संगमेश्वर

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[[चित्र:संगमहेश्वर|अंगूठाकार|शिवलिंग ]चित्र:शिवलिंग

संगमहेश्वर ==== उत्तर प्रदेश (भारत) के बुंदेलखंड इलाके के मेरापुर, हमीरपुर, में स्थित एक शिव मंदिर है। यह मंदिर यमुना नदी के तट पर स्थित है। नदी के यहाँ होने से यहाँ का दृश्य और भी सौम्य हो जाता है। यह मंदिर शहर की सबसे सुन्दर प्राकृतिक स्थानों में से एक है। मंदिर में शिव जी के प्रत्येक त्यौहार में श्रद्दालुओं की बहुत भीड़ लगती है। प्राकृतिक आलौकिकता से रमन्य मंदिर संगमहेश्वर एक अत्यंत प्राचीन मंदिर है। संगमेश्वर को संगमहेश्वर एवं संघ महेश्वरी मंदिर भी कहते हैं। इसके स्थापत्य के कोई लिखित प्रमाण नहीं हैं। आस पास के गाँव  के लोगो द्वारा बताया जाता है कि बहुत पहले एक गाय थी  जो रोज प्रातः एक ऐसे स्थान में जाकर अपना दूध बिना किसी क निकाले ही गिराती है जब गाँव के लोगों को पता चला तो वो लोग उस स्थान में पहुंचे जहाँ वो गाय जाती थी तब पता चला कि वहाँ एक शिवलिंग है जो अत्यंत दुर्लभ है तब से इस स्थान को जाना गया।

मंदिर में बहुत सारे चन्दन के वृक्ष लगे हैं और ये मंदिर की शोभा बढ़ाते हैं। परिसर में एक बाग का निर्माण किया गया है और चन्दन वृक्ष  इसी में लगे है।इस मंदिर में सबसे बड़ी अद्भुत विशेषता ये है कि बुन्देलखण्ड में चन्दन के वृक्ष कहीं भी नहीं लग पाते हैं परन्तु यहाँ पर ये आसानी से लगकर यहां कि शोभा बढ़ा रहे हैं। यह  स्थान ही ऐसा है जहाँ चन्दन के पेड़ आसानी से रोपित  हो जाते हैं। इस लिए  मंदिर परिसर  को बुन्देलखण्ड का चन्दन वन  भी कहा जाता है। 

 मंदिर को जब से जाना गया तब वहाँ पर स्वामी नारायण दास जी तप कर रहे थे और उन्हीं के प्रयास से इस स्थान को मंदिर का स्वरुप दिया गया। इस समय गुरु श्री श्री १०८ श्री सूरज मुनि जी महाराज हैं।

मंदिर नदी से लगभग ४० फ़ीट ऊपर है। घाट से मंदिर तक ६० सीढियाँ  हैं। नदी के घाट बड़े ही प्राकृतिक हैं।

   यहाँ उत्तर प्रदेश की मात्र एक प्राकृतिक  यज्ञ  वेदिका है जो चन्दन वृक्ष की छाया में है। इस वेदिका का निर्माण प्राचीन समय में ही हुआ था तब से यह चन्दन  वृक्ष के छाया में है। श्रावण मास में यहाँ पूरा एक महीने तक चहल- पहल रहती है, मंदिर आस्था और विश्वास का प्रतीक है जहाँ भगवान् शिव के प्रत्येक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती  है।

 चूंकि मंदिर शहर से थोड़ा दूरी पर स्थित है तो वहाँ हमेशा ऐसी भीड़- भाड़ नहीं रहती है। मंदिर में एक प्राचीन शिला भी है जिसमे मूर्तियों के चित्र बने हैं। शिला मंदिर के किनारे पर स्थित है। मंदिर के किनारे से यमुना नदी तट तक जाने के लिए सीढ़ियों का रास्ता है।

  अक्षांश : ७६ डिग्री १८।७६ डिग्री ४४ को पूर्व                देशान्तर :  ३१ डिग्री ५२।३१ डिग्री ५८।उत्तर

प्राचीन मंदिर संगमहेश्वर मेरापुर गाँव में जिला मुख्यालय हमीरपुर, (उत्तरप्रदेश) से ५ किलोमीटर पूर्व दिशा में स्थित है। रेलवे स्टेशन सुमेरपुर (कानपुर- बाँदा रेलवे मार्ग) से १८ किलोमीटर की दूरी पर स्थित।  

[[चित्र:परिसर में चन्दन वन .jpg|अंगूठाकार|

स्वामी नारायणदास जी.jpg
यमुना तट से मंदिर .jpg
चन्दन वेदिका .jpg
प्राचीन शिला .jpg

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मेरापुर , संगम रोड

मंदिर का प्रवेश द्वार .jpg

हमीरपुर , कानपुर- बाँदा रोड 210301 [[चित्र:संगमहेश्वर [[

संगमहेश्वर

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   ==इन्हें भी देखें==(चन्दन वन).jpg|अंगूठाकार]]

फोन :    9793739164