श्री प्रवरसेन

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श्री प्रवरसेन (लगभग 530-590 ई॰) अथवा प्रवरसेन द्वितीय, राजतरंगिणी की सूची के अनुसार छठी सदी हुण शासक थे।[1] इनका साम्राज्य उत्तर पश्चिमी भारत के गांधार और कश्मीर क्षेत्र थे।[2] उनके साम्राज्य ला अन्त लगभग 530 ई॰ के 60 वर्ष पश्चात् हुआ।[2][3]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. फ्रीडबर्ग, ऑर्थर एल॰; फ्रीडबर्ग, ईरा एस॰ (2009). Gold Coins of the World: From Ancient Times to the Present : an Illustrated Standard Catalogue with Valuations (अंग्रेज़ी में). कोइन & करेंसी इंस्टीट्यूट. पृ॰ 463. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9780871843081.
  2. धनी, अहमद हुसैन; लित्विन्सकी, बीए (1996). History of Civilizations of Central Asia: The crossroads of civilizations, A.D. 250 to 750 (अंग्रेज़ी में). यूनेस्को. पृ॰ 169. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9789231032110.
  3. Kim, Hyun Jin (2015). The Huns (अंग्रेज़ी में). Routledge. पृ॰ 58. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 9781317340911.