सत्यकाम जाबाल

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

सत्यकाम जाबाल, महर्षि गौतम के शिष्य थे जिनकी माता जबाला थीं और जिनकी कथा छांदोग्य उपनिषद् में दी गई है। सत्यकाम जब गुरु के पास गए तो नियमानुसार गौतम ने उनसे उनका गोत्र पूछा। सत्यकाम ने स्पष्ट कह दिया कि मुझे अपने गोत्र का पता नहीं, मेरी माता का नाम जबाला और मेरा नाम मुझे पता नही, गौतम ने शिष्य की इस सीधी सच्ची बात पर विश्वास करके उसका नाम सत्यकाम ब्राह्मणपुत्र मान लिया और उसे शीघ्र ही पूर्ण ज्ञान की प्राप्ति हो गई।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

satykam jabal ka name uski dasi ma Jabal ke name pr pda satykam ke mn me stya janne ki icha utpan hui or Goutam namak ek brahaman ne unhe apne ek Vidyarthi ke roop me swicar kr liya or wh apne smay ke sarwadhik vicharko me se ek bne