श्यामानन्द

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श्यामानंद कृष्णभक्त सन्त थे।

इनका जन्म चैत्र शु. १५, सं. १५९० को उड़ीसा के धारेंदा ग्राम में हुआ। पिता का नाम कृष्णमंडल तथा माता का दूरिका दासी था। जन्म के अनंतर यह सुवर्णरेखा नदी के तटस्थ अंबुया ग्राम में आ बसे। यहीं इन्होंने शिक्षा प्राप्त की। इनका नाम दुखी कृष्णदास था तथा ये सद्गोप थे। श्रीहृदयानंद से दीक्षा लेकर यात्रा करते हुए ये वृंदावन पहुँचे। यहाँ श्री जीव गोस्वामी के यहाँ अध्ययन करते हुए २८ वर्ष रहे। गोस्वामी जी ने इन्हें दीक्षा देकर श्यामानंद नाम रखा। श्री राधिका जी की भी इनपर यहीं कृपा हुई। वृंदावन में प्रस्तुत हुए गोस्वामी ग्रंथों को बंगाल में प्रचारार्थ भेजने के लिए श्री जीव गोस्वामी ने श्री निवासाचार्य, नरोत्तम ठाकुर तथा श्यामानंद को नियत किया क्योंकि ये तीनों सहपाठी थे। प्रथम दो बंगाल में तथा तृतीय ने उड़ीसा में श्री गौरांग के मत का प्रचार किया।