श्रीहरिगीता

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विकिसोर्स में श्रीहरिगीता लेख से संबंधित मूल साहित्य है।

मानव धर्म कार्यालय, नयी दिल्ली के श्री दीनानाथ भार्गव 'दिनेश' कृत, भगवद्गीता का हिन्दी पद्यानुवाद, श्री हरिगीता, कहलाता है। उत्तर भारत में लोग गीता के साथ साथ हरिगीता का पाठ भी करते हैं क्योंकि यह लोकभाषा में होने जल्दी समझ आता है और पद्य रूप में होने से आसानी से याद हो जाता है।

 दिनेश जी ने सारे भारत में घूम-घूम कर गीता पर प्रवचन दिए तथा श्री हरि गीता के हिंदी छंद अपनी सुमधुर वाणी में गाकर सुनाए। उनकी आवाज इतनी मधुर थी कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो जाते थे। उन जैसा मधुर वाणी का स्वामी दूसरा नहीं हुआ। दिनेश जी की आवाज में उनके जीवन के अंतिम दिनों में रामपुर उत्तर प्रदेश में दिए गए प्रवचन का कुछ अंश यूट्यूब पर दीनानाथ दिनेश लिखने से उपलब्ध हो सकता है।

इसके पहले १२ अध्याय विकिसोर्स पर उपलब्ध हैं .

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