सादड़ी

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(सादडी से अनुप्रेषित)
Jump to navigation Jump to search
सादड़ी
समय मंडल: आईएसटी (यूटीसी+५:३०)
देश Flag of India.svg भारत
राज्य राजस्थान
ज़िला पाली
जनसंख्या 24,403 (2001 के अनुसार )
क्षेत्रफल
ऊँचाई (AMSL)

• 221 मीटर (725 फी॰)

निर्देशांक: 25°11′N 73°26′E / 25.18°N 73.43°E / 25.18; 73.43

सादडी राजस्थान राज्य के पाली जिले की देसुरी तहसील का एक नगर है, जो कि अरावली की पहाड़ियों की गोद मे बसा हुआ है।

यह क़स्बा विभिन्न भागों में बटा हुआ है। जाटो की डोरण, राजपूत कॉलोनी, अम्बेडकर नगर, नई आबादी, विश्वकर्मा कॉलोनी, चौहानो का बांग्ला, सिंधलो का रावला, राठौड़ो का रावला, वागरियो का झुपा,बारली सादड़ी आदि इसके भाग हैं। [1]

चौहानो का बांग्ला,सिंधलो का रावला,राठौड़ो का रावला ,राजपूत कॉलोनी आदि के कारण सादडी और रणकपुर सभी कॉम का वर्चस्व वाला क्षेत्र है।

प्रशासन[संपादित करें]

सादड़ी एक नगरपालिका है। पाली जिले का सबसे बड़ा नगर पालिका क्षेत्र भी है इसके अन्तरगर्त भादरास गाँव भी सम्मिलित है। वर्तमान मे यहाँ नगरपालिका अध्यक्ष दिनेश कुमार मीणा है जो कि पार्षदों द्वारा निर्वाचित किए गए हैं वर्तमान में सादड़ी नगरपालिका में 35 वार्ड कर दिए गए हैं|

इतिहास[संपादित करें]

वह धन्य देश की माटी है, जिसमें भामा सा लाल पला। उस दानवीर की यश गाथा को, मेट सका क्या काल भला॥

सादड़ी इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण नगर रहा है यहां पर राजस्थान के अमरनाथ कहलाने वाले *परशुराम महादेवजी* का मंदिर है यहां पर श्रावण शुक्ला षष्ठी को प्रतिवर्ष मेला लगता है जिसमें राजस्थान के तमाम भजन गायक अपनी हाजिरी प्रस्तुत करते सादड़ी वर्तमान पाली जिले जोधपुर संभाग में स्थित है लेकिन रियासत काल में यह मेवाड़ रियासत के अंदर था महाराणा प्रताप को धन भेंट करने वाले दानवीर भामाशाह की यह जन्म भूमि भी है भामाशाह के पिता जी भारमल और उनके बड़े भाई ताराचंद जी कावेडिया थे ताराचंद जी की और भामाशाह की यहां पर बावड़ी बनी हुई है ऐसा कहा जाता है कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को इन्होंने इनकी पूरी निजी संपत्ति दे दी थी इसलिए सादडी को साहूकारों की सादड़ी भी कहते हैं| विश्व प्रसिद्ध राणकपुर जैन मंदिर भी इसी नगर के अंतर्गत है | जिसका निर्माण सेठ धरनक शाह/ अर्थात धन्ना सेठ ने कराया था यह महाराणा कुंभा के समय मैं बनाया गया यहां पर रणकपुर प्रस्तुति की भी रचना की गई इस मंदिर का वास्तुकार दीपक था इस मंदिर का निर्माण 1439 ईसवी में किया गया इस मंदिर के अंदर 1444 खंभे है इस मंदिर की विशेषता है कि किसी भी जगह से खड़े होकर भगवान की मूर्ति देखो तो कोई भी खंबा बीच में नहीं आता यह मंदिर मगाई नदी के किनारे रणकपुर बांध के अंतिम छोर पर स्थित है इस मंदिर को इतिहास में वनों का स्तंभ भी कहा जाता है यहां पर रणकपुर बांध भी है जो पाली जिले का दूसरा सबसे बड़ा बांध है जो जोधपुर दरबार के अधीन है इसका कुल गेज 62 फीट 4 पत्ती है यहां पर बड़े-बड़े उद्योगपतियों का भी जन्म हुआ यहां पर cello ग्रुप के मालिक घीसू लाल जी बदामिया की भी यह जन्मभूमि जिनका हाल ही में निधन हो चुका है

फ्लेयर ग्रुप के मालिक भी यहीं के निवासी हैं और सोने के शर्ट बनाने वाला रांका ज्वेलर्स के मालिक की भी जन्मभूमि है किलर जींस ग्रुप के मालिक भी यहीं के निवासी है

यहां पर रणकपुर जैन मंदिर की वजह से प्रतिदिन फोरेनर पब्लिक बहुत अधिक आती है यहां पर एक हॉस्पिटल बोन एंड ज्वाइंट का आसपास के इलाकों में प्रसिद्ध है यहां पर दो सरकारी हॉस्पिटल भी हैं और एक पशुओं का हॉस्पिटल भी है सादड़ी के अंदर आने के लिए तीन रोड जुड़े हुए हैं जो एक सादड़ी से उदयपुर को जोड़ता है राणकपुर घाट से होकर दूसरा सादड़ी से फालना जोधपुर और तीसरा राजस्थान सादड़ी से देसूरी घाट की तरफ जाता है| यहां पर एक बड़ा बस स्टैंड भी है जहां पर प्रत्येक बस 10 मिनट कम से कम रूकती है

  1. https://www.google.co.in/maps/place/Sadri,+Rajasthan+306702/@25.1826892,73.4548846,15z/data=!4m2!3m1!1s0x39429e060d6fc78b:0x7d4a558cc49a7c2