ससुराल सिमर का

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
ससुराल सिमर का
7Z6 simaar.jpeg
ससुराल सिमर का - कहानी का एक सुखद अन्त
शैली भारतीय धारावाहिक
नाटक
सर्जक राजकुमार मिश्रा
लेखक राजेश दुबे
वेद राज
सुधीर कुमार
सोनाली जाफ़र
जयेश पाटिल
दामिनी के. शैट्टी
निर्देशक पवन कुमार
सितारे दीपिका कक्कर
अविका गोर
शोएब इब्राहीम
धीरज धूपर
मनीष रायसिन्घन
कीर्ति केलकर
मजहेर सायद
ज्याति भाटिया
वैशाली टक्कर
कृषन बरेटो
वरुण शर्मा
रोहन मेहरा
सिद्धार्थ शिवपुरी
निक्की शर्मा
मोनिका शर्मा
निर्माण का देश भारत
भाषा(एं) हिन्दी
सत्र संख्या 3
प्रकरणों की संख्या 2054
निर्माण
निर्माता रश्मि शर्मा
स्थल वृंदावन
नई दिल्ली
प्रसारण अवधि लगभग 20 मिनट
निर्माण कंपनी रश्मि शर्मा
प्रसारण
मूल चैनल कलर्स टीवी
छवि प्रारूप 576i SDTV
1080i HDTV
मूल प्रसारण 25 अप्रैल 2011 – 2 मार्च 2018
बाह्य सूत्र
आधिकारिक जालस्थल

ससुराल सिमर का एक भारतीय धारावाहिक है जो कलर्स टीवी प्रसारित किया जाता था। इसका प्रथम प्रसारण 25 अप्रैल 2011 को किया गया था। इसका निर्माण रश्मि शर्मा टेलीफिल्मस् द्वारा किया गया था। इसमें दीपिका कक्कर, अविका गोर, शोएब इब्राहीम, धीरज धूपर , मनीष रायसिन्घन , कीर्ति केलकर , वैशाली टक्कर, सिद्धार्थ शिवपुरी, वरुण शर्मा, निक्की शर्मा, मोनिका शर्मा, कृषन बरेटो, रोहन मेहरा, मजहेर सायद और ज्याति भाटिया ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। यह छठा सबसे लंबे समय के लिए प्रसारित होने वाला भारतीय टेलीविजन शो है। इसका अन्तिम प्रसारण 2 मार्च 2018 को किया गया था। यह शो 2063 एपिसोड्स सफलतापूर्वक पूरा करके समाप्त हुआ। यह कार्यक्रम पहले तो दो बहनों, सिमर एवं रोली की कहानी व्यक्त करता था जिनका विवाह एक ही परिवार में दो भाइयों, क्रमश: प्रेम एवं सिद्धान्त के साथ हुआ था। बाद में, यह कार्यक्रम सिमर - प्रेम और उनके तीन बच्चों - अंजलि, संजना और पियूष की कहानी व्यक्त करता था।

कहानी[संपादित करें]

यह कहानी वृंदावन की दो बहनों सिमर और रोली की कहानी है। एक हिंदू नर्तक बनना सिमर का सपना होता है, लेकिन उसके रूढ़िवादी माता-पिता एक अश्लील व्यवसाय के रूप में नृत्य करने पर विचार करते हुए सिमर के सपने के खिलाफ होते हैं। इसके बजाए, वे अपनी बेटी को अमीर व्यापारी प्रेम राजेंद्र भारद्वाज से शादी करने की योजना बना रहे हैं। शादी के दिन, एक महान नृत्य प्रतियोगिता है और सिमर को अपने माता-पिता को परेशान किए बिना इसमें भाग लेने की अनुमति देने के लिए, रोली सिमर की प्रतियोगिता से वापसी तक सिमर की जगह लेती है। हालांकि, सिमर को देर हो जाती है और इस प्रकार, तैयार और छिपी हुई रोली को प्रेम से शादी करने के लिए मजबूर किया जाता है। इससे समस्याएं पैदा होती हैं, जैसे कि सिमर और प्रेम एक दूसरे से प्यार करते हैं और रोली सिद्धांत एक दूसरे से प्यार करते हैं। कुछ समय बाद, हर कोई उस व्यक्ति के साथ एकजुट होता है जिससे वह प्यार करता है और सिमर और रोली दोनों भारद्वाज हाउस में बहुओं के रूप में स्वीकार कर ली जाती हैं। इस प्रकार, सिमर की शादी प्रेम राजेन्द्र भारद्वाज से हो जाती है और सिमर के ही ससुराल में प्रेम के भाई सिद्धांत राजेन्द्र भारद्वाज से रोली की शादी हो जाती है। इस प्रकार दोनों बहनों की शादी एक ही घर में भारद्वाज परिवार के दो पुत्रों के साथ हो जाती है।

फिर यह कहानी सिमर और रोली के विवाहित जीवन के आसपास घूमती है। इसके बाद अलग - अलग कठिनाईयाँ आतीं रहतीं हैं और वे दोनों बहनें एक साथ मिलकर सभी मुसीबतों का सामना करतीं हैं। विभिन्न कठिनाइयों को हल करके, विभिन्न समस्याओं को हल करके और उनके परिवार को नष्ट करने के लिए आने वाले बुरे लोगों को हराकर भारद्वाज परिवार की आदर्श बहूए दोनों बहने बन जातीं हैं। निर्मला, सिमर और रोली की ददिया सास और उनके सास-ससुर, राजेंद्र और सुजाता, उन बहनों में गहरा विश्वास रखते हैं और हमेशा उनका समर्थन करते हैं लेकिन परिवार की दूसरी बहुए परी, उमा और खुशी सिमर और रोली से ईर्ष्या रखते हैं क्योंकि उन्हें अपनी शिल्प और लालच के कारण इतना ध्यान और सम्मान नहीं मिलता है और समय-समय पर वह सिमर और रोली के जीवन में कठिनाइयों का निर्माण करने की कोशिश करतीं हैं। गर्भपात के बाद सिमर फिर से गर्भ धारण करने में असमर्थ हो जाती है और खुशी प्रेम और सिमर के बच्चे की सरोगेट माँ बनने के लिए सहमत हो जाती है। अंजलि नाम की एक बेटी पैदा होती है और पूरा परिवार उसको प्यार करता है और उसकी देखभाल करते हैं। लेकिन बाद में, रोली से एक कार दुर्घटना हो जाती है और अनजाने में सुनैना नाम की एक महिला पर कार चढ़ जाती है। सुराग के लिए दुर्घटना की जगह के आसपास देखते हुए, सिमर का अपहरण सुनैना का पति विक्रांत कर लेता है और अपने परिवार को छोड़ने और उसकी बेटी संजना की देखभाल करने के लिए मजबूर कर देता है।

2 साल बाद[संपादित करें]

