सर्केडियन लय
मनुष्य का शरीर अत्यंत जटिल और अद्भुत संरचना का उदाहरण है। शरीर की प्रत्येक क्रिया-प्रक्रिया एक निश्चित समय-सारणी के अनुसार चलती है। दिन और रात के परिवर्तन के साथ हमारे शरीर में भी अनेक परिवर्तन होते हैं। यही समय आधारित परिवर्तन शरीर की सर्केडियन लय कहलाती है। यह हमारे शरीर की प्राकृतिक 24 घंटे की जैविक घड़ी है, जो यह नियंत्रित करती है कि हमें कब सोना है, कब जागना है, कब भूख लगनी चाहिए और कब शरीर को विश्राम की आवश्यकता है। “सर्केडियन लय” शब्द लैटिन भाषा के दो शब्दों से बना है “सर्का” जिसका अर्थ है “लगभग” और “डायम” जिसका अर्थ है “एक दिन”। इस प्रकार इसका अर्थ हुआ “लगभग एक दिन की लय”। यह लय हमारे शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी के रूप में कार्य करती है। हमारे शरीर की यह घड़ी दिन के 24 घंटों में अनेक शारीरिक प्रक्रियाओं का समन्वय करती है, जैसे नींद और जागृति का क्रम, हार्मोन का स्राव, पाचन क्रिया, शरीर का तापमान और मानसिक एकाग्रता। [1]
सर्केडियन लय कैसे कार्य करती है?
[संपादित करें]सर्केडियन लय का नियंत्रण हमारे मस्तिष्क के एक विशेष भाग में स्थित सुप्राकायस्मैटिक नाभिक (एस.सी.एन.) द्वारा किया जाता है, जो हाइपोथैलेमस में पाया जाता है। एस.सी.एन. में स्थित तंत्रिका कोशिकाएँ प्रकाश के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती हैं। जब प्रकाश हमारी आँखों में प्रवेश करता है, तो ये कोशिकाएँ मस्तिष्क को संकेत भेजती हैं, जिससे मेलाटोनिन नामक हार्मोन का स्राव रुक जाता है। मेलाटोनिन वह हार्मोन है जो हमें नींद लाने में सहायता करता है।दिन के समय, प्रकाश की उपस्थिति में शरीर सक्रिय रहता है और रात के समय अंधकार बढ़ने पर मेलाटोनिन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे शरीर नींद की अवस्था में चला जाता है।[2]
सर्केडियन लय के विकास की प्रक्रिया
[संपादित करें]1. शिशुओं में सर्केडियन लय
नवजात शिशुओं में प्रारंभिक महीनों में सर्केडियन लय विकसित नहीं होती। इसी कारण उनके सोने-जागने का समय अनियमित होता है। लगभग तीन माह की आयु में शिशुओं के शरीर में मेलाटोनिन बनने लगता है और धीरे-धीरे उनका नींद-जागरण चक्र स्थिर होने लगता है। नौ माह की आयु तक शिशु नियमित नींद की आदत विकसित कर लेते हैं। [3]
2. किशोरावस्था में सर्केडियन लय
किशोरों में नींद का समय सामान्यतः देर से आने लगता है। किशोरावस्था में मेलाटोनिन का स्राव रात के लगभग 10 से 11 बजे के बाद होता है, जिसके कारण वे देर रात तक जागते हैं और सुबह देर से उठते हैं। इस अवस्था में भी उन्हें प्रतिदिन नौ से दस घंटे नींद की आवश्यकता होती है। [4]
3. वयस्कों में सर्केडियन लय
वयस्कों में यदि जीवनशैली संतुलित और नियमित हो तो सर्केडियन लय भी स्थिर रहती है। नियमित नींद का समय, संतुलित आहार और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि इस लय को बनाए रखते हैं। 60 वर्ष की आयु के बाद प्रायः लोगों की नींद जल्दी आने लगती है और वे सुबह जल्दी जागने लगते हैं, यह उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। [5][6]
यह भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "What Is Circadian Rhythm?". Cleveland Clinic (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-10-15.
- ↑ MD, Lawrence Epstein; MD, Syed Moin Hassan (2020-05-13). "Why your sleep and wake cycles affect your mood". Harvard Health (अंग्रेज़ी भाषा में). अभिगमन तिथि: 2025-10-15.
- ↑ Xie, Yanling; Tang, Qingming; Chen, Guangjin; Xie, Mengru; Yu, Shaoling; Zhao, Jiajia; Chen, Lili (2019-06-25). "New Insights Into the Circadian Rhythm and Its Related Diseases". Frontiers in Physiology (English भाषा में). 10. डीओआई:10.3389/fphys.2019.00682. आईएसएसएन 1664-042X.
{{cite journal}}: CS1 maint: unflagged free DOI (link) CS1 maint: unrecognized language (link) - ↑ Arns, Martijn; Kooij, J. J. Sandra; Coogan, Andrew N. (2021-09-01). "Review: Identification and Management of Circadian Rhythm Sleep Disorders as a Transdiagnostic Feature in Child and Adolescent Psychiatry". Journal of the American Academy of Child & Adolescent Psychiatry. 60 (9): 1085–1095. डीओआई:10.1016/j.jaac.2020.12.035. आईएसएसएन 0890-8567.
- ↑ Kim, Jee Hyun; Elkhadem, Alexandria R.; Duffy, Jeanne F. (2022-06). "Circadian Rhythm Sleep-Wake Disorders in Older Adults". Sleep Medicine Clinics. 17 (2): 241–252. डीओआई:10.1016/j.jsmc.2022.02.003. आईएसएसएन 1556-4088. पीएमसी 9181175. पीएमआईडी 35659077.
{{cite journal}}: Check date values in:|date=(help) - ↑ "Everything to Know About Your Circadian Rhythm". Healthline (अंग्रेज़ी भाषा में). 2020-07-13. अभिगमन तिथि: 2025-10-15.