शोकू असहारा
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| शोकू असहारा | |
|---|---|
| जन्म |
चिज़ुओ मत्सुमोतो 02 मार्च 1955 कुमामोटो प्रीफेक्चर, जापान |
| मौत |
जुलाई 6, 2018 (उम्र 63 वर्ष) टोक्यो, जापान |
| मौत की वजह | फांसी |
| राष्ट्रीयता | जापानी |
| पेशा | पंथ नेता, स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु |
| प्रसिद्धि का कारण | टोक्यो सबवे सरीन हमला (1995) |
| आपराधिक मुकदमें | हत्या, आतंकवाद, जैविक और रासायनिक हथियारों का उपयोग |
शोकू असहारा (जन्म: 1955 - मृत्यु: 2018) ॐ श्रिंरिकिओ (Aum Shinrikyo) नामक एक जापानी पंथ के संस्थापक थे। इस पंथ ने 1995 में टोक्यो के सबवे सिस्टम में सरीन गैस से हमला किया था, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
आओम शिनरिक्यो पंथ ने धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षा के नाम पर हिंसक कृत्य किए। असहारा ने अपने अनुयायियों को यह विश्वास दिलाया था कि वे एक वैश्विक प्रलय से बचने के लिए भगवान की तरह शक्तिशाली हैं और यह कृत्य उसी उद्देश्य से किए गए थे।
1995 के सबवे गैस हमले के बाद असहारा और उसके कई साथी पकड़े गए। 2018 में शोकू असहारा और अन्य पंथ के सदस्य को मृत्युदंड दिया गया।
उनकी कृतियों ने जापान और पूरी दुनिया को एक बड़ा सदमा दिया था, और यह घटना जापान के इतिहास में सबसे बड़े और डरावने आतंकवादी हमलों में से एक मानी जाती है।