सिमर अपने परिवार के पास लौट आती है, प्रेम ने सुरभि नामक एक महिला से दूसरी शादी कर ली है। सिमर, रोली, प्रेम और सिद्धांत को एक अलौकिक प्राणी का सामना करना पड़ता है: सुनैना की आत्मा जो बदला लेने के लिए लौट आई है, और विक्रांत के साथ भी, जो सिमर, से प्यार करता है। आखिरकार, सुनैना और सुरभि (जो सिमर को मारने की कोशिश करते हैं) को शो से हटा दिया जाता है। विक्रांत प्रेम की हत्या करने की कोशिश करता है और जेल भेज दिया जाता है। उनकी बेटी संजना को सिमर और प्रेम द्वारा अपनाया लिया जाता है। सिमर और प्रेम संजना को गोद ले लेतें हैं।

कहानी सिमर, रोली, प्रेम और सिद्धांत के आसपास घूमती है और दिखाती है कि कैसे वे कुछ अलौकिक प्राणियों से भारद्वाज हाउस की रक्षा करते हैं जो उन्हें नष्ट करना चाहते हैं। इन अलौकिक प्राणियों में सुनैना की आत्मा, माया नाम की एक इच्छधारी नागीन, मोहिनी और इंद्रवती नामक डायन, पाताली देवी - गायत्री, माल्ती, माधवी और छोटी दुल्हन, शैतान, चंद्रमणी, महामाया और काम्या नामक डायने शामिल होते हैं। पातालि देवी - गायत्री और काल को पराजित करने के दौरान, सिमर का जीवन खतरे में पड़ जाता है। अपनी बड़ी बहन की रक्षा के लिए, रोली अपने जीवन बलिदान कर देती है और उसकी दु:खद मृत्यु हो जाती है। रोली की अकाल मृत्यु के बाद, सिद्धांत की सिमर के बचपन के मित्र प्रेरणा से दोबारा शादी हो जाती है और उसके साथ वह विदेश चला जाता है। अपनी शक्तियों को वापस पाने और पृथ्वी पर लौटने के लिए, काल, कुछ चुड़ैलो की मदद से, जिनमें महामाया और उसकी बेटी काम्या शामिल हैं, सिमर पर एक जादू करती है और उसे दुष्ट शक्ति रखने वाले बच्चे के साथ पेट से कर देती है। सिमर के पास अपने नवजात बेटे पियूष के साथ भारद्वाज हाउस छोड़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है। सिमर पियूष को लेकर भारद्वाज हाऊस छोडकर चली जाती है।

6 साल बाद[संपादित करें]

6 साल से सिमर अपने बेटे पियूष को लेकर सुमीत कपूर के घर मे रहती है। वह सुमीत कपूर के बच्चो की देखभाल करती है। सुमीत कपूर के दो बच्चे है - रोहन और रोशनी। सिमर का बेटा भी अब 6 साल का हो गया है। अपने पिता और अपने परिवार के बारे मे सिमर से पूछता रहता है। सिमर उसे बहलाती - फुसलाती है। सिमर अकेले मे अपने ससुराल और पति को याद करके खूब रोती है। सुमीत कपूर सिमर का सम्मान करते है। उनके दोनो बच्चे भी सिमर को बहुत प्यार करते है और सिमर को प्यार से 'छोटी मा' कहकर बुलाते है। सुमीत कपूर की पत्नी रीता सिमर से जलती है क्योकि उसे लगता है कि सिमर ने उसके पति और बच्चो को अपने वश मे कर लिया है। रीता को लगता है कि सिमर की वजह से ही उसके पति और बच्चे उससे प्यार नही करते है। रीता समय - समय पर सिमर को जलील करती रहती है। दूसरी तरफ भारद्वाज हाऊस की चाबिया अब खुशी के पास है। वह पूरे घर की मालकिन बन बैठी है। सब उसके इशारो पर नाचते है। सिद्धान्त और प्रेरणा लन्दन मे है। संजना, सिमर और प्रेम की गोद ली हुई बेटी भी लंदन मे है। प्रेम सिमर को खोजने की कोशिश करता है। सिमर की बेटी अंजलि का पालन - पोषण खुशी करती है। वह उसे गलत मार्ग पर चलने को प्रेरित करती है। अंजलि को बिगाडती है। उसके मन मे अपनी मा सिमर के प्रति बुरे विचार भरती रहती है। अंजलि खुशी को अपना सब कुछ मानती है और प्यार से उसे के-बी बुलाती है। अंजलि अपने पापा से भी प्यार नही करती। खुशी के भडकाने पर प्रेम के बटुए से पैसे भी चुराती है। सिमर अपने परिवार की एक झलक पाने भारद्वाज हाऊस के बाहर मुह ढककर पहुचती है। अंजलि, प्रेम और अपने पूरे ससुराल को देखकर खुश हो जाती है। और फिर वापस कपूर मैन्सन लौट जाती है। जब प्रेम को सिमर का पता चल जाता है तो उससे मिलने जाता है। कपूर मैन्सन मे मिस्टर कपूर को सिमर को हार पहनाता देख प्रेम सिमर पर क्रोधित हो जाता है। उसे गलतफहमी हो जाती है कि सिमर ने मिस्टर कपूर से पुनर्विवाह कर लिया है। रोशनी और रोहन जब सिमर को 'छोटी मा' कहकर पुकारते है तो प्रेम को लगता है कि वो दोनो सिमर और मिस्टर कपूर के बच्चे है। प्रेम को लगता है कि सिमर ने अपने पुराने रिश्तो को भुलाकर एक नई जिन्दगी शुरू कर ली है। वह सिमर को तलाक देने की सोच लेता है। तलाक के कागज लेकर सिमर के पास पहुचता है सिमर रो - रोकर अपने निर्दोष होने का प्रमाण देती है पर वह उसकी एक नही सुनता। बाद मे सिमर मजबूरन तलाक के कागजातो पर अपनी दस्तखत कर देती है। यह सारा दृश्य सिमर और प्रेम का बेटा पियूष देख लेता है। प्रेम तलाक के पेपर लेकर चला जाता है। सिमर पियूष से गले मिलकर खूब रोती है।

10 साल बाद[संपादित करें]

