सदस्य:Manohar seervi/प्रयोगपृष्ठ

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मेरा नाम मनोहर सीर्वी है। मैं राजस्थान के पाली नामक जिले के एक छोटे से गाँव मे जन्मा था। अब मैं बेंगलूरु के क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में बी काँम की पढा़ई कर रहा हूँ और पहले सेमिस्टर मे हूँ। मैं अपनी पृष्ठभूमि, अपने परिवार, रूचिया और शिक्षा के बारे मे परिचित करना चाहता हूँ।

पृष्ठभूमि[संपादित करें]

मैं बासना नामक एक छोटे से गाँव मे जन्मा था। यह गाँव राजस्थान के पाली नामक ज़िले मै है। येह गाँव जोधपुर के बहुत पास मे है। मैंने अपने शुरुवाती २ साल वहा पर ही गुज़ारा है। बाद मे बेंगलूरु स्थानांतरण हुआ। अब मै १८ साल का हूँ और बेंगलूरु मे बस गया हूँ। मुझे कई सारि भाषाए आति है जैसे कन्नड, तेलुगू, तमिल, हिंदी, अंग्रेज़ी, गुजराति और उर्दू। बेंगलूरु अपने माैसम और शिक्षा के लिये प्रसिध्द है। यह कर्नाटक की राजधानि भी है।

परिवार[संपादित करें]

मैं मार्वाडी परिवार मे जनमा हूँ। मेरा परिवार एक हस्ता-खेलता परिवार है जिसमे मेरे अलावा,मेरी माँ,पापा और बढे भैय्या है। मेरे पिताजी का नाम सोहन लाल है और मेरी माँ का नाम कमला है। पेशे से पापा व्यापारि है। माँ गृहिणी है। भाई भी क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में बी एस सी की पढाई कर रहे है। वे मुझसे दो साल बडे हैऔर मेरी पढाई मे मदत भी करते है। मेरे माता-पिता ने हम दोनो को एक समान पाल पोसा है और उन्ही कि छ्त्र-छाया मे बडे हुए है। पाप ने मुझे हमेशा अपने आप पर भरोसा रख्नाना और सबकी मदत करना और सबको गौरव-सम्मान देना सिखाया है।

शिक्षा[संपादित करें]

मैने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एवीएस कान्वेंतट नामक छोटी सी स्कूल से किया है। वही पर मैंने दसवी तक पढाई की है। बाद मे क्राइस्ट जूनियर काँलेज मे ११ और १२ कक्षा के लिये दाखिला मिला जहा मैंने विग्यान कि पढाई कि थी। बाद मे अभियांत्रिकी कि पढाई लेना चाहा पर नही लिया और अपने दिल कि सुन कर काँमर्स लिया क्योंकी यह मेरि दिल की इछा थी बावजूद कि मेरे विज्ञान मे अच्छे अंक आये थे।

रूचिया[संपादित करें]

मुझे सबसे ज्यादा क्रिकेट खेलना अच्छा लगाता है पर परिवार कि मदत न मिलने कि वजह से उसमे आगे नही बढ पाया। इस्के अलावा शायरी बानाना, चुटकुले सुनान,गाना गाना और नाचने का शोक है, म्यूसिकली बनान मेरी नई रूची है। मे इन सब से अपने आप को आनंदित रखता हूँ।

लक्ष्य[संपादित करें]

मेरा बचपन से ही एक लक्ष्य नही रहा है। यह हर बार बदलता गया। अब मेरा लक्ष्य है कि सीए बनू। पर जैसे सभी का एक सपना होता है कि अमीर बने, वो मेरा भी सपना है, एक बडा़ सा घर हो, बडी-बडी गाडिया हो और जीवन मे खुशी रहे। यही मेरा लक्ष्य है।

उपलब्धियाँ[संपादित करें]

मेरे अब तक कि सबसे बडी उपलबब्धी है, मुझे स्कूल का बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड मिलना। उसके अलावा दसवी और बारवी मे डिस्टिक्षन से पास होना, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी का छात्र होना।