सदस्य वार्ता:मुक्ता पाठक

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
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प्रिय मुक्ता पाठक, हिन्दी विकिपीडिया पर आपका स्वागत है!

निर्वाचित सूची उम्मीदवार का सिम्बल

विकिपीडिया एक मुक्त ज्ञानकोष है जो विश्वभर के योगदानकर्ताओं द्वारा लिखा जा रहा है।
कुछ भी लिखने से पहले कृपया सहायता के निम्नांकित पृष्ठों को ध्यान से पढ़ें:

किसी भी वार्ता/संवाद पृष्ठ, चौपाल या अन्य कहीं भी जहां सदस्यों के मध्य वार्ता होती है, पर अपना सन्देश छोड़ने के बाद अपना हस्ताक्षर अवश्य छोड़े। इसके लिए अपने सन्देश की समाप्ति पर --~~~~ लिख दें।

हम आशा करते है कि आपको विकिपीडिया से जुड़ने में आनन्द आएगा।

--आशीष भटनागर  वार्ता  १९:४०, २९ जून २००९ (UTC) स्वागत के लिए धन्यवाद। -- मुक्ता पाठक  वार्ता  २०:१८, २९ जून २००९ (UTC)

स्वागतम्, मुक्ता जी[संपादित करें]

मुक्ता जी, आपका हिन्दी विकि में स्वागत है। आशा है आप अपनी रुचि एवं विशिष्टता वाले विषयों पर शीघ्र ही लेख लिखना आरम्भ करेंगी।

अनुनाद सिंह १४:०७, २७ जून २००९ (UTC)

अनुनाद जी, आपके संदेश के लिए धन्यवाद। मेरी रुचि भारतीय साहित्य, कला, रंगमंच में है। विज्ञान के सामान्य विषय भी मुझे रुचिकर लगते हैं। कोशिश होगी कि कुछ उपयोगी लिख सकूँ। आशा है आपका मार्ग-दर्शन मिलता रहेगा।--मुक्ता पाठक १४:२८, २७ जून २००९ (UTC)

निर्वाचित लेख उम्मीदवार की काट-छांट[संपादित करें]

आपने उपरोक्त पृष्ठ को काट-छांत कर अपने हिसाब से कुछ यहां कुछ वहां तो कर दिया, किंतु माफ कीजिएगा, आपको सदस्य बने हुए अभी दिन ही कितने हुए हैं। यह काम प्रबंधकों के लिए या कम से कम कुछ सक्रिय अनुभवी सदस्यों के लिए ही छोड़ देतीं, या किसी की राय ले लेतीं तो बेहतर होता। इसमें से बहुत सा अंश, जैसे अकबर लेख से संबंधित अंश, ना तो वर्तमान निर्वाचित लेख प्रत्याशीके पृष्ठ पर है, ना लेख परख पर है, ना अकबर की वार्ता पर ही है। कृपया पहले कुछ काट छांट का अनुभव करें, या संभाल कर कार्य करें। अकबर लेख की वार्ता अभी पूर्ण नहीं हुई थी। उसे वहीं पर रहने देना चाहिए था। दूसरा उस लेख में किसी ने भी लेख की निर्वाचन कमियों पर चर्चा नहीं की थी, मात्र विवाद के लिए चर्चा हुई थी। साथ ही मएं उसे ४ प्रबंधकों का समर्थन भी मिला था। मैं फिल्हाल उस अंश को वापस लगा रहा हूं। मेरी बात को अन्यथा ना लें। बुरा लगा हो तो क्षमा करें। आप अन्य क्षेत्रों में अनुभवी हो सकती हैं, किंतु यहां पर उस काट-छांट से चर्चा के महत्वपूर्ण अंश खो जाते, इसलिए मैंने बताया। आशा है आपका साहित्यिक अनुभव(कड़ी आलोचना सहित) हिन्दी विकि को आगे बढ़ाने में हमारी गाड़ी में ईंधन का काम करेगा।--आशीष भटनागर  वार्ता  ०९:२६, १ जुलाई २००९ (UTC)