10 साल बीत जाता है। सिमर एक दिन भारद्वाज परिवार से मिलने जाती है। सिमर को पता चलता है कि उसकी सास सुजता अब दुनिया मे ही नही रही और उसकी ददिया सास माताजी पागल हो चुकी है। वह देखती है कि खुशी माताजी के साथ कितना बुरा सुलूक करती है तो रोने लगती है। भारद्वाज परिवार की विश्वासघाती और चालाक बहू खुशी द्वारा पाली - पोसी गई सिमर और प्रेम की बेटी अंजली, खराब और स्वार्थी फैशन शौकीन बन गई है, जो अपनी माँ से नफरत करती है और उसे बचपन में त्यागकर चले जाने के लिए दोषी ठहराती है। खुशी ने अंजलि को पूरी तरह से अपनी माँ के खिलाफ कर दिया है। वह अपनी माँ से नफरत करती है और सिमर का नाम सुनना भी उसे पसन्द नही है। अंजलि एक अभिनेत्री बनने के सपने देखती है और दारू पीने की शौकिन है। खुशी की परवरिश मे वह पूरी तरह से बिगड गई है। खुशी उसकी जिन्दगी बरबाद करना चाहती है। प्रेम भी सिमर से नफरत करता है। सिमर का बेटा, पियूष अपने माता - पिता के रिश्ते को जोडने के लिए बहुत कोशिशे करता है। प्रेम की कंपनी मे नौकरी करता है तो कभी भारद्वाज हाऊस का नौकर बन जाता है। आखिरकार सिमर और प्रेम एक हो जाते है। अंजलि को सुधारने के लिए, सिमर और प्रेम मिलकर उस की शादी विक्रम अग्रवाल नाम के एक लड़के से करतें हैं। विक्रम खुद ही एक बुरा व्यक्ति है जिसने वैदेही नाम की एक लडकी की जिन्दगी बरबाद करने की कोशिश की है, यह बात जानकर सिमर अंजलि और विक्रम की शादी रोकने पहुचती तो है पर तब तक बहुत देर हो जाती है। विक्रम और अंजलि की शादी हो चुकी होती है। अंजलि अपने ससुराल चली जाती है। बाद मे विक्रम सुधर जाता है और अपनी गलती के लिए वैदेही से माफी माग लेता है। अंजलि और विक्रम एक नए वैवाहिक जीवन की खुशी - खुशी शुरूआत करते है। काल पियूष के 25 वें जन्मदिन पर जागृत होकर, उसके ऊपर हावी हो जाता था और बरबादी लाना चाहता है, लेकिन आखिरकार रीद्धिमा नामक एक जादूगरनी की मदद से सिमर मातारानी के त्रिशूल से काल को मारकर अपने बेटे को काल के चंगुल से हमेशा-हमेशा के लिए मुक्त कर देती है। सिमर का बेटा पियूष पहले तो अपना दिल वैदेही सक्सेना नाम बाद एक लड़की को दे बैठता है पर बाद में उसकी शादी रोशनी सुमीत कपूर नाम की एक सुदंर, सुशील एवं उससे बेइंतहा प्यार करने वाली एक युवती से हो जाती है। पियूष को रोशनी को अपनी जीवनसंगिनी के रूप में स्वीकार करने में थोड़ा समय तो लग जाता है पर बाद में उसे भी रोशनी से प्यार हो जाता है और वो दोनों अपने नए जीवन की शुरूआत करतें हैं। अंजलि के चाल - चलन से उसकी ताई सास नाराज होती रहती है। बाद मे अंजलि अपने घर का बंटवारा भी करवा देती है। वह विक्रम और पैसे मे से विक्रम मे से पैसे को चुनती है। उसकी बुरी आदतो की वजह से उसका और विक्रम का रिश्ता धीरे - धीरे कमजोर होता चला जाता है और एक दिन टूट जाता है जब विक्रम तनवी नाम की एक लडकी से पुनर्विवाह कर लेता है। तब अँजली का विक्रम से तलाक हो जाता है। तब वह वापस भारद्वाज हाऊस लौट आती है। सिमर अपनी गोद ली हुई बेटी, संजना, लंदन से भारद्वाज हाउस ले आती है है, जहां उसे कई वर्षों पहले उच्च अध्ययन करने के लिए भेजा गया था। अंजलि संजना और उसके प्रेमी समीर धनराज कपूर के रिश्ते में दरार लाकर खुद ही समीर से शादी कर लेती है। समीर के साथ मिलकर, अंजलि भारद्वाज परिवार को एक पेपर पर हस्ताक्षर करवाने मे कामयाब हो जाती है जिससे सारी संपत्ति उसके नाम पर स्थानांतरित हो जाती है। वह अपने परिवार के सदस्यों को अपमानित करती है और उनके साथ नौकरों की तरह व्यवहार करती है। वह अपनी माँ सिमर को थप्पड़ मारती है जिस पर वह अपने मॉडल करियर को बर्बाद करने का आरोप लगाती है। पियूष द्वारा भारद्वाज परिवार की संपत्ति अंजलि से वापस पाने के लिए एक मास्टर प्लान बनाए जाने के बाद, वह अपने भाई को मारने की कोशिश करती है लेकिन सिमर अंजलि को गोली मार देती है और अंजली कोमा में चली जाती है। फिर, संजना का विवाह समीर से होता है जो अपनी गलतियों को समझता है और पश्चाताप करता है और उसे सभी क्षमा कर देते है। संजना और समीर एक दूसरे से बहुत प्यार करतें हैं। उनकी जिन्दगी मे भी बहुत मुसीबते आती है पर उनका प्यार और एक दूसरे के ऊपर विश्वास हर मुसीबत का अंत कर देता है। समीर की माँ भैरवी, अपने पति और समीर के पिता को मार डालने का बदला प्रेम से लेने के लिए उसकी पत्नी सिमर को मारने की कोशिश करती है। उसने और उसके बेटे समीर ने कई महीनो तक प्रेम को अगवाह करके भी रखा था। बाद में यह पता चलता है कि भैरवी ने खुद अपने पति की हत्या कर दी थी, प्रेम ने नहीं की थी। भैरवी चुड़ैल हो जाती है और सिमर को खाई से ढकेलकर मार डालती है। पर फिर सिमर के रूप मे घर मे मातारानी आती है और उनका वाहन शेरा भी मानव रूप धरकर आता है। हालांकि, भारद्वाजो द्वारा गहराई से पूजे जाने वाली माँ देवी दुर्गा भैरवी के अलौकिक रूप को नष्ट करने और सिमर को वापस जीवन में लाने के लिए सिमर के रूप में प्रकट होती हैं। भैरवी के अंदर की चुड़ैल मर जाती है और उसे जेल भेज दिया जाता है। इस तरह भारद्वाज परिवार की सारी मुसीबते खत्म हो जाती है और सिमर - प्रेम एक हो जाते है। अंजली कोमा से उठती है और परिवार के सभी सदस्यों से अपनी अतीत की गल्तियों के लिए माफी मांगती है। लेकिन जब वह अपने नए मंगेतर साहिल को मारने की कोशिश करती है, और भारद्वाज हाऊस को आग लगाने की कोशिश करती है, तो उसके सचमुच दुष्ट इरादे प्रकट होते हैं, वह सिमर पर नीच आरोप लगाती है और इसलिए उसे पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया जाता है। सिमर अपनी बेटी को मृत मान लेती है और दूसरे परिवार के सदस्यों से उसके बारे में भूलने के लिए कहती है, परिवार के अंजलि के हिस्से की तुलना एक शरीर के सड़े हुए अंग से करती है जिसे काटा और फेंक दिया जाना चाहिए नहीं तो उस अंग से जहर पूरे शरीर में फैल जाता है और आदमी मर जाता है। अँजली को उसके बुरे कर्मों की सजा देने जेल भेज दिया जाता है। इसके बाद सिमर और प्रेम के दो बच्चों संजना और पियूष की जिंदगी संवर जाती है और दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी खुशी से जीने लगतें हैं। सिमर और प्रेम भी अपने बच्चों की खुशी में खुश रहतें हैं और खुशी-खुशी अपनी जिंदगी बिताने लगतें हैं। सभी की जिंदगी अच्छे से चलती रहती है कि एक दिन आलिया नाम की एक लड़की भारद्वाज हाऊस में घुस आती है अपने पिता की मौत का बदला लेने जिनकी मौत की वजह वह पियूष को समझती है। आलिया रोशनी को गोली मार देती है और खाई में गिरने की वजह से रोशनी की मौत हो जाती है। आलिया जेल चली जाती है। रोशनी की मौत से पियूष पूरी तरह से टूट जाता है, सदमें में चला जाता है और पागल हो जाता है। वह भारद्वाज हाऊस छोड़कर रोशनी को ढूढ़ने निकल पड़ता है। सिमर अपने बेटे - बहू दोनों को खो देती है क्योंकि उस दिन के बाद पियूष नहीं मिलता।

