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श्रीधर वेम्बु

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श्रीधर वेम्बु
जन्म 1968
तंजावुर
नागरिकता भारत Edit this on Wikidata
शिक्षा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, प्रिंसटन विश्वविद्यालय[1] Edit this on Wikidata
पेशा व्यापारी Edit this on Wikidata
पदवी मुख्य कार्यकारी अधिकारी Edit this on Wikidata
प्रसिद्धि का कारण ज़ोहो कॉर्पोरेशन Edit this on Wikidata
पुरस्कार पद्मश्री पुरस्कार व्यापार और उद्योग[2] Edit this on Wikidata

श्रीधर वेम्बु (जन्म 1968) एक भारतीय अरबपति व्यवसायी तथा जोहो कॉरपोरेशन के संस्थापक और सीईओ हैं। फोर्ब्स के अनुसार, वह 2020 तक 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ दुनिया के 59वें सबसे धनी भारतीय व्यक्ति हैं। उन्हें 2021 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।[3][4] उनका जीवन अत्यन्त सरल है। [5][6]

जीवन परिचय

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तमिलनाडु के तंजावुर जिले के एक छोटे से गांव में जन्मे श्रीधर वैम्बू ने आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी०टेक० और अमेरिका की प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। 1994 में उन्होंने क्वालकॉम में सिस्टम इंजीनियर के रूप में नौकरी करना शुरू किया। लेकिन एक दो वर्ष नौकरी करने के बाद उन्होंने अचानक वापस अपने देश यानी भारत लौटने का फैसला किया। वो भारत लौटकर आए लेकिन दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद नहीं गए बल्कि अपने गृहनगर (तमिलनाडु के तेनकाशी के एक छोटे से गांव) में। [7] यह असामान्य निर्णय, जिसने उस समय लोगों को चौंका दिया था, अब उनके दर्शन का केंद्र बन गया है। वेम्बू का मानना ​​है कि विश्वस्तरीय तकनीक महानगरों या शहरों से आने की जरूरत नहीं है। इसे गांवों में भी उन प्रतिभाओं द्वारा बनाया जा सकता है जिन्हें पारंपरिक व्यवस्था अक्सर नजरअंदाज कर देती है।

1996 में, वेम्बू ने अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलकर एडवेंटनेट की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य वैश्विक दर्शकों के लिए एक भारतीय सॉफ्टवेयर उत्पाद कंपनी बनाना था। आगे चलकर यही एडवेंटनेट जोहो बन गई। आज जोहो के 50 से ज्यादा प्रोडक्ट है। ये सीधे तौर पर माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को टक्कर दे रहे हैं। यहां तक की व्हाट्सैप को भी टक्कर दे रहे हैं। इनके उत्पाद 180 से अधिक देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं।

कंपनी को फर्श से अर्श तक ले जाने वाले श्रीधर वैम्बू इस समय कंपनी के सीईओ भी नहीं हैं। बल्कि वह कंपनी के चीफ साइंटिस्ट हैं। इस समय जोहो के सीईओ शैलेश कुमार डेवी हैं। कंपनी के फाउंडर श्रीधर वैम्बू जोहो में किसी भी तरह की फंडिंग का हमेशा विरोध किया है। उन्होंने कंपनी को पूरी तरह से अपनी सेविंग और मुनाफे में खड़ा किया है। 19 फरवरी को जारी 2024 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500 रिपोर्ट के अनुसार, बूटस्ट्रैप्ड फर्म जोहो कॉर्पोरेशन नॉट लिस्टेड कंपनियों के रूप में उभरी थी।

इस समय जोहो का मूल्य 1.03 लाख करोड़ रुपये है जो अदाणी समूह से ज्यादा कम नहीं है। अभी जोहो मार्केट में लिस्ट नहीं है।

इन्हें भी देखें

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बाहरी कड़ियाँ

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सन्दर्भ

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  1. Mathematics Genealogy Project, Wikidata Q829984
  2. https://web.archive.org/web/20210125161945/https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1692337. मूल से से 25 जनवरी 2021 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 26 जनवरी 2021. {{cite web}}: Missing or empty |title= (help)
  3. "PIB Press Release: This Year's Padma Awards announced". Pib.nic.in. अभिगमन तिथि: 2011-02-02.
  4. "Shinzo Abe, Tarun Gogoi, Ram Vilas Paswan among Padma Award winners: Complete list". टाइम्स ऑफ इंडिया. 25 January 2021. अभिगमन तिथि: 25 January 2021.
  5. Sridhar Vembu's Defiant Simplicity In A Divided State
  6. गांव से चलती है 50 हजार करोड़ रुपये की यह कंपनी, फाउंडर की सादगी जीत लेगी आपका दिल
  7. Arattai App के मालिक कौन? इस IIT से की पढ़ाई ; 52 हजार करोड़ रूपये के मालिक, फिर भी गांव में रहते हैं