सदस्य:Amarendra Aarya

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अमरेन्‍द्र कुमार आर्य, 10 साल से पत्रकारिता में। प्रिंट, ब्रॉडकास्‍टिंग और ऑनलाइन माध्यमों में काम करने का अनुभव। लगातार 07 साल तक विभिन्न मीडिया घरानों में नौकरी । 2015 के बाद से स्वतंत्र पत्रकारिता एवं मीडिया रिसर्च में सक्रिय । श्री अमरेन्द्र आर्य के शोध प्रबंध ‘ स्‍वामी विवेकानंद के संवाद कौशल के सूत्रों के अध्‍ययन’ को माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्‍वविद्यालय, भोपाल ने पुस्‍तक के रूप में प्रकाशित करने के लिए स्‍वीकार किया हैं । भारतीय मीडिया एवं मानवधिकार पर आधारित शोध पत्र ‘अप्‍स एंड डाउन ऑफ इंडियन मीडिया रिर्पोटिंग इन ह्यूमन राईट एक्‍टीविटिज’ को कैम्ब्रिज स्‍कोलर पब्लिकेशन, यूनाईटेड किंगडम ने प्रकाशित किया है। इसके अलावा आपके 50 से ज्‍यादा  शोध पत्र विभिन्‍न अंतरराष्‍ट्रीय एंव राष्‍ट्रीय स्‍तर के शोध जर्नल एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए है । आपके  आलेख  विभिन्‍न विद्वानों द्वारा संपादित 5 पुस्‍तकों में अध्‍याय के रूप में प्रकाशित हुए है। श्री अमरेन्द्र कुमार आर्य ‘इंडियन मीडिया सेंटर’  के सदस्‍य एवं ‘अक्षर इंडिया अभियान’ के संयोजक है ।

श्री आर्य का जन्म बिहार राज्‍य के सारण जि‍ले अन्‍तर्गत डुमरी पंचायत और डोरीगंज थाना क्षेत्र के सिंगही दियारा गांव के निहाला टोला नामक ग्राम में हुआ । वर्तमान में डुमरी (मुकुंद टोला) में परिवार का निवास।  आपने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चिरांद, कंसदियर-बलुआ, सिंगही, नरॉव, धनौरा और डुमरी नामक गांव के विभिन्‍न वि‍द्यालयों में संपन्न की। स्नातक की डि‍ग्री रामजयपाल महावि‍द्यालय, छपरा से प्राप्त करने के पश्चात आपने माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारि‍ता एवं संचार वि‍श्‍व‍वि‍द्यालय (नोएडा परि‍सरमाध्‍यम’) से जनसंचार वि‍षय में स्नातकोत्तर एवं कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारि‍ता एवं जनसंचार वि‍श्‍ववि‍द्यालय, रायपुर से एमफि‍ल (मीडि‍या स्‍टडीज) की डि‍ग्री प्राप्त की। आपने यूजीसी-नेट की परीक्षा 2014 में उतीर्ण की है। संप्रति, आप माखनलाल चतुर्वेदी राष्‍ट्रीय पत्रकारि‍ता एवं संचार वि‍श्‍व‍वि‍द्यालय, भोपाल के मीडि‍या प्रबंधन वि‍भाग में सहायक प्राध्‍यापक (अतिथि‍) के पद पर कार्यरत हैं। साहित्य, नाटक, लोकगीत, लोकसंगीत, भारतीय परंपरा और सांस्‍कृतिक अध्‍यययन के विषयों में आपकी रुचि है। आपकी रचनाएँ अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। बहरहाल, भारत में झीलों की नगरी के नाम से प्रसिद्ध भोपाल में नि‍वासरत