सहयोगी अधिगम

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सहयोगी अधिगम एक शैक्षणिक प्रस्ताव है. जिसका उद्देश्य कक्षा गतिविधियाँ को सैद्धांतिक ओर सामाजिक अधिगम अनुभव करना है! बचो को समूह करने के अलावा बी सहयोगी अधिगम मे अनेका गुण हे ओर इसे " सकारात्मक परस्पर निर्भरता का स्वरूप" बी कहा जाता है![1][2] बचो को एक समूह होकर दिए हुहे कम को एक सामूहिक रूप से अपने सैद्धांतिक उद्देश्य को प्रपत करना जरूरी है! जहा व्यक्तिक अधिगम प्रतियोगिता संबन्धी गुण को आगे बदाता है ओर, जो छात्र सहयोगी अधिगम करते है वो अपने ओर दूसरो के पूँजी ओर योग्यता में परिणत करते है,[3][4] ओर इस प्रक्रिया मे गुरूजन की भूमिका बदलकर सिरफ़ जानकारी देना ही नही वह उनके सिकाने मे मदद करते है![5][6] हरकोई सफल होता है जब हरकोई कामयाबी हासिल करता है! रॉस ओर स्माइत बयान करते है की कामयाब सहयोगी अधिगम हमे बौद्धिक रूप से सताऊ, सृजनशील, कूले दीमक से, ओर उच्च सोच शामिल करता है![7] पाँच महत्वपूर्ण तत्वों कामयाब समावेश से कक्षा मे सहयोगी अधिगम लाने के लिए पाँच महत्वपूर्ण तत्वों का ज़रूरी है! सबसे फले ओर मुक्या ज़रूरी है सकारात्मक परस्पर निर्भरता, दूसरा तत्वों है व्यक्तिक ओर समूह उत्तरदायित्व, तीसरा तत्वों है पारस्परिक प्रोत्साहिक भावना, ओर छोहता तत्वो है बचो मे पारस्परिक जरुरत ओर छोटे समूह के हुनर का शिक्षण देना, ओर पाँचवा तत्वो है समूह संसाधन.[8]

इतिहास[संपादित करें]

द्वितीय विश्व युद्ध से पहले, सामाजिक सिद्धांतकारों जैसे अल्लपोर्ट, वाट्सन, शॉ, और मीड ने सहकारी सीखने के सिद्धांत की स्थापना करना शुरू कर दिया जब उने पता चला की अकेले काम की तुलना में जब समूह काम करने की तुलना कियगज़ाएे तो उसकी मात्रा, गुणवत्ता, समग्र उत्पादकता में अधिक प्रभावी और कुशल पाया जाएगा![9]

दार्शनिकों और मनोवैज्ञानिकों 1930 के दशक में और 40 की तरह के रूप में जॉन ड्यूयी, कुर्त लूयिन, और मॉर्टन डेउतष ने भी सहकारी सीखने के सिद्धांत प्रभावित किया जो आज बी उसक अभ्यास होरा है! ड्यूयी मानते ते की छात्रों का ज्ञान और सामाजिक कौशल का विकसित कशा के बाहर और लोकतांत्रिक समाज में होना महत्वपूर्ण है![10]

सहकारी सीखने के लिए लेविन के योगदान को सफलतापूर्वक सिकाना, लक्ष्य को आगे ले जाना और लक्ष्य को हासिल करने के लिए समूह के सदस्यों के बीच संबंधों को स्थापना करना उनके विचारों पर आधारित है! सहकारी सीखने के लिए डेउतष क योगदान, सकारात्मक सामाजिक अन्योन्याश्रय था! इस विचार मे छात्र समूह ज्ञान के योगदान के लिए जिम्मेदार है[10]

1994 में जॉनसन और जॉनसन 5 तत्वों प्रकाशित किया (सकारात्मक अन्योन्याश्रय, व्यक्तिगत जवाबदेही, आमने-सामने बातचीत, सामाजिक कौशल, और प्रसंस्करण) जो प्रभावी समूह अधिगम, उपलब्धि, और उच्च आदेश जेसे सामाजिक, व्यक्तिगत और संज्ञानात्मक कौशल आवश्यक है!(उदाहरण के लिए, जेसे समस्या को हल कोजना, तर्क, निर्णय लेने, योजना, आयोजन, और दर्शाती)[11]


तत्वों[संपादित करें]

जॉनसन और (२००९) जॉनसन ने पाँच परिवर्तनशील मनाया जो सहयोग की प्रभावशीलता को मध्यस्थता है![12] ब्राउन और सिउफ्फेटेल्ली पार्कर (२००९) और सिलटाला (२०१०) ने सहकारी सीखने के लिए 5 बुनियादी और आवश्यक तत्वों पर चर्चा किया.[13][14][15]

  • सकारात्मक अन्योन्याश्रय

१)छात्रों को पूरी तरह भाग लेना चहीए और उनके समूह के भीतर आगे बड़ाने का प्रयास करना चाहिए. २)प्रत्येक समूह के सदस्य को एक कार्य / भूमिका / जिम्मेदारी सोपा जाता है इसलिए की उनके सीखने के लिए ओही जिम्मेदार हैं और उने अपने और अपने समूह पर विश्वास करना चाहिए.

