संगठनात्मक संरचना

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संगठनात्मक संरचना (Organizational structure) , संगठन का एक महत्वपूर्ण पक्ष है जो यह परिभाषित करती है कि संगठन में कार्यों का आबंटन, समन्वय, पर्यवेक्षण आदि सही तरह से हों ताकि यह संगठन के लक्ष्यों की पूर्ति में सहायक हों। संगठनों की संरचना ऐसी होनी चाहिए कि कार्यों में दक्षता आए, लचीलापन हो, नवोन्मेषी (इन्नोवेटिव) हो, संवेदनशील (sensitive) हो ताकि संगठन को टिकाऊ प्रतिस्पर्धी लाभ प्राप्त करने में मदद मिले। किसी संगठन की संरचना कई तरह से की जा सकती है जो उस संगठन के लक्ष्यों पर निर्भर करती है। संगठन की संरचना से ही यह निर्धारित होता है कि वह संगठन कैसे कार्य करेगा और कैसा परिणाम देगा।

संगठनात्मक संरचना, अपने विभिन्न अंगों (जैसे शाखा, विभाग, कार्यसमूह, और व्यक्ति) के रूप में प्रकट होती है और इसी के माध्यम से उत्तरदायित्व एवं कार्य निर्धारित होते हैं। संगठनात्मक संरचना दो तरह से संगठनात्मक कार्रवाई (ऐक्शन) को प्रभावित करती है:

  • (१) संगठनात्मक संरचना वह नींव है जिस पर संगठन के मानक संचालन प्रक्रियाएं () और मार्ग खड़े होते हैं।
  • (२) संगठनात्मक संरचना से ही यह निर्धारित होता है कि कौन व्यक्ति किस निर्णय-प्रक्रिया में सहभागी होगा और किसमें नहीं।

प्रकार[संपादित करें]

  • नौकरशाही-पूर्व की संरचनाएँ
  • नौकरशाही संरचनाएँ
  • नौकरशाही के पश्चात की संरचनाएँ
  • कार्यात्मक संरचना (Functional structure)
  • प्रभागीय संरचना (Divisional structure)
  • मैट्रिक्स संरचना (Matrix structure)
  • संघटनात्मक वृत्त (Organizational circle)
  • दल या टींअ (Team)
  • नेटवर्क संरचना (Network)
  • आभासी संरचना (Virtual)
  • Hierarchy-community phenotype model