6 महीने बाद[संपादित करें]

रोशनी की मौत के बाद से ही पियूष गायब है। सिमर अपने बेटे के खो जाने से सदमे में है। परिवार की मुखिया और सिमर की माताजी सिमर को सँभालती है और उसे विश्वास दिलाती है कि पियूष जरूर मिल जाएगा। दोनों मिलकर मातारानी से प्रार्थना करतीं हैं कि पियूष जल्दी मिल जाए। प्रेम पिछले छह महीने से पियूष को ढूढ़ने का प्रत्येक प्रयास करता आया है पर पियूष आज तक नहीं मिला। जिस ससुराल पर कभी सिमर का राज था आज उस पर सिमर की जेठानी परी का राज है। माताजी ने घर की चाबीयां और सारी जिम्मेदारियां सिमर की स्थिति देखते हुए परी को सौंप दी हैं। संजना अपने ससुराल में अपने पती समीर और सास भैरवी के साथ खुशी-खुशी रह रही है। संजना माँ बनने वाली थी। परंतु एक हादसे में संजना ने अपने होने वाले बच्चे को खो दिया। सिमर और प्रेम को आखिरकार पियूष मिल गया है लेकिन वह रोशनी के गम में पागल हो गया है। सिमर को पता चलता है कि पियूष ने अपनी पत्नी को मरते देखने के सदमे के कारण अपनी याददाश्त खो दी है और उसकी देखभाल अवनी और उसकी माँ की एक लड़की ने 6 महीनों तक की है। सिमर अपने बेटे को अवनि और उसकी माँ के साथ भारद्वाज हाउस में वापस ले आती है। भैरवी जेल से लौट आई थी, ऐसा लगता था कि वो बदल गई है लेकिन वास्तव में उसी ने अवनी और उनकी माँ को पियूष का अपहरण करने और अंदर से भारद्वाज परिवार को नष्ट करने के लिए भुगतान किया है। जब अवनि भैरवी का पर्दाफाश करने की कोशिश करती है, तो भैरवी अवनि को मारने की कोशिश करता है, लेकिन केवल अवनि की माँ की हत्या में सफल होती है। भैरवी सभी परिवार के लोगों के मन में खौफ जगाने के लिए एक बंदूक आसमान मे चलाना शुरू कर देती है जिससे पियूष की याददाश्त वापस आ जाती है। उसे याद आ जाता है कि 6 महीने पहले रोशनी को कैसे आलिया ने गोली चलाकार मारा था। उसे रोशनी के साथ बिताया हुआ हर खुशनुमा पल याद आने लगता है। अंत में, सिमर भैरवी को मातारानी के त्रिशूल से मार देती है। भैरवी का अंत करके सिमर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है। पियूष अवनि से शादी कर लेता है, जिससे वह वादा करता है कि वह हमेशा उसका साथ निभाएगा। अवनि ही सिमर और भारद्वाज परिवार की नई बहू बनती है।

कहानी अपने आखिरी पडाव तक पहुच जाती है। अगले दिन, सुबह, सिमर, प्रेम, माताजी, परी, पियूष, अवनि, संजना और समीर मिलकर मातारानी की आरती करते है। सिमर मातारानी को धन्यवाद देती है कि एक बार फिर उन्होने उसकी लाज रखी। सिमर सब को आरती देती है। पियूष - अवनि उससे आशिर्वाद लेकर अपने नए जीवन की शुरूआत करते है। पियूष की यारदाश्त वापस आ चुकी है और अब अवनि के साथ एक नया जीवन शुरू करेगा। सिमर फिर संजना - समीर को आरती देती है। समीर अपने मा के किए पर शर्मशार होता है तो उसे सिमर और माताजी समझाती है कि सत्य और असत्य की लडाई मे उसने हमेशा सत्य का साथ दिया है। समीर - संजना गले मिलते है। फिर सिमर को अपनी छोटी बहन, रोली की याद आती है। सिमर कहती है कि यह जिन्दगी भी कैसी होती है कुछ नए रिश्ते जुड जाते है, कुछ रिश्ते खत्म हो जाते है और कुछ रिश्ते यादे बनकर दिल मे समा जाते है। परी सिमर से कहती है - वक्त रिश्तो का हर जख्म भर देता है, कुछ माफी माग लेने से और कुछ माफ कर देने से। यह कहकर परी सिमर से अपनी अतीत की सारी गलतीयो के लिए माफी माग लेती है और उससे गले मिलती है। फिर माताजी कहती है जो अपनो के बिना बीते वो उम्र और जो अपनो के साथ बीते वो जिन्दगी होती है। संजना कहती है कि आज हम सब के जीवन मे एक नई शुरूआत करने का मौका आया है, खुशियो ने दस्तक दी है। माताजी कहती है कि हमे अपने जीवन की इन खुशियो का मिलकर स्वागत करना चाहिए। सभी एक दूसरे का हाथ पकड लेते है। माताजी कहती है कि भारद्वाज परिवार सिर्फ एक परिवार नही है, पर एक सोच है। आने वाले सालो मे इसे दुनिया जरूर याद रखेगी। इसका इतिहास के पन्नो मे छोटा ही सही, पर नाम तो होगा। माताजी अंत मे कहती है - "सालो साल दुनिया देगी मिसाल की ये देखो ऐसा है ऐसा है मेरी सिमर का ससुराल" सभी एक दूसरे के कंधे पर सिर रखकर भाव विभोर हो जाते है। अंत मे सभी मातारानी का एक साथ जयकारा लगाते है "जय माता दी" जिसके साथ ही "ससुराल सिमर का" का सफर सफलतापूर्वक समाप्त हो जाता है।