इसके आगे यह भी जोड़ना चाहूंगा, कि यदि आपके पास कुछ पाठ हो, जिसे विकिपीडिया के अनुरूप (विकिफाई) करना हो तो कृपया याद करें, सदैव प्रस्तुत हूं। आज का आलेख स्तंभ, जिसे पहले दो लोग देखते थे, वे ६ जून से छुट्टी पर चले गए थे, और तबसे मुझे अपनी भारतीय रेल परियोजना पर काम रोककर यहां लगना पड़ा। मेरा अनुभव दो के बराबर तो नहीं था। इस कारण भूल व त्रुटियां हुईं। फिर भी आगे से ध्यान दूंगा। यहां हमारा ध्येय है, कि एक आम इंटरनेट प्रयोगकर्ता विकिपीडिया प्रयोग करे, और विकि प्रयोक्ता हिन्दीविकि में आए। हिन्दी विकि पाठक यहां का योगदानकर्ता बने। और इस तरह अपना स्तर सुधार कर हिन्दी विकि के उत्थान में सहयोग दे। सधन्यवाद --आशीष भटनागर  वार्ता  ०९:३३, १ जुलाई २००९ (UTC)
संदेश के लिए धन्यवाद। आपको काट छाँट पसंद नहीं आई इसका दुख है। अगर यह पृष्ठ सामान्य बुद्धिजीवी के लिए खुला नहीं है तो इसे सुरक्षित कर देना था। आज के आलेख के विषय में सिर्फ इतना ही कहना चाहती हूँ कि जिस प्रकार आप संदेश लिखते हैं और जिस प्रकार के लेख आप बनाते हैं उससे लगता है कि हिंदी लिखने का आपको अभ्यास नहीं है या आपको यह समझ नहीं कि आप जो लिख रहे हैं उसमें क्या और क्यों गलत हैं और इनको सुधारा जाना चाहिए। लेख लिखने का उत्तरदायित्व (कम से कम आज का आलेख और निर्वाचित लेख) सही हिंदी जाननेवाले प्रबंधकों के लिए या कम से कम कुछ सक्रिय अनुभवी सदस्यों के लिए ही छोड़ देते, या किसी की राय ले लेते तो बेहतर होता। मैं कोई साहित्यकार नहीं हूँ। पत्रकारिता अध्यापन के क्षेत्र से हूँ। लेख कैसे लिखा जाय यह सिखाना ही मेरा काम है इसलिए बे-सिर-पैर के लेखों को देखकर कष्ट होता है। कुछ बुरा लगा हो तो माफ़ कीजिएगा, लेकिन हिंदी का विकास करना है तो सही हिंदी तो लिखना आना चाहिए और लेख चाहे विकिपीडिया का ही क्यों न हो उसका ढाचाँ और प्रस्तुति सही होनी चाहिए। साथ ही सार्वजनिक रूप से कुछ लिखने का सामाजिक दायित्व होता है यह भी समझना चाहिए।--मुक्ता पाठक १०:४२, १ जुलाई २००९ (UTC)
नमस्कार! डोडो में योगदान का अतीव धन्यवाद। इसमें ना के प्रयोग का तो मुझे -गलत है- पता नहीं था, मैं तो न को बदल कर ना कर दिया करता था। दूसरा इसका व्यवहार मानवों के प्रति पूरी तरह से निर्भीक था, और अपनी न उड़ पाने की क्षमता के कारण यह आसानी से शिकार बन गया। इस वाक्य में आसान शिकार का अर्थ था- easy prey। तो यह वाक्य अब भी (मूल रूप अनुसार) सही है क्या- कृपया देख लें। सही है तो ठीक ही है। आप अधिक अनुभवी हैं। हां एक तथ्य यह भी है कि, का प्रयोग बहुत सुंदर किया है आपने।
एक बार फिर धन्यवाद--आशीष भटनागर  वार्ता  १०:४६, १ जुलाई २००९ (UTC)
