सरयू नहर (इमामगंज राजवाहा)
| सरयू नहर (इमामगंज राजवाहा) | |
|---|---|
| विशिष्टताएँ | |
| लम्बाई | 60 किमी |
| स्थिति | कार्यरत |
| Geography | |
| आरम्भबिन्दु | नानपारा बैराज, बहराइच, उत्तर प्रदेश |
| अंतबिन्दु | चक गाँव, बहराइच, उत्तर प्रदेश |
| शाखाएँ | फखरपुर राजवाहा, कैसरगंज राजवाहा |
| मातृधारा | सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना |
| गंतव्य | सरयू मुख्य नहर |
सरयू नहर शाखा इमामगंज राजवाहा उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित सरयू नहर परियोजना की एक प्रमुख शाखा नहर है। यह नहर नानपारा बैराज से शुरू होकर चक गाँव तक लगभग 60 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यह नहर बहराइच जिले के कई गाँवों में सिंचाई सुविधा प्रदान करती है और बाढ़ नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चक गाँव के पास यह नहर दो शाखाओं में बँटती है, फखरपुर शाखा (दक्षिण की ओर) और कैसरगंज राजवाहा (पश्चिम की ओर)।
इतिहास
[संपादित करें]इमामगंज राजवाहा, सरयू नहर परियोजना के शुरुआती चरण में बनाया गया था, जिसकी शुरुआत 1978 में हुई थी। यह नहर 1990 के दशक में, विशेष रूप से 1995 के आसपास, पूरी तरह कार्यरत हो गई थी, जब इसमें पानी का प्रवाह शुरू हुआ। उस समय, इसकी शाखाएँ—फखरपुर राजवाहा और कैसरगंज राजवाहा—भी कार्यरत हो चुकी थीं। सरयू नहर परियोजना को 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिला, और इसका औपचारिक उद्घाटन 11 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया।[1]
मार्ग
[संपादित करें]इमामगंज राजवाहा नानपारा बैराज से शुरू होता है और निम्नलिखित स्थानों से होकर गुजरता है:
- नानपारा
- इमामगंज
- शिवपुर
- बेहड़ा
- बन्सपुरवा
- राजीव चौराहा
- महसी
- महराजगंज बाज़ार
- बनगांव
- रामपुरवा चौकी
- खैरा बाज़ार
- चक गाँव
चक गाँव के पास यह नहर समाप्त होती है और दो शाखा नहरों में बँटती है:
- 1.फखरपुर शाखा यह दक्षिण की ओर जाता है और फखरपुर (कैसरगंज तहसील) के आसपास के गाँवों को पानी प्रदान करता है।
- 2.कैसरगंज राजवाहा यह पश्चिम की ओर जाता है और कैसरगंज तहसील के गाँवों को सिंचाई सुविधा देता है।
तकनीकी विवरण
[संपादित करें]- लंबाई 60 किलोमीटर
- पानी का स्रोत इमामगंज राजवाहा का पानी नानपारा बैराज से आता है, जो सरयू मुख्य नहर से जुड़ा है। सरयू मुख्य नहर बहराइच जिले के मोतीपुर तहसील में बने गिरजापुर बैराज और बहराइच में बने सरयू बैराज से पानी लेती है।
- उद्देश्य यह नहर बहराइच जिले में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए बनाई गई है। यह धान, गन्ना, गेहूँ, और दलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देती है।
- रखरखाव उत्तर प्रदेश सिंचाई और जल संसाधन विभाग द्वारा इस नहर का रखरखाव किया जाता है। नियमित रूप से गाद हटाने और मरम्मत का कार्य होता है।
शाखा नहरें
[संपादित करें]- स्थान यह नहर चक गाँव के पास इमामगंज राजवाहा से दक्षिण की ओर निकलती है और फखरपुर (कैसरगंज तहसील) के आसपास के गाँवों को पानी प्रदान करती है।
- उद्देश्य फखरपुर और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण।
- कार्यरत होने का समय:1995 के आसपास यह नहर कार्यरत हो गई थी।
- प्रभाव यह नहर फखरपुर क्षेत्र की कृषि उत्पादकता को बढ़ाती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है।
कैसरगंज राजवाहा
[संपादित करें]- स्थान यह नहर चक गाँव के पास इमामगंज राजवाहा से पश्चिम की ओर निकलती है और कैसरगंज तहसील के गाँवों को पानी प्रदान करती है।
- उद्देश्य कैसरगंज तहसील में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण।कार्यरत होने का समय: 1995 के आसपास यह नहर कार्यरत हो गई थी।
- प्रभाव यह नहर कैसरगंज क्षेत्र में कृषि उत्पादकता को बढ़ाकर किसानों की आय में सुधार करती है।
पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव
[संपादित करें]- कृषि इमामगंज राजवाहा और इसकी शाखाएँ बहराइच जिले में धान, गन्ना, गेहूँ, और दलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देती हैं। इससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि हुई है।
- बाढ़ नियंत्रण यह नहर मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करने में मदद करती है, जिससे बहराइच के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत मिलती है।
- पर्यावरणीय प्रभाव 2024 में, चक गाँव के पास इमामगंज राजवाहा में मगरमच्छ देखे गए, जो नहर के गहरे पानी और आसपास के प्राकृतिक पर्यावरण के कारण हो सकता है। यह स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा चिंता का विषय बन गया है, और इसके लिए वन विभाग को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
चुनौतियाँ
[संपादित करें]- गाद जमा होना नहर में गाद जमा होने की समस्या समय-समय पर सामने आती है, जिसके लिए नियमित सफाई की आवश्यकता होती है।
- पानी का वितरण पानी के समान वितरण के लिए स्थानीय स्तर पर सिंचाई विभाग और किसान समितियों के बीच समन्वय जरूरी है।
- मगरमच्छों की उपस्थिति 2024 में चक गाँव के पास मगरमच्छों का देखा जाना एक नई चुनौती है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
- रखरखाव उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा नियमित रखरखाव के बावजूद, पानी की कमी या नहर में रुकावट की शिकायतें कभी-कभी सामने आती हैं।
यह भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना'राष्ट्र को समर्पित". www.drishtiias.com. अभिगमन तिथि: २३ जून २०२५.