संस्पर्श प्रक्रम

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संस्पर्श प्रक्रम (contact process) गन्धकाम्ल निर्माण की वर्तमान समय में प्रचलित विधि है। यह उच्च सान्द्रता वाले अम्ल के निर्माण में उपयोगी है। इस अभिक्रिया में प्लेटिनम का उपयोग उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है। किन्तु इस प्लेटिनम के साथ आर्सैनिक की अशुद्धियाँ अभिक्रिया करने का दर रहता है, अतः आजकल वेनेडियम आक्साइड (V2O5) का उत्प्रेरक के रूप में उपयोग होता है।

सन १८३१ में इस प्रक्रम का पैटेन्ट ब्रिटेन के सिरका व्यापारी पेरेगिन फिलिप्स ने किया था। उच्च सान्द्रता वाले गन्धकाम्ल के उत्पादन के अलावा इस प्रक्रम की विशेषता यह है कि इससे सल्फर ट्राइऑक्साइड और ओलिअम भी प्राप्त होता है।

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