देखिए पहली बात तो यह, कि मुझे बुरा नहीं लगा, मैंने लिखा है, कि इसका अंश हट गया, जो कि आगे के संदर्भों के लिए आवश्यक हो सकता था। दूसरा ये कि यदि सुरक्षित ही कर दिया, तो अन्य लोग अपने सुझाव आदि कैसे देंगे। यह बात मात्र इन खास परियोजना पृष्ठों के लिए ही लागू है। फिर भी यदि आपने हटाया था, तो वह अंश पिछली वार्ता अनुसार लेख परख पर होने चाहिए थे, या अकबर लेख की वार्ता पर ही होते। फिर भी यह (यदि भूल है तो) किसी से भी हो सकती है। हां जहां तक भाषा की बात है, आपका स्वागत है। यदि आप समय निकाल पाएं, तो आलेख के लिए चुने लेखों को एक बार देख लें। यदि रोज एक भी देखें तो भी ठीक है। उदा० २ जुलाई के लिए नालंदा विश्वविद्यालय है। आगे शयद भूमध्य रेखा होगा। इसकी जानकारी आपको विकिपीडिया:आज का आलेख उम्मीदवार पर मिल जाएगी। हां संदेशों में भाषा का उतना ध्यान शायद ना रखते हों, जो लेखों में रखना होता है। धन्यवाद--आशीष भटनागर  वार्ता  १२:५३, १ जुलाई २००९ (UTC)
अकबर लेख पर किया गया विचार-विमर्श मैंने हटाया नहीं था। हाल के बदलाव में देखते तो मैंने उसे अन्य आलेखों के साथ विकिपीडिया:निर्वाचित लेख परख पुरालेख १ पर रख दिया था। वैसे भी रचना की दृष्टि और विकिपीडिया के नियमों की दृष्टि से वह लेख ठीक नहीं। आप भले ही विकिपीडिया में कुछ दिनों से काम कर रहे हैं, लेकिन नियम आदि अभी ठीक से नहीं समझ सके हैं। खैर यह सब काट छाँट करते आपने सुझाव के नीचे लिखा मेरा संदेश तो उड़ा ही दिया। कोई बात नहीं अगर समय मिला तो मैं उसको ढूँढकर फिर से चिपका दूँगी। आप को समय हो तो आप ही लगा दें। कुछ लेख ऐसे होते हैं जिनको ठीक करने की बजाय नया लेख लिख लेना आसान होता है। इसलिए यह आपका यह सुझाव कि आपके लिखे लेखों को मैं ठीक करूँ उचित नहीं है। पहले सामान्य छोटे-छोटे लेखों को सही लिखने की आदत डालें बाद में आज का आलेख या अन्य लेख लिखें। हाँ सही वर्तनी और व्याकरण लिखने की आदत बनाना ज़रूरी होता है। अगर छोटे से संदेश में सही नहीं लिख सकते हैं तो बड़े लेख कभी सही नहीं बनेंगे।--मुक्ता पाठक १४:३५, १ जुलाई २००९ (UTC)
नमस्कार! मैंने तो आपको बताया ही था, कि मैं वापस उम्मीदवार पृष्ठ को पुराने अवतरण पर ला रहा हूं। हां आपका सुझाव हट गया, क्योंकि वह बाद के अवतरणों में था, उसकी माफी चाहूंगा। आज जब मैं उसे वापस लगाने चला, तब देखा कि मुनिता जी ने पहले ही लगा दिया है। दूसरा अब अकबर लेख की संबंधित चर्चा को लेख परख पर स्थानांतरित कर सकते हैं, जिससे हम निर्वाचित लेख उम्मीदवार पृष्ठ को केवल सीमित समर्थन/विरोध चर्चा के लिए ही रख सकें। शेष चर्चा पहले ही हो चुकी होगी। तीसरी बात यह है, कि मेरे लिखे लेखों को सुधार करना उचित नहीं है- इसके लिए यह कहूंगा, कि मैं भी तो पहले लिखे लेखों को ढूंढ कर ही उनमें संदर्भ, कड़ियां और यथासंभव वर्तनी/भाषा सुधार ही कर रहा हूं। संपादक सदा अपने लिखे लेख ही सुधारेगा, शायद ऐसा नहीं होता। खैर इसमें यदि मुझे कुछ बुरा लगेगा, इस कारण से सोचा, तो आप गंगा लेख देखें, मैंने उसमें बहुत सुधार किए थे, उसके बाद पूर्णिमा जी और मुनिता जी ने भी उस पर ढेरों बदलाव किए (सुधार कहना बेहतर होगा)। अच्छे लेख के लिए तो हरेक क्षेत्र के जानकार चाहिए होंगे ना। बाकी आपकी इच्छा। मुनिता जी ने लिखा था, कि वे १ जुलाई से आलेख देख रही हैं, किंतु इसके कोई संकेत नहीं मिले। इसलिए मुझे आगे भी चलाना ही है। नालंदा भी मेरा लिखा नहीं है। मैंने सुधार ही किए हैं। वही आपसे अपेक्षित हैं, क्योंकि आप हिन्दी भाषा की जानकार हैं। शेष आपके ऊपर।--आशीष भटनागर  वार्ता  ०२:२९, २ जुलाई २००९ (UTC)

