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स्कैंडियम
स्कैंडियम का इलेक्ट्रॉन कवच


स्कैण्डियम[संपादित करें]

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स्कैण्डियम / Scandium

रासायनिक तत्व

नमूना
रासायनिक चिन्ह: Sc
परमाणु संख्या: 21
रासायनिक शृंखला: संक्रमण धातु
आवर्त सारणी में स्थिति
इलेक्ट्रॉनिक ढांचा
अन्य भाषाओं में नाम: Scandium (अंग्रेज़ी), Скандий (रूसी), スカンジウム (जापानी)

स्कैण्डियम एक रासायनिक तत्व है। यह आवर्त सारणी के डी-खंड का सदस्य है और अपने शुद्ध रूप में श्वेत-चाँदी जैसा रंग रखता है। ऐतिहासिक नज़रिये से इसे लैन्थनाइड समूह और इट्रियम के साथ इसे दुर्लभ मृदा तत्व (rare earth element) समूह में शामिल किया गया है। स्कैण्डियम की खोज सन् १८७९ में स्कैण्डिनेविया में कुछ खनिजों में की गई थी और इसे क्षेत्र से इसका नाम पड़ा। ज़मीन में यह अक्सर दुर्लभ मृदा खनिजों में और यूरेनियम के साथ रासायनिक यौगिअकों (कम्पाउन्डों) में मिलता है। यह इतना दुर्लभ है कि इसका कुल विश्वभर का वार्षिक व्यापार केवल ५० किलोग्राम है।[1]

गुण[संपादित करें]

तत्व के रासायनिक विशेशताए[संपादित करें]

स्कैंडियम एक चाँदी उपस्थिति के साथ एक नरम धातु है। यह धातु ऑक्सीकरण के बाद थोडा पीला या गुलाबी हल्का रग विकसित कर लेती है । यह अपक्षय के लिए अतिसंवेदनशील हे और पतले एसिड मे असानी से घुल जाता है । यह एक अभेद्य निष्क्रिय परत के गठन के कारण HNO3 और HF के साथ प्रतिक्रिया नही करता है।

घटना[संपादित करें]

पृथ्वी की पपडी(crust) मे स्कैंडियम दुर्लभ नही है । अनुमान है की स्कैंडियम बहुतायत १८-२५ पीपीएम है जो की कोबाल्ट (२०-३० पीपीएम) की बहुतायत से तुलनीय है। स्कैंडियम पृथ्वी के ५० सबसे आम तत्व मे से है लेकिन यह सूरज का २३ सबसे आम तत्व है । थोरवेटाइतट (Thortveitite),स्कैंडियम(११) ऑक्साइड (Sc(II) oxide) के रुप मे ४५% स्कैंडियम धारण कर सकती है । स्कैंडियम का स्थिर रुप सुपरनोवा मे आर-प्रक्रिया के माध्यम से बनाया जाता है ।

निर्माण[संपादित करें]

स्कैंडियम ऑक्साइड के रुप मे प्रति वर्ष १० टन के क्रम मे विश्वभर मे उत्पादन है । स्कैंडियम की मांग ५०% से अधिक है और इसका उत्पादन तथा मांग बढ़ती जा रही है । २००३ मे केवल ३ खानों ने स्कैंडियम का उत्पादन किया था । स्कैंडियम अन्य तत्वो की निकासी का एक प्रतिफल है और स्कैंडियम ऑक्साइड के रुप मे बेचा जाता है ।स्कैंडियम धातु का उत्पादन करने के लिए , स्कैंडियम ऑक्साइड को स्कैंडियम फ्लोराइड मे परिवर्तित किया जाता है और धातू रुपी कैल्शियम मे बदला जाता है ।[1]

यौगिकों[संपादित करें]

स्कैंडियम रसायन मे,यह तत्व अपने त्रिसंयोजक रुप (Sc3+) उपस्थित मे उपस्थित है । स्कैंडियम अक्सर एक लैन्थनाइड तत्व की तरह के रुप मे वर्गीकृत किया गया है ।

आक्साइड और हाइड्रोआक्साइड[संपादित करें]

आक्साइड Sc2O3 और हाइड्रोआक्साइड Sc(OH)3 उभयधर्मी है।

Sc(OH)3 + 3 OH → Sc(OH)63−
Sc(OH)3 + 3 H+ + 3 H2O → [Sc(H2O)6]3+

sc3+ का समाधान पानी मे जल-विश्लेषण के कारण अम्लीय होता है ।

जैविक डेरिवेटिव[संपादित करें]

स्कैंडियम ऑरगैनोमेटालिक यौगिकों की एक शृंखला बनाते है । उदाहरण के लिए, क्लोरीन पाटने डिमर।

इतिहास[संपादित करें]

दमित्री मेंडलीफ जो आवर्त सारणी के पिता के रूप में जाने जाते है,उन्होने १८६९ में एक तत्व एकबोरोन के अस्तित्व की भविष्यवाणी की, जिसका परमाणु जन ४० और ४८ के बीच मे होत है ।

लार्स फ्रेड्रिक निल्सन और उनकी टीम खनिजों euxenite और gadolinite में इस तत्व का पता चला। स्कैंडियम एक लैटिन शब्द स्कैंडिया से आया है जिसका अर्थ "स्कैंडिनेविया" होता है। धातु स्कैंडियम, पोटेशियम, लिथियम, और स्कैंडियम क्लोराइड की एक ७००-८०० डिग्री सेल्सियस पर हो रहे गलनक्रांतिक मिश्रण के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा १९३७ में पहली बार पेश किया गया । ९९% शुध्द स्कैंडियम धातू का पेहली पाउंड १९६० में उत्पादन किया गया था। एल्यूमीनियम मिश्र [2] धातुओं के उत्पादन १९७१ में शुरू हुआ, जिसके लिए एक अमेरिकी पेटेंट भी मिला था।

अनुप्रयोगों[संपादित करें]

एल्यूमीनियम स्कैंडियम के अलावा वेल्डेड एल्यूमीनियम घटकों की गर्मी के क्षेत्र में अनाज विकास को सीमित करता है। इसके दो फायदे है : उपजी Al3Sc अन्य एल्यूमीनियम मिश्र की तुलना में छोटे क्रिस्टल रूपों,और उम्र-सख्त एल्यूमीनियम मिश्र की अनाज की सीमाओं पर वेग-मुक्त क्षेत्र की मात्रा कम हो जाती है। यह दोनों धातु की उपयोगिता बढ़ाते है। हालांकि, टाइटेनियम के मिश्र धातु,समान रुप से लपट तथा दृढ़ होत है। वह सस्ते होने के कारण व्यापक रूप से बहुत अधिक इस्तेमाल भी हो रहे है।

  1. https://en.wikipedia.org/wiki/Scandium#cite_note-27
  2. https://en.wikipedia.org/wiki/Aluminium_alloy