सीजन[संपादित करें]

सीजन 1[संपादित करें]

शो दो बहनों, सिमर (दीपिका कक्कर) और रोली (अविका गोर) की कहानी के रूप में शुरू हुआ, जो दो भाइयों, प्रेम (शोएब इब्राहीम / धीरज धूपर) और सिद्धांत (मनीष रायसिन्घन) से क्रमशः शादी करती हैं। फिर कहानी यह दिखाने के लिए प्रगति करती है कि कैसे यह दो बहनें भारद्वाज परिवार की आदर्श बहू बन जाती हैं। पहले सीजन में क्रमशः रोली और सिमर की भूमिका में बालिका वधू प्रसिद्धि अविका गोर और दीपिका कक्कर ने अभिनय किया। शोएब इब्राहीम और मनीष रायसिन्घन प्रेम और सिद्धात के रूप में क्रमशः दीपिका कक्कर और अविका गोर के विपरीत थे। बाद में, धीरज धूपर दीपिका कक्कर के विपरीत थे।

सीजन 2[संपादित करें]

दूसरे सत्र में सिमर (दीपिका कक्कर), रोली (अविका गोर), प्रेम (धीरज धूपर) और सिद्धांत (मनीष रायसिन्घन), द्वारा कुछ अलौकिक जीवों से भारद्वाज परिवार को बचाने के लिए और उन जीवों को नष्ट करने के लिए किए गए संघर्ष शामिल थे।

सीजन 3[संपादित करें]

तीसरे सीज़न में कीर्ति केलकर, वैशाली टक्कर, कृषन बरेटो, वरुण शर्मा, काजोल श्रीवास्तव, निक्की शर्मा, सिद्धार्थ शिवपुरी, अभिनंदन जिंदल, खुशवान्त वालिया, केनिशा भारद्वाज, वंदना विठलानी, रोहन मेहरा और मोनिका शर्मा नाम के नए कलाकार शामिल थे।

कहानी सिमर (दीपिका कक्कर / कीर्ति केलकर) और प्रेम (धीरज धूपर / मजहेर सायद) के बच्चों अंजली (वैशाली टक्कर), संजना (कृषन बरेटो) और पियूष (वरुण शर्मा) पर केंद्रित है, और दर्शाती है कि वे अपने बच्चों की उनके जीवन में मदद कैसे करते हैं ।

अनुवाद[संपादित करें]

यह कार्यक्रम तमिल, मलयालम तथा तेलुगू भाषाओं में अनुवाद करके भी प्रदर्शित किया जाता है। तमिल अनुवाद "मूंडरू मुडिचु" नाम से पॅालिमेर टीवी पर, मलयालम अनुवाद "सितारा" सूर्या टीवी पर तथा तेलुगू अनुवाद माँ गोल्ड पर "मूदु मुल्लु" कार्यक्रम के नाम से प्रसारित होता है।

कलाकार[संपादित करें]

मुख्य कलाकार[संपादित करें]

  • दीपिका कक्कर / कीर्ति केलकर - सिमर प्रेम भारद्वाज
  • शोएब इब्राहीम / धीरज धूपर / मजहेर सायद - प्रेम राजेेंद्र भारद्वाज - सिमर का पति
  • अविका गोर - रोली सिद्धांत भारद्वाज (मृत) - सिमर की छोटी बहन, सिमर की सबसे छोटी जेठानी, सिद्धांत की पत्नी
  • मनीष रायसिन्घन - सिद्धांत राजेंद्र भारद्वाज - सिमर के सबसे छोटे जेठ, रोली के पति
  • ज्याति भाटिया - निर्मला देवी दद्दूजी भारद्वाज / माताजी - सिमर की ददिया सास
  • वरुण शर्मा - पियूष प्रेम भारद्वाज / मन्नू - सिमर और प्रेम का बेटा
  • निक्की शर्मा - रोशनी पियूष भारद्वाज (मृत) - पियूष की पहली पत्नी, सिमर और प्रेम की पहली बहू
  • मोनिका शर्मा - अवनि पियूष भारद्वाज - सिमर और प्रेम की दूसरी बहू, पियूष की दूसरी पत्नी
  • कृषन बरेटो - संजना समीर कपूर / संजूू - सिमर और प्रेम की गोद ली हुई बेटी
  • रोहन मेहरा - समीर धनराज कपूर (अंजलि से तलाकशुुदा) - अंजलि का दूूसरा पति, सिमर का दामाद, संजना का पति
  • वैशाली टक्कर - अंंजलि प्रेम भारद्वाज / अंंजू / अंजलि विक्रम अग्रवाल / अंंजलि समीर कपूर (जेल में बन्द) - सिमर और प्रेम की बेेटी
  • सिद्धार्थ शिवपुरी - विक्रम संजीव अग्रवाल (अंजलि से तलाकशुदा) - अंंजलि का पहला पति

अतिरिक्त कलाकार[संपादित करें]

अलौकिक कलाकार[संपादित करें]

मेहमान और मेजबान[संपादित करें]

  • गौरव खन्ना (2011) - नृत्य प्रतियोगिता के मेजबान
  • विपुल रॉय (2014) - एक प्रतियोगिता के मेजबान
  • शाहरुख खान (2011) - सिमर के नृत्य प्रदर्शन के न्यायाधीश, डांस रियलिटी शो चक धूम धूम में न्यायाधीश जिसमें सिमर ने भाग लिया
  • उर्मिला मातोंडकर (2011) -डांस रियलिटी शो चक धूम धूम में सिमर ने भाग लिया था जिसमें यह सिमर के डांस परफॉर्मेंस की सलाहकार थीं
  • टेरेन्स लुईस (2011) - डांस रियलिटी शो चक धूम धूम में सिमर ने भाग लिया था जिसमें यह सिमर के डांस परफॉर्मेंस की सलाहकार थीं
  • संजीव कपूर (2014) - बहू नं .1 प्रतियोगिता के लिए चुनौती देने के लिए यह आए थे
  • कपिल शर्मा (2014) - बहू नं .1 प्रतियोगिता के लिए चुनौतियों देने के लिए यह आए थे
  • सलमान खान (2015) - अपनी फिल्म, प्रेम रतन धन पायो को बढ़ावा देने के लिए आए थे
  • सोनम कपूर (2015) - अपनी फिल्म, प्रेम रतन धन पायो को बढ़ावा देने के लिए आई थीं

मुख्य कलाकारों की तस्वीरें[संपादित करें]