मुक्ता जी, मैं पूर्णिमा जी के संपादन में पहले आज का आलेख देख रही थी। अगर आप सहयोग करें तो हम पहले की तरह उसको स्तरीय बना सकते हैं। मुझे लेख के संपादन की आवश्यकता होती है। पर दोहराव आदि दोष नहीं होते हैं। रचना और अनुच्छेद बनाना ठीक से जानती हूँ। --Munita Prasadवार्ता १५:३५, १ जुलाई २००९ (UTC)

संदेश के लिए धन्यवाद मुनिता। बताइए कि मैं आपसे किस प्रकार सहयोग कर सकती हूँ। जो भी हो सकेगा अवश्य करूँगी।--मुक्ता पाठक १७:५१, १ जुलाई २००९ (UTC)
अगर आपके पास समय है तो कृपया राकेट लेख को एक बार देख लें।

--Munita Prasadवार्ता १८:००, १ जुलाई २००९ (UTC)

रचनात्मक हिंदी लेखन[संपादित करें]

मुक्त जी नमस्ते ! मेरा नाम गुंजन है एवं मै पिछले ६ महीनो से विकी पर सक्रिय हु। मेरी शिक्षा बचपन से ही अंग्रेजी माध्यम में हुई और फिर पिछले १२ सालों से मैंने कभे भी हिंदी लेखन नहीं किया इस कारण से मेरी वाक्य संरचना हिंदी के अनुसार ठीक नहीं है। मुझे ऐसा लगता है की मै अंग्रेजी में सोच कर फिर हिंदी में लिखता हु जिस कारण से तकनीकी रूप से मेंरे वाक्य सही नहीं होते है। मैंने किसी की वार्ता पर पड़ा था की आप हिंदी में लेखन (creative writing) सिखाती है। क्या इन्टरनेट पर या फिर आपके पास कोई ऐसी सामग्री है जो मुझे अच्छे वाक्य गठन के नियम बताएं। धन्यवाद --गुंजन वर्मासंदेश ०४:१८, २ जुलाई २००९ (UTC)

मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद! आप की सलाह को शीघ्र ही अमल में लाऊंगा --गुंजन वर्मासंदेश ०४:२४, ३ जुलाई २००९ (UTC)
नमस्कार! आपके द्वारा किया गया मार्गदर्शन मैंने भी पढ़ा है, और प्रयासरत हो कर अपनी भाषा की गुणवत्ता सुधार करूंगा। वैसे तो पूर्णिमा जी ने बहुत कुछ मुझे बताया ही है, जिसका कुछ भाग पहले सीखा, व कुछ बाद में उनके लेखों को पढ़्कर भी। किंतु फिर भी बहुत सुधार शेष हैं। साथ ही इस मार्गदर्शन हेतु धन्यवाद भी देता हूं।--आशीष भटनागर  वार्ता  ०८:२४, ३ जुलाई २००९ (UTC)

