सदस्य:Mahika1997/sandbox

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ऐनी इंग्राम[संपादित करें]

ऐनी इंग्राम एक विख्यात कवियित्रि थी। उनका जन्म १६९६ में हुआ था। वह कई नाम से जानी जाती है, उदाहरणार्थ, विस्कॉन्टेस इरविन, ऐनी हॉवर्ड एवं ऐनी डगलस। ऐनी इंग्राम का जन्म भव्य विशेषाधिकार के परिवार में हुआ था जो वक्त बीतने पर, दुर्भाग्य के प्रतिरूप में बदल गया था। उनकी पर्वरिश यार्कशायर में, अपने पिता(नामक, कार्लायल के तीसरे अर्ल) की जायेदाद में हुई थी। उनकी माता का नाम ऐनी कैपेल था। १७३२ में उन्होंने अपने पिता को एक श्रधांजलि प्रस्तुत करते हुए एक कविता लिखी थी। ऐनी इंग्राम और हारेस वालपोल(एक ब्रिटिश इतिहासकार), दोनो मित्र हुआ करते थे।

ऐनी इंग्राम.
ऐनी इंग्राम

परिवार और रिश्तेदारी[संपादित करें]

ऐनी इंग्राम एसेक्स के अर्ल की बेटी और नार्थम्बरलैंड के अर्ल की पोती थी। वह चार्ल्स हावर्ड की दूसरी बेटी थी। ऐनी अपने पिता के करीब थी और वह अपने पिता को पत्र भी लिखती थी जो अभी भी दीर्घाओं में प्रदर्शित की जाती है। उनहोंने अपने पिता के लिए "कैसल हावर्ड"(१७३२ में) नामक कविता भी लिखी थी। १७१२ में, उनके माता पिता का तलाक हो गया और उनके पिता कैसल हॉवर्ड चले गए। ऐनी इंग्राम और उनके पिता की रूचियाँ राजनीति और बागवानी की चर्चाओं से वे दोनो समीप हुआ करते थे। यह पिता-पुत्रि का संबंध ऐनी की कविताओं में झलकती है।

ऐनी इंग्राम का ब्याह १७१७ में, रिचर्ड इंग्राम(पांचवी विसकांट इरविन) से हुआ था। लेकिन ऐनी इंग्राम अकेली हो गयी थी जब रिचर्ड इंग्राम चेचक के कारण से चल बसे। वह बारबाडोस जाने वाले थे क्योंकि उनकी सारी कमाई दक्षिण समुद्र की दुर्घटना(१७२० में) की वजह से नष्ट हो गयी थी। वह बारबाडोस के राज्यपाल बनने और खोया हुआ पैसा वापस लाने की प्रतीक्षा कर रहे थे। १७३७ में कर्नल विलियम डगलस से उनका विवाह हो गया था। विलियम डगलस फ्रेडरिक ग्रहस्थि से थे। ऐनी इंग्राम के माता पिता इस विवाह के प्रतिकूल थे, लेकिन ऐनी उसके बावजूद विवाहित हुई। विलियम डगलस ब्रिगेडियर की श्रेणी का पद हासिल कर पाए थे। उनकी मृत्यु १७४७ में, बुखार के कारण हो गयी थी। [1]

यात्रा की रचना[संपादित करें]

अपने पति की मौत हो जाने के बाद, ऐनी इंग्राम ने अपनी आज़ादी को आलिंगन करते हुए, फ्रांस और हॉलैंड की यात्रा की। १७३६ में ऐनी, रानी कैरोलीन के, कर्मीदल में शामिल थी जो जर्मनी जाकर ऑगस्टा को लेकर आनेवाली थी। ऑगस्टा, वेल्स के फ्रेडरिक राज्कुमार से विवाहित होने वाली थी। बाद में ऐनी, ऑगस्टा के सोने के कमरे की सहयक बन गयी थी। उस सहूलियत समय के बाद, उनकी लेख हैनोवेरियन(हनोवर से) प्रांगण की प्रतिद्वंद्विता को रचित करती है।

ऐनी का कौशल[संपादित करें]

१६०० की लेखिकाओं की तरह, ऐनी ने भी पोप की आलोचना की थी। उनकी कविता "कैसल हावर्ड"(१७३२) अपने पिता के उदार प्रबंध की संपति की स्थिति के बारे में लिखते हुए, पोप के व्यंग्य को रचित करती है। यह कविता पोप के अपव्यायी ताल्लुकेदार की ओर इशारा करती है। पोप के मान्यताएँ के संदर्भ में, वह लिंग-भेद के विषय में, तर्क देती है कि मतभेद लिंग की वजह से नही बलकि शिक्षा की कमी के कारण होती है जो स्त्री को सतही प्रदान कर देती है।

"एन एपोसल टू मिस्टर पोप" कविता ऐनी की सबसे प्रमुख काव्य थी। अपनी कविता द्वारा पोप के विचार को प्रकट करते हुए, ऐनी कहती है कि- पोप स्त्री और पुरुष के मतभेद पर ज़ोर दालते है और स्त्री के चरित्र को कठोरता से व्यतिरेक करते है। इस कविता द्वारा ऐनी इन मत्भेदों को एक कर, उन दोनो के बीच की समानताएं को प्रस्तुत करते हुए, स्त्री और पुरुष की एकता को महत्व देती है। वह केहेती है कि दोनो लिंग की एक ही चाह है - ताकत और अधिकार। सकारात्मक उदाहरण देते हुए, ऐनी इंग्राम ने यह भी कहा था कि स्त्रि और पुरुष, दोनो एक जैसा ही सोचते है और दोनो लिंग सम्मान और आदर चाहते है । अत: वह यह कहती है कि जैसे स्त्री और पुरुष समक्ष होते है, वैसे ही पोप को भी अपने बराबर बनाकर, यह बात समझाती है और साबित करती है कि दोनो लिंग एक जैसे होते है। [2]

नारीवाद के ओर योगदान[संपादित करें]

ऐनी एक सच्ची नारीवाद थी। उन्होंने स्त्री की अनुभूति पूरी तरह बदल दी। उनकी कविताओं ने स्त्री को नया चरित्र दिया और समानता का पुल भी बनाने में सफल रही। उन्होंने स्त्री की ओर सामान्य आरोप जैसे छेड़खानी रणनीति और अवर होने की भी अनुभूति को नष्ट कर दिया था। उन्होंने यह भी तर्क प्रस्तुत किया था कि शैक्षिक अवसर की कमी के कारण औरत उस ज़मने में अवर थी। इसकी वजह से महिला सतही लगती थी। [3]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. https://en.wikipedia.org/wiki/Anne_Ingram,_Viscountess_Irvine
  2. https://books.google.co.in/books?id=UpWwBAAAQBAJ&pg=PA337&lpg=PA337&dq=castle+howard+poem+by+anne+ingram%27&source=bl&ots=A1QX-Fb0q6&sig=mwfKzc__olhKNzpb87kVRA6daT4&hl=en&sa=X&ved=0ahUKEwi4nomp09PUAhWIwI8KHVHWDIcQ6AEILTAC#v=onepage&q=castle%20howard%20poem%20by%20anne%20ingram%27&f=false
  3. http://britlit1.pbworks.com/w/page/11449644/Anne%20Ingram