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The President Dr. A.P.J. Abdul Kalam presenting the Arjuna Award -2005 to Ms. Anju Jain for Cricket (women), at a glittering function in New Delhi on August 29, 2006.jpg

अंजू जैन[संपादित करें]

जन्म[संपादित करें]

अंजू जैन एक पूर्वी क्रिकेटर हैं। उनका जन्म ११ अगस्त १९७४ में नई दिल्ली में हुआ।

खेल व्रित्ति[संपादित करें]

उन्होंने महिला टेस्ट क्रिकेट टीम में ८ मैच (१९९५ से २००३) के दौरान खेला,और (१९९३-२००५) के दौरान ६५ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। वह टीम में विकेट कीपर की भूमिका निभाती थीं। वह दाएँ हाथ की बल्लेबाज़ थीं। उन्होंने जुलाई २०,१९९३ में वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ अपना पेहला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेला,और फरवरी ७ १९९५ में न्यूज़ीलेंड के खिलाफ पेहला टेस्ट मैच खेला। हाँलाकि भारत सेमीफाइनल में पहुँंचा और मेज़बान् न्यूजीलैंड द्वारा वहाँं भारत को हार का सामना करना पड़ा। अंजू टूर्नामेंट में भारत के प्रदर्शन से काफी खुश थीं। उन्होंने अपने क्रिकेट पेशे में ६५ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में १७२९ रन बनाए २९ दशमलव ८१ के बैटिंग एवरज से, और ८ टेस्ट मैच में ४४१ रन ३६ दशमलव ७५ के बैटिंग एवरज से बनाया।उन्होंने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में ३० कैच और ५१ बार स्ट्मपिंग की है। वहीं उन्होंने टेस्ट मैचों में १५ कैच एव्ं ८ बार स्ट्म्पिंग की है । रानी झाँसी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करने पर उन्हें साल २००० के महिला विश्व कप का कप्तान बनाया गया। उन्होंने ऐयर इंडिया की महिला क्रिकेट टीम के लिए भी खेला था। वह पहली खिलाड़ी थी जिन्होंने लगातार ४ विश्व कप खेला। स्टंप के पीछे वह हर बार भरोसेमंद रहती थीं।जाहिर है, उनकी सेवानिवृत्ति के बाद, भारतीय टीम ने उपयुक्त प्रतिस्थापन खोजने के लिए सालों से संघर्ष किया है। भारतीय टीम १०५ मैचों में करीब ८ विकेट कीपर बदल चुकी है। अंजू भारतीय टीम के लिए एक संपत्ति थी क्योंकि उन्होंने शुरुआती बल्लेबाज और रखरखाव के रूप में उत्कृष्ट संतुलन जीता था। उन्होंने बल्लेबाजी शुरू की और लगभग पूरे करियर में विकेट रखा। जिस तरह से उन्होंने दस्ताने के साथ एक नुकीले फुटवर्क और दक्षता बनाए रखा वह बहुत ही आकर्षक था। जैन ने सबसे ज़्यादा महिला एक दिवसीय क्रिकेट में विकेट कीपिंग और सबसे ज़्यादा बैटिंग ओपनिंग कप्तान रह कर करने का उन्हें पुरस्कार मिला है।

उपलब्धि[संपादित करें]

अंजू जैन को २००५ में पूर्वी राष्ट्रपति डॉ ए पी जी अब्दुल कलाम द्वारा अर्जुन पुरस्कार मिला। अर्जुन पुरस्कार भारत में युवा मामलों और खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा खेल में उत्कृष्ट उपलब्धि को पहचानने के लिए दिए जाते हैं। १९६१ में शुरू हुआ, इस पुरस्कार में ५००००० रुपये का नकद पुरस्कार, अर्जुन की कांस्य प्रतिमा और एक स्क्रॉल मिलता है। अर्थात् उन्हें क्रिकेट में उस साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार प्राप्त हुआ। वह एक कोच रह्कर आन्ध्र प्रदेश के युवा एवं क्रिकेट टीम का विकास किया।वह ओडिशा,त्रिपुरा एवं असम की कोच भी रह चुकी हैं। वह विदर्भ क्रिकेट टीम की भी कोच रह चुकी हैं। अभी उनका बाँग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ करार है। वह अब बाँग्लादेश महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख कोच बन गयी हैं। उन्होंने इँग्लेंड की डेविड केपल की जगह ली है। एशिया कप पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी अंजू जैन के तहत बांग्लादेश की पहली श्रृंखला है। उन्होंने बाँग्लादेश को एशिया कप में जीत दिलायी। उनके अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी देविका पालशिकर बांग्लादेश की सहायक कोच के पद पे हैं वहीं अनुजा डालवी फीसियोथेरेपिस्ट के पद पे हैं।

व्यक्तित्व[संपादित करें]

वह एक बहुत ही प्रतिभावान व्यक्तित्व हैं,उनकी लगन और मेहनत अपने पेशे में काबिले तारीफ है। [1]

[2]

  1. https://en.wikipedia.org/wiki/Anju_Jain
  2. https://scroll.in › Sports › Women's Cricket