साँचा:आज का आलेख १० जनवरी २०११

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गुजरात में स्थिति
काठियावाड़ (गुजराती: કાઠીયાવાડ; उच्चारण: [kaʈʰijaʋaɽ]) पश्चिम भारत में एक प्रायद्वीप है। ये गुजरात का भाग है, जिसके उत्तरी ओर कच्छ के रण की नम भूमि, दक्षिण और पश्चिम की ओर अरब सागर और दक्षिण-पश्चिम की ओर कैम्बे की खाड़ी है। इस क्षेत्र की दो प्रमुख नदियाँ भादर और शतरंजी हैं जो क्रमश: पश्चिम और पूर्व की ओर बहती हैं। इस प्रदेश का मध्यवर्ती भाग पहाड़ी है।[1] इस स्थान का नाम राजपूत शासक वर्ग की काठी जाति से पड़ा है। गुर्जर प्रतिहार शासक मिहिर भोज के काल में गुर्जा साम्राज्य की पश्चिमी सीमा काठियावाड़ और पूर्वी सीमा बंगाल की खाड़ी थी। [2] हड्डोला शिलालेखों से यह सुनिश्चित होता है कि गुर्जर प्रतिहार शासकों का शासन महिपाल २ के काल तक भी उत्कर्ष पर रहा। काठियावाड़ क्षेत्र के प्रमुख शहरों में प्रायद्वीप के मध्य में मोरबी राजकोट,कच्छ की खाड़ी में जामनगर, खंबात की खाड़ी में भावनगर मध्य-गुजरात में सुरेंद्रनगर और वधावन, पश्चिमी तट पर पोरबंदर और दक्षिण में जूनागढ़ हैं। पुर्तगाली उपनिवेश का भाग रहे और वर्तमान में भारतीय संघ में जुड़े दमन और दीव संघ शासित क्षेत्र काठियावाड़ के दक्षिणी छोर पर हैं। सोमनाथ का शहर और मंदिर भी दक्षिणी छोर पर स्थित हैं। इस मंदिर में हिन्दू धर्म के बारह ज्योतिर्लिंगोंमें से एक ज्योतिर्लिंग स्थापित है। इसके अलावा दूसरा प्रसिद्ध हिन्दू तीर्थ द्वारका भी यहीं स्थित है, जहां भगवान कृष्ण ने अपनी नगरी बसायी थी। पालिताना प्रसिद्ध जैन तीर्थ है जहां पर्वत शिखर पर सैंकड़ों मंदिर बने हैं। विस्तार में...
  1. सन्दर्भ त्रुटि: <ref> का गलत प्रयोग; वॉटर नाम के संदर्भ में जानकारी नहीं है।
  2. बैजनाथ पुरी (१९८६). द हिस्ट्री ऑफ गुर्जर प्रतिहार्स. मुंशी राममनोहरलाल प्रकाशन. पृ॰ xvii.