सरयू राय

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सरयू राय

विधायक-जमशेदपुर पूर्व, झारखण्ड
कार्यकाल
दिसंबर २०१९ - अभी

राष्ट्रीयता भारतीय

सरयू राय भारत के झारखण्ड राज्य की जमशेदपुर पूर्व सीट से निर्दलीय विधायक हैं। २०१९ के झारखंड विधान सभा चुनावों से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को छोड़ और जमशेदपुर पूर्व निर्वाचन क्षेत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास को परास्त कर के विधायक बने। दिसम्बर २०१९ तक वो जमशेदपुर पश्चिम सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे। २०१४ के चुनावों में वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी बन्ना गुप्ता को 10517 वोटों के अंतर से हराकर निर्वाचित हुए। [1]

२०१४ के चुनावों के बाद पूर्ण बहुमत में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री बने रघुवर दास एवं केबिनेट मंत्री बने सरयू राय। रघुवर दास सरकार में शामिल मंत्री सरयू राय ने 1994 में सबसे पहले पशुपालन घोटाले का भंडाफोड़ किया था। बाद में इस घोटाले की सीबीआइ जांच हुई। राय ने घोटाले के दोषियों को सजा दिलाने को उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक संघर्ष किया। इसके फलस्वरूप राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव समेत दर्जनों राजनीतिक नेताओं व अफसरों को जेल जाना पड़ा। सरयू राय ने 1980 में किसानों को आपूर्ति होने वाले घटिया खाद, बीज, तथा नकली कीटनाशकों का वितरण करने वाली शीर्ष सहकारिता संस्थाओं के विरूद्ध भी आवाज उठायी थी। तब उन्होंने किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए सफल आंदोलन किया। सरयू राय ने ही संयुक्त बिहार में अलकतरा घोटाले का भी भंडाफोड़ किया था। इसके अलावा झारखंड के खनन घोटाले को उजागर करने में सरयू राय की अहम भूमिका रही। इतने घोटालों के पर्दाफाश के बाद तो सरयू राय का नाम भ्रष्ट नेताओं में खौफ का पर्याय बन गया।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "भारत निर्वाचन आयोग-विधान सभाओं के साधारण निर्वाचन 2014 के रूझान एवं परिणाम". मूल से 28 दिसंबर 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 दिसंबर 2014.