आपके प्रश्न के उत्तर में[संपादित करें]

जी नहीं, मैं हेमन्त जोशी नहीं हूँ। न ही मैं पत्रकार हूँ। कविताएँ कभी कभी, स्वान्तः सुखाय लिखी हैं। जहाँ तक अनुवाद का प्रश्न है, हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत भाषाओं के बीच अनुवाद करने में मुझे आनंद आता है, परंतु यह मेरा व्यवसाय नहीं है। व्यवसाय से मैं कंप्यूटर इंजीनियर हूँ।

आपके प्रश्न के लिए धन्यवाद। -Hemant wikikosh ११:४०, ३ जुलाई २००९ (UTC)

आज का आलेख[संपादित करें]

कृपया नेल्सन मंडेला को जरा देख लीजिए।--Munita Prasadवार्ता ०२:२६, २० जुलाई २००९ (UTC)

अफ़्रीका को निर्वाचन का प्रस्ताव[संपादित करें]

विकिपीडिया:निर्वाचित लेख उम्मीदवार पर अफ़्रीका प्रस्तावित है कृपया अपनी राय दें।--Munita Prasadवार्ता ०२:३८, २७ जुलाई २००९ (UTC)

बड़े दिनों बाद दिखे जी, आपका पुनः स्वागत है। आप जैसे हिन्दी के जानकारों का हिन्दी विकि में बड़ा ही अभाव है जी कृपया जितना भी समय हो दीजिए।--Munita Prasadवार्ता ०९:०७, १६ अगस्त २००९ (UTC)

कोलकाता[संपादित करें]

नमस्कार मुक्ता जी!
आपसे एक सविनय अनुरोध है। विकिपरियोजना:भारत के शहर, के अंतर्गत्त कोलकाता शहर पर लेख विकसित किया है। समय मिलने पर दृष्टिपात करें, आवश्यक सुधार करें/बतायें। सुझाव तो आमंत्रित हैं ही। इसे मुख्यतः तीन लोगों ने मिलकर विकसित किया है। आप से निवेदन है, कि इस पर अपनी जादूई कलम चलाएं। सधन्यवाद--आशीष भटनागर  वार्ता  ०३:०९, १९ अगस्त २००९ (UTC)

आज का आलेख[संपादित करें]

नमस्ते मुक्ता जी
धन्यवाद आपका सुझाव अति उत्तम है। उसे मैंने चयनित कर दिया है। लेख में यदि छोटी-मोटी भूल होगी तो जगदीश बाबू सुधार देगें। आपसे अनुरोध है कि कृपया ऐसे ही लेख सुझाते रहें जिससे कि आज का आलेख में निरंतर उच्च स्तर की सामग्री प्रकाशित होती रहे।--Munita Prasadवार्ता ०५:१०, २४ अक्तूबर २००९ (UTC)