दीपिका कक्कर - सिमर प्रेम भारद्वाज (2011-2017)

महासंगम एपिसोड्स[संपादित करें]

  • 5 एपिसोड्स का महासंगम - 14 मई से 18 मई, 2012 - कैरी -रिश्ता खट्टा मीठा - इमर्ती देवी अपने परिवार के साथ खुशी के साथ संकल्प की शादी में भाग लेने आए।
  • 1 एपिसोड का महासंगम - 2 मार्च, 2015 - शास्त्री सिसटरस् - चार दिल एक धड़कन - अनुष्का और देवयानी सिमर को माया से लाल दरवाजे की चाबियाँ पाने में मदद करती हैं जहां माया ने रोली को रखा था।
  • 2 एपिसोड्स का महासंगम - 27 जुलाई और 28 जुलाई, 2015 - स्वरागिनी - जोड़े रिश्तों के सुर - रागिनी ने लक्ष्य के साथ शादी तोड़ने के लिए मोहिनी को स्वरा पर काले जादू करने का आह्वान किया। वह उसके साथ प्यार करती है। प्रेम स्वरा द्वारा बचाया जाता है और वह स्वयं, संस्कार द्वारा बचाई जाती है।
  • 2 एपिसोड्स का महासंगम - 30 नवंबर और 1 दिसंबर, 2015 - स्वरागिनी - जोड़े रिश्तों के सुर - स्वरा को बताते हुए सिमर कोलकाता जाते हैं क्योंकि रागिनी ने लक्ष्य से विवाह किया था। देविका जो पाताल देवी के पास है, सिमर, स्वरा और संस्कार को मारने की कोशिश करती है लेकिन विफल हो जाती है।
  • 1 एपिसोड का महासंगम - 4 मार्च, 2016 - बालिका वधू - कच्ची उमर के पक्के रिश्ते - सिमर शिवरात्रि पर भगवान शिव के एक प्रसिद्ध मंदिर में जाता है। वह वहां आनंदी से मिलती है।
  • 1 एपिसोड का महासंगम - 15 अप्रैल, 2016 - स्वरागिनी - जोड़े रिश्तों के सुर - स्वरा के साथ बैशाखी का जश्न पूरा भारद्वाज परिवार मनाता है। उसके बाद भारद्वाज परिवार का हर सदस्य अचानक गायब हो जाता है। स्वरा बुरी शक्तियों के अन्त के लिए मशहूर रेत में चंद्रमणी को दफनाती है।
  • 1 एपिसोड का महासंगम - 2 अक्टूबर, 2016 - स्वरागिनी - जोड़े रिश्तों के सुर - अंजलि ने कोलकाता जाने के लिए सिमर और प्रेम से पूछा। वे स्वरा के घर जाते हैं। स्वरा खुशी और अंजली से वीडियोटेप लेने की कोशिश करती है लेकिन असफल रहती है। सिमर पार्वती से चाबियाँ लेने में सफल होता है और इसे स्वरा को देता है।
  • 1 एपिसोड का महासंगम - 21 अप्रैल, 2017 - एक श्रृंगार - स्वाभिमान - काल द्वारा कब्जा कर लिया गया पियूष गायब हो गया है और रोशनी उसे ढूंढने की कोशिश करती है लेकिन असफल हो जाती है, लेकिन जब नैना उसकी मदद करती है तो सफल होती है। सिमर उसे प्रेरित करती है जब वह उसे बताती है कि वह अपनी बहन के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने जा रही है।
  • 1 एपिसोड का महासंगम - 28 अप्रैल, 2017 - शक्ति - अस्तित्व के एहसास की - काल द्वारा कब्जा कर लिया गया पियूष आदित्य को उसके साथ ले जाता है। हरमन उसके पीछे जाता है लेकिन पियूष निर्दोष साबित हो जाता है। आदित्य पाया जाता है लेकिन श्री चड्डा उसे लेकर चले जाते हैं। सिमर सौम्या और हरमन को पैसे देती है लेकिन वे इनकार कर देते हैं क्योंकि उन्होंने पहले से ही पैसों की व्यवस्था कर ली था।

प्रसारण[संपादित करें]

यह धारावाहिक 25 अप्रैल 2011 को प्रीमियर हुआ था। शो का निर्माण रश्मी शर्मा टेलीफिल्म्स लिमिटेड ने किया था। इसने पहली बार दीपिका कक्कर, शोएब इब्राहीम, अविका गोर और मनीष रायसिन्घन को सिमर, प्रेम, रोली और सिद्धांत के रूप में तारांकित किया। दीपिका कक्कर ने सिमर की भूमिका निभाई। शोएब इब्राहीम ने प्रेम की भूमिका निभाई। ज्याति भाटिया ने शो में माताजी की भूमिका निभाई। शोएब इब्राहीम ने 2013 में शो छोड़ा क्योंकि निर्माता अपने चरित्र को ज्यादा स्क्रीन स्पेस नहीं दे रहे थे। उन्होंने चरित्र की रचनात्मक आजादी के साथ फुटेज और निराशा की कमी के कारण शो छोड़ा। शोएब के शो से बाहर निकलने के बाद उन्हें धीरज धूपर ने प्रतिस्थापित किया, जिन्होंने प्रेम की मुख्य पुरुष लीड भूमिका निभाई। अप्रैल 2016 में, अविका गोर ने शो छोड़ दिया क्योंकि वह 10 साल तक लगातार काम करने के बाद ब्रेक चाहती थीं। इस प्रकार, शो में उनके चरित्र रोली की मृत्यु हो गई थी। मान्सी श्रीवास्तव ने सिमर की बचपन की सहेली प्रेरणा के रूप में श्रृंखला में प्रवेश किया। जुलाई 2016 में, मान्सी श्रीवास्तव और मनीष रायसिन्घन ने भी शो छोड़ा। इसलिए, प्रेरणा और सिद्धांत के संबंधित पात्र विदेशों में स्थानांतरित हुए थे। अगस्त 2016 में, वैशाली टक्कर और वरुण शर्मा ने क्रमशः अंजलि और पियूष के रूप में शो में प्रवेश किया। मार्च 2017 में, दीपिका कक्कर और धीरज धूपर दोनों ने शो छोड़ दिया। उसी महीने, कीर्ति केलकर ने दीपिका कक्कर की जगह शो में ली। जून 2017 में, कृषन बरेटो ने इस कार्यक्रम में संजना के रूप में प्रवेश किया। अगस्त 2017 के अंत में, मजहेर सायद ने प्रेम की भूमिका में शो में प्रवेश किया। दिसंबर 2017 में, वैशाली टक्कर ने शो छोड़ा। तो अंजलि के उनके चरित्र को शो में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी 2018 में, निक्की शर्मा ने भी शो छोड़ा। तो रोशनी का उसका किरदार शो में मर गया था। उसी महीने, मोनिका शर्मा ने अवनी की भूमिका में शो में प्रवेश किया। अंततः श्रृंखला 2 मार्च 2018 को 2,063 एपिसोड को पूरा करने के बाद ऑफ-एयर हो गया।

