संजोग से बनी संगिनी

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संजोग से बनी संगिनी
Sanjog Se Bani Sangini.jpg
संजोग से बनी संगिनी की छवि
शैली नाटक, प्रेम
निर्माण का देश भारत
भाषा(एं) हिन्दी
प्रकरणों की संख्या 168
प्रसारण
मूल चैनल ज़ी टीवी
छवि प्रारूप 720i (SDTV)
मूल प्रसारण 16 अगस्त 2010 – 2 जून 2011
बाह्य सूत्र
आधिकारिक जालस्थल

संजोग से बनी संगिनी भारतीय हिन्दी धारावाहिक है। इसका प्रसारण ज़ी टीवी पर 16 अगस्त 2010 से 2 जून 2011 तक हुआ। इसमें मुख्य किरदार में इक़बाल खान और बिन्नी शर्मा हैं।

कहानी[संपादित करें]

यह कहानी रुद्र और गौरी के प्यार की है। पहले वह एक अनजान के रूप में मिलते हैं, लेकिन संजोग से एक दूसरे से कई बार मिलते हैं और मित्र बन जाते हैं। गौरी रुद्र की पीहू से शादी करने के लिए मदद करती है। लेकिन रुद्र और पीहू के बीच झगड़ा हो जाता है। पीहू रुद्र को नीचा दिखाने के लिए अभय से शादी कर लेती है। गौरी रुद्र को इससे बाहर लाने की कोशिश करती है और धीरे धीरे वह एक दूसरे के करीब आते जाते हैं। लेकिन रुद्र और गौरी का एक दूसरे के करीब आना पीहू को बिलकुल अच्छा नहीं लगता। पीहू का अब तक रुद्र को न भूलना अभय को अच्छा नहीं लगता।

अभय रुद्र को कहता है की गौरी ने पीहू के साथ शादी करने के लिए मदद की थी। इससे रुद्र क्रोधित हो जाता है और शराब पी लेता है। उसे कुछ समझ नहीं आता और वह गौरी को सबक सीखाने के लिए उससे शादी कर लेता है। कुछ समय के बाद उसे पता चलता है की अभय उससे झूठ बोल रहा था। यह पता चलने के बाद रुद्र गौरी को अपनी पत्नी मान लेता है। वह कहता है की वह उसे अपनी पत्नी मानता है, लेकिन वह पीहू को नहीं भूल सकता। वह उसे अपने घर ले आता है।

घर पर रुद्र की माँ उसे अपनी बहू नहीं मानती। वह पीहू को अपने घर बुला लेती है और उससे रुद्र और गौरी के मध्य फुट डालने को कहती है। पीहू इस अवसर का लाभ लेती है और अपने शैतानी कार्यों में लग जाती है और रुद्र से शादी करने के लिए जाल बुनती है। लेकिन पीहू के बुरे सोच के बारे में सबको पता चल जाता है। रुद्र की माँ गौरी को अपनी बहू के रूप में अपना लेती है और रुद्र पीहू को अपनी ज़िंदगी से बाहर कर देता है। रुद्र को जब पता चलता है की उसकी माँ ने ही पीहू को उसके और गौरी के मध्य फूट डालने के लिए भेजा था। तो वह एक नए घर में गौरी के साथ चला जाता है। इस दौरान रुद्र पीहू को पूरी तरह से भूल जाता है और गौरी से प्यार करने लगता है।

पीहू इस बात को नहीं मान पाती की रुद्र अब उससे नफरत करता है। अभय पीहू के इस हालत का बदला लेने के लिए गौरी का अपहरण करता है। उसकी बेहोशी की हालत में एक राम नामक व्यक्ति जो गौरी से प्यार करता है से शादी करवाने की कोशिश करता है। लेकिन रुद्र वहाँ आ जाता है और गौरी को बचा लेता है। इसी दौरान अभय की मौत हो जाती है।

राम बदला लेने के लिए रुद्र की बहन से शादी करता है। रुद्र और राम के मध्य लड़ाई हो जाती है और राम रुद्र के सिर में मार देता है, जिससे रुद्र की याददाश्त चले जाती है। उसे तीन वर्षों का कुछ भी याद नहीं रहता। वह भूल जाता है की वह गौरी से प्यार करता है और उसकी गौरी से शादी भी हो चुकी है। उसे लगता है की वह अब भी पीहू से प्यार करता है। डॉक्टर कहता है की इसे कोई भी कुछ याद दिलाने के लिए जबर्दस्ती न करे। रुद्र की माँ गौरी को रुद्र से दूर रहने को कहती है। गौरी पीहू को रुद्र की देख रेख के लिए रुद्र से प्यार का नाटक करने के लिए कहती है। पीहू पहले इससे मना कर देती है। बाद में वह मान जाती है। वह इस बात का फायदा उठाती है और रुद्र के साथ शादी तय करवाती है।

रुद्र और पीहू के शादी के दिन रुद्र को सब कुछ याद आ जाता है की उसकी पहले ही शादी हो चुकी है। और वह गौरी से प्यार करता है। वह पीहू को अकेले छोड़ कर गौरी के साथ चले जाता है। पीहू को अपनी गलती का एहसास हो जाता है। गौरी एक बच्चे को जन्म देती है। इसी के साथ कहानी समाप्त हो जाती है।

कलाकार[संपादित करें]

ये पहले पीहू से प्यार करता था, पर उसके किसी और से शादी करने के बाद, जब उसे पता चला कि गौरी ने इसमें मदद की है तो वो गुस्से में उससे शादी कर लेता है। बाद में उसे पता चलता है कि गौरी का उसमें कोई हाथ नहीं था, उसके बाद वो उसे अपनी बीवी मान लेता है और बाद में वो पीहू को भुला कर गौरी से प्यार करने लगता है।
गौरी हमेशा रुद्र की मदद करते रहती है। पहले उसकी उसके प्यार से मिलाने और उसके प्यार की किसी और के साथ शादी हो जाने के बाद उसके गम से बाहर निकालने में मदद करती है।
  • अदिति गुप्ता — पीहू, अभय की पत्नी
पीहू हमेशा से रुद्र से प्यार करते रहती है, पर अपने घमंड और अक्षय के कारण वो अक्षय से शादी कर लेती है, पर फिर भी वो रुद्र से प्यार करना नहीं छोड़ती और इस कारण वो रुद्र और गौरी के बीच दूरी बनाने की कोशिश करती है।
  • रौनक आहूजा — अभय
  • मूर्ति परसौद — नंदिनी
  • संदीप बसवाना — रत्नेश
  • तृष्णा विवेक — केतकी
  • अरुणा ईरानी — राजरानी
  • सुधा चन्द्रन / कनिका लाल — कल्कि देवी
  • समता सागर — सुनहरी
  • दीपक ओजिर — दादाजी
  • करन गोदवानी — शंकर

पुरस्कार[संपादित करें]

ज़ी रिश्ते पुरस्कार 2010
  • पसंदीदा भाभी - केतकी भाभी
  • पसंदीदा खलनायक - राजरानी और नानी
  • ज़ी परिवार का नया सदस्य (स्त्री) - गौरी
  • पसंदीदा प्रसिद्ध चेहरा (पुरुष) - रुद्र

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]