सरोजिनी नायडु एवं अन्नादुरै को आज का आलेख बनने लायक थोड़ा संपादित कर दीजिए।--Munita Prasadवार्ता ०८:११, २४ अक्तूबर २००९ (UTC)
नमस्कार, आपका विकसित लेख डोरिस लेसिंग देखा। काफ़ी अच्छा बन पड़ा है। हां यदि आप लेखों में यथा संभव कड़ियां (नीले लिंक) डाल पायें तो अतिउत्तम होगा, व लेख काफ़ी बेहतर लगा करेगा। जैसे सभी वर्ष, वे लेखक जिनके पृष्ठ बने हुए हैं, स्थानों के नाम और बहुत सी कड़ियां जिनके लेख पहले ही बने हुए हैं, उन्हें [[कड़ी शीर्षक]] लगा कर सुसज्जित कर दें, तो काफ़ी अच्छा लगेगा। सुझाव सही लगे तो अपनायें, अन्यथा क्षमा करें।--आशीष भटनागर  वार्ता  ०८:४३, २५ अक्तूबर २००९ (UTC)
धन्यवाद मुक्ता जी।--Munita Prasadवार्ता १४:४७, २६ अक्तूबर २००९ (UTC)
नमस्कार मुक्ता जी, लोगों को नवीनता चाहिए गुणवत्ता में भले ही कमी आ जाए, हमें कुछ ऐसा करना होगा कि गुणवत्ता भी रहे एवं नवीनता भी। कृपया आज का आलेख के लिए कुछ नए लेख सुझाएँ यदि आवश्यक लगे तो कुछ सुधारों के साथ। धन्यवाद।--Munita Prasadवार्ता ०८:२०, १ नवंबर २००९ (UTC)

प्रबंधकोने हीन्दी वीकीपीडीयाको कलंकीत कीया है ओर वीकीपीडीयाका मुंह काला कीया है[संपादित करें]

चोर प्रबंधक राजीव मासने डीसेम्बर २००७ से डॉ॰ रवी जैन नामका डमी खाता खोलकर कई सदस्योंको तंग करना शुरु कीया. चोर प्रबंधक राजीव मासने प्रबंधकके टुल्सका मीसयुस कीया ओर हीन्दीवीकीपीडीया का मुंह काला कीया है.

पुरा वीवरण कई जगह तथा चौपाल पर रखा गया था. इस चोर प्रबंधक राजीव मासको प्रबंधक पुर्णीमा वर्मनने पुरा सहयोग दीया. जानबुझकर चोर प्रबंधक राजीव मास को सहयोग देकर सदस्योंका खाता ब्लोक करना तथा वीकीपीडीयाके लेखों को अपनी मरजी मुताबीक सुरक्षीत कीया तथा चोर प्रबंधक राजीव मासके कुकर्म बचाने के लीये कोशीश की.

पुरा भंडा खुल जाने के बाद प्रबंधक पुर्णीमा वर्मन तथा अन्य सहयोगीयोंने चोर प्रबंधक राजीव मासको बचानेकी पुरी कोशीस की. हीन्दीवीकीपीडीयाको कलंकीत कीया अतः चोर समर्थक सब चोर होते है.

अब रचनात्मक वीचारोंके लीये उन सब चोरोको सोचना चाहीये क्या करना चाहीये? प्रबंधक राजीव मास, पुर्णीमा वर्मन, मनीश वशीश्थ, मीतुल ओर सुमीत सीहां सबने मीलकर पहले रचनात्मक कारवाइ नहीं की जीसके वजह चोर प्रबंधक राजीव मास को कुकर्म करनेका अधीकार मील गया. अब वे सब रचनात्मक कार्य की सलाह दे सकते हैं क्या?

लखनऊ का निर्वाचन[संपादित करें]

लखनऊ लेख को अगले निर्वाचित लेख बनाने के लिए परखने हेतु विकिपीडिया:निर्वाचित लेख परख#लखनऊ पर रखा है। कृपया सुझाव/सुधार आदि दें। --आशीष भटनागर  वार्ता  १८:४६, ४ नवंबर २००९ (UTC)

चिपलूणकर[संपादित करें]

नमस्कार,
आपके द्वारा विकसित किया जा रहा उपरोक्त लेख मैंने थोड़ा छेड़ा है, जिसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। असल में मैंने मात्र ज्ञानसन्दूक लगाया है। आप उसमें अन्य जानकारी भी भर सकती हैं। वैसे आप बेहतर भर सकती हैं, क्योंकि आपने तो लेख बनाया ही है। धन्यवाद, और आशा है आपको बुरा नहीं लगेगा।--आशीष भटनागर  वार्ता  १२:४१, १० नवंबर २००९ (UTC)