  • आमने सामने प्रोत्साहक बातचीत

१)सदस्यों को एक दूसरे की सफलता पर बढ़ावा देने चाहिए. २)छात्र को एक-दूसरे को समझाने मे सहायता करना चाहिए और कार्य के पूरा होनेतक उसका साथ देना चाहिए.

  • व्यक्तिगत और समूह जवाबदेही

१) अध्ययन के समय प्रत्येक छात्र को सामग्री के स्वामित्व का प्रदर्शन करना होगा. २)प्रत्येक छात्र उनके सीखने और काम के लिए वाहा कूद जवाबदेह है! इसलिए "सामाजिक आवारगी" नष्ट है.

  • सामाजिक कौशल

१)सामाजिक कौशल बी सिखाया जाना चाहिए जिससे सफल सहकारी सीखने के लिए आदेश मिलता है २)कौशल शामिल मे प्रभावी संचार,पारस्परिक और समूह ज़रूरी है. - नेतृत्व - निर्णय लेना - विश्वास निर्माण - दोस्ती-विकास - संचार - संघर्ष-प्रबंधन कौशल

  • समूह प्रसंस्करण

१)समूह प्रसंस्करण होता है जब समूह के सदस्यों i)प्रतिबिंबित है जिस पर सदस्य कार्यों मददगार थे और ii)कार्यों को जारी रखने या परिवर्तन के बारे में जो निर्णय करते हैं। २)वह समूह प्रसंस्करण का उद्देश्य स्पष्ट और सदस्यों के समूह के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे ले जाने के साथ जो प्रभावशीलता में सुधार करने के लिए है।

काफी सुधार करने के लिए छात्र की उपलब्धि के लिए आदेश में, दो विशेषताएं मौजूद होना चाहिए.[16] १)सहकारी शिक्षण कार्य और इनाम संरचनाओं रूपरेखा बनाने, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और जवाबदेही पहचान की जानी चाहिए है, व्यक्तियों को पता होना चहीए की उनकी जिम्मेदारियां और ओ वास्तव में क्या है और वे अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए समूह के प्रति जवाबदेह केसे हैं

२)सभी समूह के सदस्यों के कार्य को पूरा करने के लिए समूह के लिए आदेश में शामिल किया जाना चाहिए। वे किसी भी अन्य दल के सदस्य के द्वारा अपने कमा को पूरा नहीं किया जा सकता है, जो के ओ कमा उनकी लिए हूही जिम्मेदार हैं


==प्रकार cooperative key

सैद्धांतिक आधार[संपादित करें]

तकनीक[संपादित करें]

परिचय[संपादित करें]

References[संपादित करें]

  1. "Team Game tounament".
  2. "Team-Games-Tournament:Cooperative Learning and Review" (PDF).
  3. "Team game Tournament: Cooperative learning and review".
  4. Chiu, M. M. (2008).Flowing toward correct contributions during groups' mathematics problem solving: A statistical discourse analysis. Journal of the Learning Sciences, 17 (3), 415 - 463.
  5. "team game tournament".
  6. "Team Game Tournament" (PDF).
  7. Ross, J.,& Smythe, E. (1995). Differentiating cooperative learning to meet the needs of gifted learners: A case for transformational leadership. Journal for the Education of the Gifted, 19, 63-82.
  8. Johnson, D. W., Johnson, R. T., & Holubec, E. J. (1994). The nuts and bolts of cooperative learning. ^ eMinnesota Minnesota: Interaction Book Company.
  9. Gilles, R.M., & Adrian, F. (2003). Cooperative Learning: The social and intellectual Outcomes of Learning in Groups. London: Farmer Press.
  10. Sharan, Y. (2010). Cooperative Learning for Academic and Social Gains: valued pedagogy, problematic practice. European Journal of Education, 45,(2), 300-313.
  11. Johnson, D., Johnson, R. (1994). Learning together and alone, cooperative, competitive, and individualistic learning. Needham Heights, MA: Prentice-Hall.
  12. Johnson, D.W. (2009). "An Educational Psychology Success Story: Social Interdependence Theory and Cooperative Learning". Educational Researcher. 38 (5): 365–379.
  13. Brown, H., & Ciuffetelli, D.C. (Eds.). (2009). Foundational methods: Understanding teaching and learning. Toronto: Pearson Education.
  14. Siltala, R. (2010). Innovativity and cooperative learning in business life and teaching. University of Turku.
  15. Siltala, R., Suomala, J., Taatila, V. & Keskinen, S. (2007). Cooperative Learning in Finland and in California during the innovation process. In Andriessen D. (Eds.) (2007). Intellectual Capital. Haarlem: Inholland University.
  16. Brown, H., & Ciuffetelli, D.C. (Eds.). (2009). Foundational methods: Understanding teaching and learning, p. 507. Toronto: Pearson Education.