श्री रणजीत हनुमान

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

Shri Ranjeet Hanuman (1) भारत ह्रदय स्थल मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में श्री रणजीत हनुमान जी का प्राचीन मंदिर है।  श्री रणजीत हनुमान की इस चमत्कारिक मूर्ति के दर्शन हेतु हजारो लोग प्रतिदिन आते है। 

यूँ  तो पुरे सप्ताह ही यहाँ श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है परन्तु मंगलवार और शनिवार को श्री रणजीत हनुमान मंदिर में अत्यधिक भीड़ रहती है।  

(2) शहर की आस्था का केंद्र श्री रणजीत हनुमान मंदिर काफी प्राचीन है।  और यहाँ विराजित श्री हनुमानजी की मूर्ति भी बड़ी चमत्कारिक है।  

चमत्कार : मेरे पिताजी श्री कैलाशचंद्रजी काबरा का निधन सन 2012 में हुआ।  मेरे पिताजी श्री रणजीत हनुमान के बड़े भक्त थे।  वो प्रतिदिन पूर्ण आस्था के साथ मंदिर जाया करते थे.[संपादित करें]

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ते हुए जब उनका निधन हुआ ये चमत्कार तब का है।  [संपादित करें]

पिताजी की अंतिम यात्रा के दौरान शव वाहन जब श्री रणजीत हनुमान मंदिर के सामने अंतिम दर्शन हेतु रोका गया।  तब मेने सोचा की मेरे पिताजी आज कैसे बाबा (श्री रणजीत हनुमान) के दर्शन करेंगे।  मै ये सोच ही रहा था की अचानक किसी ने एक बड़ी साइज की हनुमान जी की फोटो शव वाहन की खिड़की के वहां हाथ से ऊपर की और उसी पल मेने उस फोटो को हाथ से पकड़ लिया।  जिस व्यक्ति ने मुझे फोटो दिया उसने भी अपने हाथ से छोड़ दिया और तुरंत ही वह वहां से चला गया . वो व्यक्ति कौन था ? कैसा था ? ये सब में नहीं देख पाया।  मेने हनुमानजी की फोटो को अपने मृत पिता के सीने  पर रख दिया।  जब अंतिम संस्कार का वक्त आया तब श्यमसान में उस फोटो को अपने पिता के सीने  से अलग किया।  यह चमत्कार ही है कि मेरे पिता की अंतिम यात्रा में स्वयं श्री रणजीत हनुमान (बाबा) आये थे। [संपादित करें]

नोट : श्री रणजीत हनुमान मंदिर पर इस तरह हनुमानजी के फोटो का मिलना ही अपने आप में चमत्कार है क्योकि श्री रणजीत हनुमान मंदिर के बाहर जितनी भी पूजा सामग्री की दुकान है वहां कभी भी रणजीत हनुमान की तस्वीर आज भी नहीं मिलती है।  

https://www.facebook.com/ranjeethanuman/