षट्कर्म

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
Unbalanced scales.svg
इस लेख की निष्पक्षता विवादित है।
कृपया इसके वार्ता पृष्ठ पर चर्चा देखें।

षट्कर्म (अर्थात् 'छः कर्म') हठयोग में बतायी गयी छः क्रियाएँ हैं। षटकर्म द्वारा संपूर्ण शरीर की शुद्धि होती है एवं देह निरोग रहती है।

त्राटक, कपालभाति, बस्ती, धौति, नौली एवं नेति षटकर्म कहलाते हैं।

नेति : नेति के दो प्रकार होते हैं -

1. जलनेति

2. सूत्रनेति ३.तेलनेती धौति : धौति (धोना) बारह प्रकार की होती है

1. वातसार धौती

2. वारिसार धौती

3. बहिव्सार धौती

4.बहिष्कृत धौती

5.दंत मूल धौती

6.जिव्हामूल धौती

7.कर्णरन्ध्र धौती

8.कपाल रन्ध्र धौती

9. दंड धौती

10. वमन धौती

11. वस्त्र धौती

12. मूलशोधन धौती

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]