संस्कृत का पुनरुत्थान

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संस्कृत भाषा के अध्ययन, अध्यापन, और उपयोग को बढ़ाने के कई प्रयास किये जाते रहे हैं और आज भी किये जा रहे हैं। इन्हें सम्मिलित रूप से संस्कृत पुनरुद्धार या 'संस्कृत का पुनरुत्थान' कहते हैं।

इतिहास[संपादित करें]

१८९१ में भारत के थियोसोफिस्टों ने संस्कृत के पुनरुत्थान के लिये संगठित प्रयास किया था। १८९४ में अमेरिकी एशियाई तथा संस्कृत सोसायटी निर्मित की गयी थी। १९४७ में भारत के स्वतन्त्र होने पर संस्कृत को राजभाषा बनाने का प्रयास किया गया था। संस्कृत को भारत की उन १४ भाषाओं में स्थान दिया गया जो भारतीय संविधान के आठवीं अनुसूची में सम्मिलित थीं।

संस्कृत ग्रन्थों का प्रकाशन[संपादित करें]

भारत के शीर्ष संस्कृत प्रकाशकों में प्रमुख हैः

  • चौखंबा संस्कृत सीरिज, वाराणसी
  • मोतीलाल बनारसी दास, दिल्ली
  • त्रिवेन्द्रम संस्कृत सिरीज (अनन्तशयनम संस्कृत ग्रन्थावली)
  • श्री आनंद आश्रम, महाराष्ट्र (आनन्दाश्रम संस्कृत ग्रन्थावली)
  • भंडारकर प्राच्यविद्या संस्थान, महाराष्ट्र
  • श्रीअरविंद आश्रम दीप्ति प्रकाशन, पुड्डुचेरी
  • श्रीनिर्णयसागर प्रेस, मुंबई
  • संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • ज्ञान मंडल प्रकाशन, वाराणसी
  • राष्ट्रीय संस्कृत संस्कृत संस्थान, दिल्ली
  • ओरियंटल इंस्टीच्यूट, एमएस विश्वविद्यालय, बड़ोदरा, गुजरात
  • प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर, राजस्थान
  • हिंदोस्तानी अकादमी, इलाहबाद, उत्तर प्रदेश
  • थियोसोफिकल सोयासटी, अडयार, चेन्नई, तमिलनाडु
  • श्रीअरविंद कपाली शास्त्री वैदिक इंस्टीच्यूट, बंगलूर
  • श्रीजगदीश संस्कृत पुस्तकालय, जयपुर, राजस्थान
  • लक्ष्मणदास मेहरचंद, दिल्ली
  • स्वाध्याय मंडल, पारडी, वलसाड़, गुजरात,
  • श्रीकृष्णदास अकादमी, वाराणसी,
  • पृथ्वी प्रकाशन, वाराणसी-दिल्ली
  • ठाकुरदास प्रकाशन, वाराणसी
  • भारतीय विद्याभवन, वाराणसी
  • श्रीवेंकटश्वर प्रेस श्रीखेमराज श्रीकृष्णदास, मुंबई
  • हिंदी ग्रंथ प्रचारक प्रा. लि., वाराणसी,
  • भारत धर्म मंडल, वाराणसी
  • विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी
  • वैदिक संशोधन मंडल, महाराष्ट्र
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • प्राच्य प्रकाशन, वाराणसी
  • तेजकुमार बुक डिपो, लखनऊ
  • दक्षिणामूर्ति मठ, वाराणसी,
  • शृंगेरी शंकराचार्य मठ
  • श्रीतिरूपति संस्कृत प्रकाशन, श्रीवेंकटेश्वर तिरुपति तिरुमाला देवस्थान, तिरुमति, आंध्र प्रदेश
  • श्रीगौडीय मठ, कोलकाता
  • श्रीकृष्ण सेवा समिति, मथुरा
  • हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयाग, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश
  • मुंशी लाल मनोहर लाल, दिल्ली
  • नाग प्रकाशन, दिल्ली
  • बिहार राष्ट्रभाषा समिति, पटना, बिहार
  • लाल बहादुर शास्त्री संस्कृत संस्थान, दिल्ली
  • श्रीपीतांबरा पीठ संस्कृत परिषद, दतिया, मध्य प्रदेश
  • नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी,
  • बीजी तिलक प्रकाशन, पूर्ण
  • डा. रविंद्र सेठ, दिल्ली,
  • श्रीशारदा पीठ शंकराचार्य प्रकाशन, द्वारका, गुजरात
  • भुवन वाणी ट्रस्ट, लखनऊ
  • श्रीराधाकृष्ण धानुका प्रकाशन संस्थान, मथुरा।

इनके अलावा भी लगभग 400 प्रकाशक संस्कृत में आध्यात्मिक पुस्तकों का प्रकाशन करते हैं। दक्षिण भारत में बंगलूर में गैरसरकारी स्तर पर संस्कृत पुस्तक मेले का आयोजन होता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]