सबा दीवान

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सबा दीवान एक नई दिल्ली में स्थित वृत्तचित्र फिल्म निर्माता है। उनकी फिल्में लैंगिकता, लिंग, पहचान, सांप्रदायिकता और संस्कृति पर आधारित हैं। उनके उल्लेखनीय कार्यों में 'धर्मयुद्ध' (1989), 'नासूर' (1991), 'खेल' (1994), 'बरफ़' (1997) और 'सीता का परिवार' (2001) शामिल हैं। लांछित महिला कलाकारों के बारे में उनकी ट्रायोलोजी  '' दिल्ली-मुम्बई-दिल्ली '' (2006), 'नाच' (2008) और द अदर सोंग (2009) फिल्मों के लिए प्रसिद्ध हैं।[1]

जीवन[संपादित करें]

सबा का जन्म और पालन पोषण नई दिल्ली में हुआ था। उन्होंने 19 82 में स्कूली शिक्षा समाप्त कर ली और 1982-1985 से सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में अपनी बैचलर्स पूरी की।[2] उन्होंने मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर, जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशंस में मास्टर डिग्री प्राप्त की।[3]

कैरियर[संपादित करें]

सबा 1987 से एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में काम कर रही है। उनकी फिल्म 'दिल्ली-मुम्बई-दिल्ली' (2006) ने मुंबई में बार नर्तकियों के जीवन पर ध्यान केंद्रित किया, 'नाच' (नृत्य, 2008) ने महिलाओं के जीवन का पता लगाया जो ग्रामीण मेलों में नृत्य करती थी, और त्रयी की तीसरी और अंतिम फिल्म 'द अदर सोंग' (2009) वाराणसी की तवाइफों की जीवन शैली के बारे में थी।[4] 2006 में, सबा ने फ़िल्म डिवीजन, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के नियमों के खंड 8 के विरोध में अपनी फिल्म 'दिल्ली, मुंबई दिल्ली' को वापस ले लिया। [5] वर्तमान में, सबा तवाइफों के बारे में एक किताब लिख रही है। [6]

संदर्भ[संपादित करें]