1000 एपिसोड पूर्ति[संपादित करें]

वह उत्सव का समय था जब कलर्स के लोकप्रिय परिवार नाटक ससुराल सिमर का ने सहस्राब्दी के निशान को हिट किया था, क्योंकि तब सिमर और प्रेम की प्रेम गाथा ने एक नया मोड़ लिया था। चूंकि दो विचित्र प्रेमियों ने हांगकांग में पथ पार किये थे, यह देखा जाना बाकी था कि भाग्य उन्हें एक साथ फिर से लाएगा या नहीं। ससुराल सिमर का ने दर्शकों को दो बहनों सिमर और रोली की कहानी से चिपकाया था जिन्होंने दृढ़ संकल्प और दृढ़ता के साथ जीवन गाथा में उन्नति किया है। तब 1000-एपिसोड समारोह शुरू हुए थे। दर्शकों का तीन साल से ज्यादा मनोरंजन करने के बाद, कलर्स के सबसे ज्यादा प्यार वाले परिवार नाटक ससुरल सिमर का ने 1000-एपिसोड मील का पत्थर हासिल किया था। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को पूरा करना जो कि कलर्स के लिए एक हैट्रिक था, जिसके बालिका वधू और उतरन जैसे शो लाखों अंक तक पहुंच गए हैं। इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए, ससुराल सिमर का दल हांगकांग पर्यटन बोर्ड के साथ एक विशेष शूट और श्रोताओं के बीच प्रसिद्धि की पहल पेश करने के लिए हाथ मिलाया था जो मुख्य नायक सिमर और उसके विवाहित पति प्रेम के जीवन में अविश्वसनीय मोड़ लाया था। 1000-एपिसोड उत्सव 13 अक्टूबर 2014 से कलर्स चैनल पर 7.30 बजे शुरू हुआ था।

अप्रैल, 2011 में पहली बार लॉन्च होने वाले शो तभी से को लगातार रेटिंग मिली थी। यह शो 7.30 बजे के समय स्लॉट में नेता के रूप में 86 सप्ताह के औसत 4.6 टीवीटी के साथ बढ़ा था। शो की सफलता ने यह सुनिश्चित किया था कि इस शो को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 10 से अधिक भाषाओं में सिंडिकेट किया गया था।

दर्शकों को उनके अंतहीन समर्थन के लिए धन्यवाद देने के लिए, चैनल ने एक प्रतियोगिता शुरू की थी जो दर्शकों की भागीदारी को बढ़ाने का वादा किया है। 1000 एपिसोड उत्सव सप्ताह के दौरान दर्शकों के सामने प्रतियोगिता प्रश्न पेश किए गए थे। विजेता हांगकांग सौजन्य हांगकांग पर्यटन बोर्ड के लिए एक अखिल व्यय भुगतान यात्रा जीत सकता था।

सहस्राब्दी के निशान तक पहुंचने के बारे में बोलते हुए, कलर्स सप्ताहांत प्रोग्रामिंग प्रमुख प्रशांत भट्ट ने कहा था: "प्रतिक्रिया है कि ससुराल सिमर का से दुनिया भर के दर्शक पिछले तीन वर्षों से लगातार संतुष्ट रहे है। हमने श्रोताओं की नाड़ी की पहचान करने के हमारे प्रयासों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिन्होंने ससुरल सिमर का ने शानदार रेटिंग के माध्यम से अपने समर्थन को प्रदर्शित किया है। शो दो प्यारी बहनों की यात्रा के रूप में शुरू हुआ और आज एक प्रतिष्ठित संपत्ति बन गया है जो पारिवारिक मूल्यों के लिए सीखने का मैदान बनाता है। शो की सफलता हमारे सहयोगियों में हमारी धारणा को दोहराती है, न केवल ससुरल सिमर का बल्कि बालिका वधू और उतरन, जिनके विश्वास में हमने कुछ ब्लॉकबस्टर टेलीविजन प्रसाद के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।"

चूंकि ससुरल सिमर का टीम मुख्य कलाकार सिमर (दीपिका कक्कर), प्रेम (धीरज धूपर), सुरभी (नेहा अय्यर) और विक्रांत (आदेश चौधरी) के साथ हांगकांग गए थे, उन्होंने सबसे खूबसूरत और विदेशी इलाकों में शूटिंग की थी जिसने छोटी स्क्रीन पर जादू बनाने का वादा किया था।

टीम द्वारा फिल्माए गए कुछ स्थानों में हांगकांग हवाई अड्डे, पार्क होटल, हार्बर ग्रैंड, टाइम्स स्क्वायर, कन्या क्रूज़, बिग बस, विक्टोरिया पीक और लान्ताऊ लिंक व्यूइंग प्लेटफार्म शामिल थे। हांगकांग में उनके प्रवास के दौरान क्या पारदर्शी वादा करता है कि वे विलुप्त होने के दौरान श्रोताओं की प्रत्याशा को बढ़ाने का वादा करते हैं? - क्या वे नहीं होंगे? 'दर्शकों के बीच सवाल था।

ससुरल सिमर का टीम की मेजबानी करते हुए अपने अनुभव के बारे में बोलते हुए, हांगकांग पर्यटन बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा था, "हम हांगकांग में कलर्स के प्रमुख शो, ससुरल सिमर का टीम की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह से रोमांचित हैं क्योंकि वे एक नई यात्रा के आगमन का जश्न मनाते हैं 1000-एपिसोड पूरा करते समय। हम टीम को बधाई देना चाहते हैं और हमें विशेष मील का पत्थर में भाग लेने की इजाजत देने के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं। हांगकांग पर्यटन और व्यापार के लिए आदर्श सामुदायिक गंतव्य है और ससुरल सिमर का के साथ हमारे सहयोग के माध्यम से, हम भारतीय यात्रियों को दोनों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं।"

इस पर रश्मि शर्मा टेलीफिल्म्स निर्माता रश्मी शर्मा ने कहा था: "जब से ससुराल सिमर का लॉन्च हुआ, तब से शो और उसके पात्र घरेलू नाम बन गए हैं। हम इस बात को देखने के लिए आभारी हैं कि दर्शकों ने हमें दिखाया है जो आज भी टेलीविजन पर शीर्ष रेटेड शो में शामिल है। जैसे-जैसे कहानी हांगकांग पर ध्यान केंद्रित करती है, हम आशा करते हैं कि दर्शकों को सिमर और प्रेम के जीवन के रूप में गुणवत्ता मनोरंजन लाया जाए, और रोली और सिद्धांत को और अधिक मोड़ का अनुभव हो। "

