर्फ ग्रामदेवता है |

जनजीवन[संपादित करें]

यहाँ पानी को अत्यांधिक महत्व दिया जाता है। यहां के बहुत सारे लोग खेतीपर निर्भर हैं। यहाँ के किसानों ने बहुत सारे आम के बगीचे लगाये हुये हैं। मासेमारी और अन्य व्यवहारीक कार्यों द्वारा भी अपना गुजर बसर करते हैं। रोजगार और व्यापार के लिए यहाँ के लोग मुंबई और अन्य उपनगरों मे जाके बसे हैं। गाँव में एक सानवी उपाहारगृह है। जहाँ आप चिनी पाककृतीयों का स्वाद ले सकते हैं , इसके अलावा मद्यपान करने के लिए बियरशॉप उपलब्ध है। विशेष हेअर स्टाईल प्राप्त करने के लिए सलुनकी दुकान है। यहाँ अत्यांधिक महत्व क्रिकेट नामक खेल को दिया जाता है , गाँव में बहुत सारी क्रिकेट टीम हैं जैसे कि जय हनुमान , विघ्नेश्वर ,विघ्नहर्ता , बि.एन.भोईर स्पोर्ट्स , यहाँ कि विशेषता यह हैं, ओवरआर्म और अंडरआर्म दोनो प्रकारके टेनिस क्रिकेट को उतनाही महत्व दिया जाता हैं | तथाँ अंडरआर्म क्रिकेटके लिए यहांपे गावकरीयोंके बाग में एस.पि.एल नामक स्पर्धा सारडे विकास मंच द्वारा आयोजित कियी जाती हैं। जिसका पुर्ण अर्थ हैं सारडे प्रिमयर लिग .

गाँव में श्रीराधाकृष्णामंदिर , हनुमानमंदिर तथाँ शिवमंदिर यह प्रमुख मंदिर हैं। इसके अलावा गाँव कि दक्षिणी छोर में प्राचिन समय का बहिरीदेव का मंदिर हैं , तथा पश्चिम में कोमनादेवी और बाया नामक देवकन्यायोंके स्थान क्षेत्र हैं |

 सारडे विकास मंच [संपादित करें]

सारडे विकास मंच सारडे गाँव की एक ग्रॉम वासिंयोकी तरफसे निर्माण कियी गई सामाजिक संस्था हैं।

सन्दर्भ[संपादित करें]