सदस्य:Prashant kumar Lodhi
पुरा चतुर्भुज | |
|---|---|
| गाँव | |
| देश | भारत |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| जिला | आगरा |
| तहसील | बाह |
| स्थापना | 17वीं सदी (1658–1707 के बीच) |
| संस्थापक | चतुरी |
| जनसंख्या | |
| • कुल | (डेटा आवश्यक) |
| समय मण्डल | IST (यूटीसी+5:30) |
- पुरा चतुर्भुज (बाह, आगरा)
- पुरा चतुर्भुज** भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के आगरा जनपद के बाह तहसील में स्थित एक ऐतिहासिक गाँव है।
यह गाँव चंबल और यमुना नदियों के बीच के बीहड़ी क्षेत्र में स्थित है।
भूगोल
[संपादित करें]पुरा चतुर्भुज गाँव चंबल और यमुना नदियों के बीच के बीहड़ों में बसा है। यह स्थान राजस्थान और मध्यप्रदेश की सीमाओं के निकट है, जिससे इसकी भौगोलिक और रणनीतिक महत्ता बढ़ जाती है। गाँव का भूगोल बीहड़, रेतीली भूमि और नदी तटवर्ती मैदानों से बना हुआ है।
इतिहास
[संपादित करें]17वीं सदी के मध्य, विशेष रूप से औरंगजेब के शासनकाल (1658–1707) के दौरान, जब मुगल साम्राज्य द्वारा धर्म परिवर्तन के प्रयास किए जा रहे थे, तब उत्तर प्रदेश के इटावा, औरैया और राजस्थान-मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से लोधी समुदाय के लोग यहाँ आकर बसे। मुगल अत्याचारों से बचने और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा हेतु इन लोगों ने चंबल-यमुना क्षेत्र के बीहड़ों में अपने लिए सुरक्षित स्थान चुना। गाँव की स्थापना **चतुरी** नामक व्यक्ति द्वारा की गई थी।
ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार, पुरा चतुर्भुज के निवासियों ने न तो मुगल शासन के अधीन कर अदा किया और न ही बाद में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत कर भुगतान किया। गाँव के लोगों ने अपनी धार्मिक और सामाजिक स्वतंत्रता को बनाए रखा। [उद्धरण चाहिए]
प्रशासनिक संरचना
[संपादित करें]पुरा चतुर्भुज बाह तहसील के प्रशासनिक क्षेत्र में आता है और आगरा जिला पंचायत के अंतर्गत है।
संस्कृति
[संपादित करें]गाँव में मुख्यतः लोधी समुदाय के लोग निवास करते हैं। यहाँ पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और स्थानीय उत्सवों का विशेष महत्व है।