नहीं बिलकुल बुरा नहीं लगा। आपने टाइमिंग का ध्यान रखा और मेरा कोई संपादन उड़ा नहीं। बहुत बहुत धन्यवाद।--मुक्ता पाठक १३:०९, १० नवंबर २००९ (UTC)

आपके हिंदी के ज्ञान की सरहाना करता हूँ[संपादित करें]

मुझे अभी ज्ञात हुआ की आप हिंदी में अति उत्तीण है व आपसे कई लेखो को हिंदी में जाचने के लिए पहले भी राय मांगी जा चुकी है. मुक्ता जी, में फिलहाल एक बड़े लेख पर काम कर रहा हूँ, पूर्ण होने पर आप से उसे जरूर जचवाना चाहूंगा. उम्मीद है वार्ता होती रहेगी. --सिद्धार्थ गौड़ वार्ता १९:५८, १० नवंबर २००९ (UTC)

Prafull Chaki's photo[संपादित करें]

The photo uploaded by you at प्रफुल्ल चाकी is that of Bagha Jatin not Prafull Chaki.--देबाशीष ०६:२१, २४ नवंबर २००९ (UTC)

हिंदी दिवस पर विकि सम्मेलन[संपादित करें]

शायद इस विचार के लिए देर हो चुकी है, लेकिन क्या आप हिंदी दिवस मनाने के लिए चंडीगढ़ आना चाहेंगे? १४ सितंबर रविवार को है। मेरा सुझाव है कि शनिवार व रविवार को हम लोग एक छोटी सी सभा कर सकते हैं। पिछले कुछ समय में हिंदी विकि पर काफी उथल पुथल रही है जिससे बहुत सदस्यों का मनोबल इस समय मुझे क्षीण होता लग रहा है। ऐसे में हिंदी विकि सम्मेलन का आयोजन एक नई उर्जा का संचार कर सकता है। मैं आप सबको चंडीगढ़ आने का निमंत्रण देता हूँ।--मनोज खुराना 11:01, 11 सितंबर 2014 (UTC)

स्वागत है[संपादित करें]

आपको विकि पर सक्रिय देख कर बहुत प्रसन्नता हुई। आपके योगदान हमारे लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। --मनोज खुराना 11:01, 11 सितंबर 2014 (UTC)

नीड़ का निर्माण फिर पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन[संपादित करें]

नमस्कार, नीड़ का निर्माण फिर को विकिपीडिया पर पृष्ठ हटाने की नीति के अंतर्गत हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/लेख/नीड़ का निर्माण फिर पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।

नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:

सिर्फ कविता लिखी हुई है। कृति उल्लेखनीय नहीं है।

कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।

चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।हिंदुस्थान वासी वार्ता 07:46, 30 अप्रैल 2017 (UTC)

चित्र:Rajesh joshi.JPG पृष्ठ का हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकन[संपादित करें]

नमस्कार, चित्र:Rajesh joshi.JPG को विकिपीडिया पर पृष्ठ हटाने की नीति के अंतर्गत हटाने हेतु चर्चा के लिये नामांकित किया गया है। इस बारे में चर्चा विकिपीडिया:पृष्ठ हटाने हेतु चर्चा/फ़ाइलें/Rajesh joshi.JPG पर हो रही है। इस चर्चा में भाग लेने के लिये आपका स्वागत है।

नामांकनकर्ता ने नामांकन करते समय निम्न कारण प्रदान किया है:

गूगल के शोध परिणाम के मुताबिक यह साफ है कि फ़ाइल कॉपीराइटेड है और अपलोडर का खुद का कार्य नहीं है।

कृपया इस नामांकन का उत्तर चर्चा पृष्ठ पर ही दें।

चर्चा के दौरान आप पृष्ठ में सुधार कर सकते हैं ताकि वह विकिपीडिया की नीतियों पर खरा उतरे। परंतु जब तक चर्चा जारी है, कृपया पृष्ठ से नामांकन साँचा ना हटाएँ।केप्टनविराज (चर्चा) 15:42, 9 सितंबर 2020 (UTC)