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शैलेन्द्र राजवंश

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शैलेन्द्र राजवंश इंडोनेशिया का एक प्राचीन राजवंश था। इसका उदय जावा में ८वीं सदी में हुआ। शैलेन्द्र लोग बौद्ध धर्म की महायान शाखा के सक्रिय प्रवर्तक थे और विश्व प्रसिद्ध बोरोबुदुर मन्दिर सहित मध्य जावा के समतल क्षेत्र पर शासन किया।

शासकों की सूची

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समय (ईस्वी) राजा या शासक का नाम राजधानी पांडुलिपियाँ और अन्य ऐतिहासिक स्रोत घटनायें
674—703 रानी सीमा (?) कलिंग, पेकालोंगन एवं जेपरा के मध्य कहीं कैरिता पराहयांगन, ह्वी-निंग द्वारा हो-लिंग साम्राज्य की यात्रा (664) और रानी शी-मो के शासनकाल (674) पर चीनी विवरण कलिंग राज्य पर शासन
703—710 श्री प्रकाश शैलेन्द्र (?) ? कारिता पराहयांगन सीमा का दामाद, गलुह राज्य के शासक
710—717 सन्ना ? कॅन्गल शिलालेख (732), कारिता पराहयांगन सन्ना ने जावा पर शासन किया, लेकिन उसकी मृत्यु के बाद राज्य अपहृत या विदेशी आक्रमण के कारण अराजक विभाजन में गिर गया
717—760 संजय माताराम, केन्द्रीय जावा कॅन्गल शिलालेख (732), कारिता पराहयांगन जब सना के भतीजे (या पुत्र?) संजय ने व्यवस्था को पुनः स्थापित किया और सिंहासन पर बैठे, तो कुछ प्रारंभिक इतिहासकारों ने इस घटना को नए संजय वंश की स्थापना के रूप में लिया, जबकि अन्य का मानना ​​है कि यह शैलेन्द्र वंश की ही निरंतरता थी।
760—775 रकाय पनंगकरण माताराम, केन्द्रीय जावा राजा संखारा शिलालेख, कलासन शिलालेख (778), कारिता पराहयांगन रकाय पनंगकरण शैव धर्म से महायान बौद्ध धर्म में परिवर्तित हुए, कलासन मंदिर का निर्माण[1]:89
775—800 धरनिन्द्र माताराम, केन्द्रीय जावा केलुरक शिलालेख (782), लिगोर शिलालेख (ल॰ 782 या 787)[1]:91
800—812 समरग्रवीर[1]:92–93 माताराम, केन्द्रीय जावा लिगोर शिलालेख (ल॰ 787)
812—833 समरतुंग माताराम, केन्द्रीय जावा करंगतेंगा शिलालेख (824)[1]:92
833—856 प्रमोदवर्धिनी ने अपने पति रकाय पिकतन के साथ शासन किया।[1]:108 माताराम, केन्द्रीय जावा शिवाग्रह शिलालेख (856)
833—850 बलपुत्रदेव श्रीविजय, दक्षिण सुमात्रा शिवाग्रह शिलालेख (856), नालंदा शिलालेख (860)
ल॰ 960 श्री उदयदित्यवर्मन श्रीविजय, दक्षिण सुमात्रा चीन स्थित दूतावास (960 और 962)
ल॰ 980 हाजी (हीया-त्चे) श्रीविजय, दक्षिण सुमात्रा चीन स्थित दूतावास (980–983)
ल॰ 988 चुडामनी वार्मदेव श्रीविजय, दक्षिण सुमात्रा चीन स्थित दूतावास (988-992-1003), तंजौर शिलालेख या लीडेन शिलालेख (1044)
ल॰ 1008 श्री मरविजयोत्तुंग्ग श्रीविजय, दक्षिण सुमात्रा चीन स्थित दूतावास (1008)
ल॰ 1017 सुमात्राभुमि श्रीविजय, दक्षिण सुमात्रा चीन स्थित दूतावास (1017)
ल॰ 1025 संग्राम विजयतुंग्गवर्मन श्रीविजय, दक्षिण सुमात्रा तंजौर के राजराजा मंदिर पर चोल शिलालेख

सन्दर्भ

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  1. 1 2 3 4 5 Coedès, George (1968). वाल्टर एफ वेला (ed.). The Indianized States of Southeast Asia. सुसन ब्राउन कोविंग द्वारा अनूदित. यूनिवर्सिटी ऑफ़ हवाई प्रेस. ISBN 978-0-8248-0368-1.

बाहरी कड़ियाँ

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