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साइनाइट

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सायेनाइट
आग्नेय शैल चट्टान
बनावट
क्षारीय फेल्डस्पार, प्लैजियोक्लेस, कम मात्रा में क्वार्ट्ज
सायेनाइट शैल का नमूना
QAPF आरेख में सायेनाइट की संरचना

सायेनाइट एक प्रकार की अंतर्वेधी शैल आग्नेय शैल है जिसकी संरचना ग्रेनाइट से मिलती-जुलती होती है, लेकिन इसमें क्वार्ट्ज बहुत कम मात्रा में पाया जाता है।[1] यह सामान्यतः मोटे दानों वाली शैल होती है और इसमें मुख्य रूप से फेल्डस्पार खनिज पाए जाते हैं।

सायेनाइट को ग्रेनिटॉइड समूह की शैलों में रखा जाता है। इसकी बाहरी ज्वालामुखीय समकक्ष शैल ट्रैकाइट मानी जाती है।[2]

सायेनाइट में मुख्य रूप से ऑर्थोक्लेस और अन्य क्षारीय फेल्डस्पार पाए जाते हैं। इसमें प्लैजियोक्लेस की मात्रा कम होती है तथा क्वार्ट्ज बहुत कम या अनुपस्थित रहता है।[3]

कुछ सायेनाइट शैलों में एम्फिबोल, हॉर्नब्लेंड, बायोटाइट तथा पायरॉक्सीन जैसे गहरे रंग के खनिज भी पाए जाते हैं। सहायक खनिजों में एपेटाइट, जिरकॉन और टाइटेनाइट सम्मिलित हो सकते हैं।

निर्माण

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सायेनाइट का निर्माण सामान्यतः पृथ्वी की मोटी महाद्वीपीय परतों में मैग्मा के धीरे-धीरे ठंडा होने से होता है।[4]

यह शैल कम स्तर के आंशिक गलन (Partial Melting) से भी बन सकती है। जब मैग्मा में सिलिका की मात्रा कम हो जाती है, तब सायेनाइट जैसी शैलें बनने की संभावना बढ़ जाती है।

कुछ वैज्ञानिकों के अनुसार सायेनाइट का निर्माण आंशिक क्रिस्टलीकरण (Fractional Crystallization) की प्रक्रिया से भी होता है, जिसमें मैग्मा से विभिन्न खनिज अलग-अलग तापमान पर क्रिस्टल बनाते हैं।[5]

सायेनाइट के कई प्रकार पाए जाते हैं:

  • नेफेलीन सायेनाइट
  • क्वार्ट्ज सायेनाइट
  • क्षारीय सायेनाइट
  • एपिसायेनाइट

नेफेलीन सायेनाइट में क्वार्ट्ज के स्थान पर नेफेलीन जैसे खनिज पाए जाते हैं।

सायेनाइट विश्व के विभिन्न भागों में पाई जाती है। रूस के कोला प्रायद्वीप में इसके विशाल भंडार मौजूद हैं।[6]

इसके अतिरिक्त यह संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, ग्रीनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, स्कॉटलैंड, भारत तथा ऑस्ट्रेलिया में भी पाई जाती है।

मिस्र के अस्वान क्षेत्र की सायेनाइट ऐतिहासिक निर्माण कार्यों में उपयोग की गई थी।[7]

सायेनाइट का उपयोग निर्माण कार्यों, सजावटी पत्थरों तथा औद्योगिक खनिजों के स्रोत के रूप में किया जाता है। कुछ प्रकार की सायेनाइट दुर्लभ तत्वों और यूरेनियम के स्रोत भी मानी जाती हैं।[8]

एपिसायेनाइट

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एपिसायेनाइट सायेनाइट का परिवर्तित रूप होता है जिसमें क्वार्ट्ज लगभग समाप्त हो जाता है। यह परिवर्तन सामान्यतः गर्म हाइड्रोथर्मल द्रवों की क्रिया से होता है।[9]

इस प्रकार की शैलें कभी-कभी दुर्लभ मृदा तत्वों तथा धात्विक खनिजों के महत्वपूर्ण स्रोत होती हैं।

इन्हें भी देखें

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सन्दर्भ

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  1. ↑ Heinrich, E. Wm. (1956). Microscopic Petrography. McGraw-Hill.
  2. ↑ Carracedo, J. C. (2016). The Geology of the Canary Islands. Elsevier. ISBN 9780128096642.
  3. ↑ "Syenite". Alex Strekeisen. अभिगमन तिथि: 14 जून 2026.
  4. ↑ Downes, Hilary (2005). "Petrogenetic processes in the Kola Alkaline Province". Lithos. 85: 48–75. डीओआई:10.1016/j.lithos.2005.03.020.
  5. ↑ "Fractional Crystallization and Syenite". Geology.com. अभिगमन तिथि: 14 जून 2026.[मृत कड़ियाँ]
  6. ↑ Downes, Hilary (2005). "Kola Alkaline Province Review". Lithos. 85: 48–75.
  7. ↑ Gillen, Con (2013). Geology and Landscapes of Scotland. Dunedin. ISBN 9781780460093.
  8. ↑ McLemore, Virginia T. (2016). "Episyenites in New Mexico". New Mexico Geological Society: 255–262.
  9. ↑ Recio, C. (1997). "Fluid-Granite Interaction Processes". Chemical Geology. 143: 127–144. डीओआई:10.1016/S0009-2541(97)00106-X.