सर्वनिष्ठ (समुच्चय सिद्धान्त)

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

समुच्चयों का सर्वनिष्ठ अथवा प्रतिच्छेद (Intersection) दो या दो से अधिक समुच्चयों के उभयनिष्ठ अवयवों के समुच्चय को कहते हैं। समुच्चय A और B के सर्वनिष्ठ को A ∩ B से निरुपित किया जाता है एवं इसे 'A सर्वनिष्ठ B' पढ़ा जाता है।[1] यदि दो समुच्चयों का सर्वनिष्ठ समुच्चय रिक्त समुच्चय है तो उन समुच्चयों को असंयुक्त समुच्चय कहा जाता है।[1][2]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. शीलवंत सिंह (2011). सिविल सेवा प्रारम्भिक परिक्षा. टाटा मैकग्रा - हिल एजुकेशन. प॰ 54. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780071074810. 
  2. "Stats: Probability Rules". पीपुल डॉट रीचलैण्ड डॉट इडीयू. http://people.richland.edu/james/lecture/m170/ch05-rul.html. अभिगमन तिथि: 2013-10-06.