शो के शीर्ष पर बढ़ोतरी से उस वक्त के कलाकार सिमर (दीपिका कक्कर), रोली (अविका गोर), प्रेम (धीरज धूपर), सिद्धांत (मनीष रायसिन्घन), माताजी (ज्याति भाटिया), सुजाता (निशिगंधा वाद), मनोरंजन (निमिशा वकारिया) और विक्रांत (आदेश चौधरी) को विशेष शान की प्राप्ति हुई थी। शो की उस वक्त की मुख्य महिला कलाकार दीपिका कक्कर ने कहा था कि वह एक हज़ार एपिसोड्स और पार करना चाहेंगी। सिमर ने कहा था, "यह एक बड़ी उपलब्धि है क्योंकि दर्शकों द्वारा शो को इतना पसंद किया जाना और टीआरपी को इतनी देर तक बनाए रखना आसान नहीं है।" कक्कर ने अभिनय करने के लिए एयरहोस्टेस के रूप में अपना काम छोड़ दिया था, और शो के 1000 वें एपिसोड की शूटिंग हांगकांग में कर रहीं थीं। विदेशी स्थान नए ट्रैक के अभिन्न अंग थे जिसने सिमर के लिए नई दुविधाएं खोले हथे। "मोड़ और मोड़ शो के यूएसपी हैं, और यह हमारी शक्तियों को भी बढ़ा देता है। कक्कर ने यह भी कहा था, "नए ट्रैक से अभिनेता शो के बारे में उत्साहित हैं, अन्यथा यह एकान्त हो जाता है।" वह इस बात से सहमत हैं कि टेलीविजन आखिरकार सीमित श्रृंखला की अवधारणा तक जाग रहा है, और लंबे समय तक चलने वाले शो जो कहीं भी नहीं जा रहे हैं, हवा से बाहर निकलने की जरूरत है। "यह ससुरल सिमर का के साथ ही है। वह कहती है कि हम इसे जीवित रखने के लिए और टीआरपी को दो से ऊपर रखने के लिए बहुत मेहनत करते हैं।" तीन सालों से वही भूमिका निभाते हुए, कक्कर को सिमर के साथ कई समानताएं मिलती थीं। "वह भी भावनात्मक, पारिवारिक उन्मुख है, नृत्य पसंद करती है, लेकिन बाहर जाना पसंद नहीं है। एकमात्र अंतर यह है कि सिमर शांत है और मैं हमेशा अपने मन की बात बोल देती हूँ" वह कहती हैं। एक बिंदु पर, कक्कर का चरित्र शो में नकारात्मक हो गया था और अभिनेता ने पाया कि काफी चुनौतीपूर्ण था। "मैंने कभी नकारात्मक चरित्र निभाया नहीं है, और मैं सिमर के गर्भपात को कभी नहीं भूलूंगी। मैंने अपने दिल से रोया और दृश्य के लिए ग्लिसरीन का भी उपयोग नहीं किया" उन्होंने कहा था।

2000 एपिसोड पूर्ति[संपादित करें]

टीवी धारावाहिक ‘ससुराल सिमर का’ से जुड़े कलाकार व अन्य लोग इसके 2000 एपिसोड पूरे होने पर उत्साहित थे। उस समय कलर्स चैनल पर सिमर के किरदार में नजर आने वाली कीर्ति केलकर ने अपने बयान में कहा था,‘‘ससुराल सिमर का ने 2000 एपिसोड पूरे कर लिए और वास्तव में मुझे इस पर विश्वास नहीं हो रहा है। यह धारावाहिक मेरे दिल के बेहद करीब है।’’ रश्मि शर्मा टेलीफिल्म्स द्वारा निर्मित यह धारावाहिक 2011 से प्रसारित हो रहा था। धारावाहिक में माताजी का किरदार निभाने वाली ज्याति भाटिया ने कहा था, ‘‘ससुराल सिमर का मेरे लिए केवल एक धारावाहिक नहीं है, यह मेरे जीवन का एक हिस्सा है। मैं बेहद आभारी और गौरवान्वित हूं कि इतनी सारी बाधाओं के बाद भी धारावाहिक की पूरी टीम ने एक दूसरे का हाथ थामे रखा और आगे बढ़ती रही।’’ उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे बेहद गर्व है कि ‘ससुराल सिमर का’ ने 2000 एपिसोड पूरे कर लिए।’’ धारावाहिक का 2000वां एपिसोड मंगलवार 5 दिसम्बर 2017 को प्रसारित हुआ था।

अनुकूलन[संपादित करें]

इस शो को भू कहनी द्वारा प्रसारित किया गया था लेकिन कुछ एपिसोड के बाद बंद कर दिया गया था। यह कलर्स बहन चैनल रिश्ते भी प्रसारित करता था। इस धारावाहिक को तमिल में पोलिमर टीवी द्वारा मोंड्रु मुडिचु और सूर्य टीवी द्वारा मलयालम में सिथारा के रूप में भी अनुकूलित किया गया है। शो ने वियतनाम में वियतनामी में इचैनेल वीटीवी कैब 5 द्वारा वियतनाम को डब किया था। यह पाकिस्तान में उर्दू 1 पर अक्टूबर 2016 तक प्रसारित हुआ था। यह कार्यक्रम बुल्गारिया में दीमा परिवार और नोवा टेलीविजन (बुल्गारिया) पर "रिटर्विंग इन मैथिट" के रूप में प्रसारित होता है।

त्रिशक्ति एपिसोड्स[संपादित करें]

त्रि का मतलब है तीन और शक्ति का मतलब शक्ति है, इस प्रकार त्रिशक्ति का अर्थ है तीन शक्ति। प्रत्येक त्रिशक्ति में, तीन धारावाहिक भागों में तोड़ दिए गए थे और एक-एक करके दिखाए गए थे।

  • फरवरी 19, 2016 को इश्क का रंग सफेद, थपकी प्यार की और ससुराल सिमर का
  • मार्च 10, 2016 को इश्क का रंग सफेद, थपकी प्यार की और ससुराल सिमर का
  • मार्च 17, 2016 को थपकी प्यार की, ससुराल सिमर का और बालिका वधू
  • मार्च 29, 2016 को थपकी प्यार की, ससुराल सिमर का और उड़ान सपनों की
  • अप्रैल 8, 2016 को थपकी प्यार की, ससुराल सिमर का और उड़ान सपनों की
  • अप्रैल 21, 2016 को इश्क का रंग सफेद, थपकी प्यार की और ससुराल सिमर का
  • मई 12, 2016 को ससुरल सिमर का, उड़ान सपनों की और स्वरागिनी
  • मई 20, 2016 को थपकी प्यार की, ससुराल सिमर का और उड़ान सपनों की
  • मई 26, 2016 को थपकी प्यार की, ससुराल सिमर का और बालिका वधू

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]