सदस्य:Vipin Tiwari 123/प्रयोगपृष्ठ

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प्राथमिक अभिक्रियाएं[संपादित करें]

किसी प्राथमिक अभीक्रिया के लिए दर नियम में घातांकों के मान सन्तुलित समीकरण में अभीकारकों को समसमीमती गुणांक के समान होते है। एक प्राथमिक अभीकिया A+B-> उत्पाद , प्र विचार करते है,इसका दर नियम ,दर = k[A][B] प्राथमिक अभिक्रियांए उनकी अणिव्कता से अभिलकक्षित होता है। आण्विकता : प्राथमिक अभिक्रिया के लिए सन्तुलित समीकरण की अभिकारकों की ओर अणुओं (या परमाणाअऑ) की संख्या है। महत्पूर्ण बिन्दु प्राथमिक अभिक्रियाएं हमेशा एक पद में पूर्ण होती है। एक आणुक तथा दिअणु अभिक्रियाएं बहुत सामान्य हैं लेकिन त्रिअणुक अभिक्रियाएं बहुत ही विरल है। शून्य कोटि अभिक्रिया कभी प्राथमिक पद नहीं हो सकता है। प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अण्विकता तथा अभिक्रिया कोटी एक समान होते है। किसी प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया कोटी हमेशा पूर्णक होगी क्योंकि सन्तुलित रासायनिक अभिक्रिया में भिन्नात्मक रससममिती गुणांक नहीं होता है। किसी अभिक्रिया किया विधी में मन्दतम पद के लिए दर नियम , प्रायोगिक दर नियम के समान होना चाहिए।

गैसिय अभिक्रिया[संपादित करें]

2NO2Cl -> 2NO2 + Cl2 गैसिय अभिकिया पर विचार करते है । प्रयोगिक दर नियम है rate=k[NO2Cl] उपरोक्त दर निगम के प्रेक्षण के बाद हम कह सकते हैं यह प्राथमिक अभिकिया नहीं है और यह एक पद में पूर्ण नही होगी । अभीक्रिया की वास्तविक क्रिया विधि है Step 1 NO2Cl -> 2NO2+Cl Step 2 NO2Cl+Cl->NO2+Cl2 बहुपदीय अभिक्रिया की दर , क्रियाविधि के मन्दतम पद द्वारा ज्ञात की जाती है। यह प्र्योगिक दर नियम से सहमति है, यद्यपि इससे यह सिद्द नही होता है कि क्रियाविधि के लिए रेट=k[NO2Cl] प्रयोग द्वारा मापे गये दर नियम से सहमति है, यद्यपि विचार करने के सहायक है । दूसरी अभिक्रिया विधि जो हम निम्नलिखित गैसिय अभिक्रिया के लिए अध्ययन करेंगे 2NO+2H2->N2+2H2O

महत्वपूर्ण बिंदू[संपादित करें]

अभिक्रिया की कोटि 3

हम इस दर नियम से कह सकते है कि एक प्रारथमिक अभिक्रिया नहीं हो सकती है। यदि एसा होता है तो [H2] का घातांक २ होता। स्पश्ट रूप से अभिक्रिया क्रियावधि में दो या अधिक पद निहित होने चाहिए। क्रियावधि का एक परीक्षण यह है कि दोनों समीकरणों को जोडने पर , सम्पूर्ण सही समीकरण प्राप्त होनी चाहिए और इनसे एसा होता है। इसके आगे दूसरी समीकरण के रसायन विज्ञान को पृथक प्रयोग में प्रेक्षित किया गया है। N2O एक ज्ञात यौगिक है तथा H2 के साथ अभिक्रिया करके N2 व H2O देता है। इस क्रियाविधि का दूसरे परीक्षण में प्रथम पद के लिए बताये गये दर नियम में NO तथा H2 के रससममिती गुणांक है। यह दर समीकरण प्रायोगिक दर नियम से मेल खाती है , लेकिन अभी भी प्रस्तावित क्रियाविधि में एक ग्ंभीर दोष है। यदि परिकल्पित धीमा पद वास्तव में ऍक्क प्राथमिक अभिक्रिया की व्याख्या करता है । इसमें दो NO तथा एक H2 तीन अणुऔं के मुख्य एक साथ टक्कर होगी। त्रिपथी संघट्ट की स्ंभावना बहुत कम होती है यदि यह क्रियाविधि वास्तव में होगी तब समपूर्ण अभिक्रिया अत्यन्त मन्द होगी। अभिक्रिया कि क्रियावदि में से एसे प्राथमिक अभिक्रिया के निम्नलिखित तीन पदों की प्राथमिक अभिक्रियाओं का क्रमिक अनुसरण करते हुए आगे बड्ती है। एक प्राथमिक प्रतिक्रिया एक रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जिसमें एक या अधिक रासायनिक प्रजातियों एक प्रतिक्रिया में कदम बनाने के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्पादों का निर्माण करते हैं और एक संक्रमण स्थिति के साथ।रिमेंटरी रिएक्शन स्टेप्स का कहना है कि अणु, ए, स्वैच्छिक रूप से बी में कुछ दर k1 में बदल देती है। के 1 के बगैर बीजीय संकेत बताता है कि क्या आप उत्पाद प्राप्त कर रहे हैं या रिएक्टर को खोने पर निर्भर करता है कि क्या व्युत्पन्न में एकाग्रता बढ़ रही है या घटती है उदाहरण के लिए, समीकरण 2 में, [बी] बढ़ रहा है, और समीकरण 3 में, [ए] कम हो रहा है (स्टोइकीओमेट्री के सभी सामान्य नियम अभी भी प्राथमिक प्रतिक्रिया चरण में हैं। यदि आप कुछ प्रोएन्टेंट का उपयोग करते हैं तो आपको उत्पाद की समान मात्रा प्राप्त करनी होगी।) एक प्राथमिक प्रतिक्रिया कदम प्रतिवर्ती या अपरिवर्तनीय हो सकता है।

अभिक्रिया की कोटि 2

टर्मोलेक्युलर प्रतिक्रिया चरणों को एक साथ एक साथ आने वाले तीन अणुओं की आवश्यकता होती है। वे दुर्लभ हैं क्योंकि गैस चरण में तीन-शरीर के टकराव दुर्लभ हैं, लेकिन साहित्य में टर्मोल्युलर प्रतिक्रियाओं के मामले हैं। कई प्रकार की परमोलिक प्रतिक्रियाएं हैं और वे प्रतिवर्ती हो सकते हैं। एक विशिष्ट टर्मोलेसेल्युलर प्रक्रिया हो सकती [1] [2]

[3]

  1. http://www.science.uwaterloo.ca/~cchieh/cact/c123/elmntary.html
  2. https://www.thoughtco.com/definition-of-elementary-reaction-605078
  3. https://www.chemguide.co.uk/physical/basicrates/orders.html