शेलीना ज़हरा जानमुहम्मद

शेलीना ज़हरा जानमुहम्मद (जन्म: 13 अप्रैल 1974) एक ब्रिटिश लेखिका हैं। वह 'लव इन ए हेडस्कार्फ़' (2009) की लेखिका हैं, जो एक ब्रिटिश मुस्लिम महिला के तौर पर उनके बड़े होने के अनुभवों पर आधारित संस्मरण है।.[1] उनकी किताब 'जेनरेशन एम०: यंग मुस्लिम्स चेंजिंग द वर्ल्ड' अगस्त 2016 में प्रकाशित हुई थी।[2][3] 'द गार्डियन' के अनुसार, 'जेनरेशन एम०:' दुनिया के "सबसे तेज़ी से बढ़ते धर्म" — इस्लाम [4]— के प्रभावशाली वर्ग की "पहली विस्तृत तस्वीर" पेश करती है। वह एक ब्लॉगर भी हैं; उनके ब्लॉग का नाम 'स्पिरिट 21' है।[5]
पुरस्कार और सम्मान:
[संपादित करें]- 'द टाइम्स' और 'यूके इक्वालिटी एंड ह्यूमन राइट्स कमीशन' ने जानमुहम्मद को यूके की 100 सबसे प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं में शामिल किया था, और हाल ही में उन्हें दुनिया के 500 सबसे प्रभावशाली मुसलमानों में से एक के तौर पर चुना गया।.[1]
- अक्टूबर 2013 में उन्हें 100 महिलाएं (बीबीसी) की सूची में शामिल किया गया।.[6]
- जनवरी 2014 में जानमुहम्मद को 'ब्रिटिश मुस्लिम अवार्ड्स' में 'सर्विसेज टू मीडिया' (मीडिया के क्षेत्र में योगदान) पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया।.[7]
- अक्टूबर 2014 में, उन्हें फिर से बीबीसी की '100 वुमन' (100 महिलाएं (बीबीसी) की सूची में शामिल किया गया।[7]
विचार
[संपादित करें]जनमोहम्मद ने मौजूदा गृह मंत्री साजिद जाविद की आलोचना की है क्योंकि उन्होंने 'मुस्लिम काउंसिल ऑफ़ ब्रिटेन' की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें कंज़र्वेटिव पार्टी से इस्लामफ़ोबिया (इस्लाम के प्रति नफ़रत) की स्वतंत्र जांच कराने को कहा गया था।.[8] 'द नेशनल' के लिए लिखे एक लेख में उन्होंने कहा:
जब मुसलमान इस्लामफ़ोबिया के बारे में बात करते हैं तो उन पर खुद को पीड़ित दिखाने या ध्यान खींचने के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया जाता है। फिर भी, इस बात के सबूत न सिर्फ़ उस चिट्ठी में, बल्कि हिंसा से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार में असमानता जैसे सभी आँकड़ों में भी साफ़ तौर पर मिलते हैं। कई मुसलमान सचमुच पीड़ित हैं।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- 1 2 Kemp, Charlotte (30 May 2009). "Sense and Serendipity". The National. अभिगमन तिथि: 2015-03-24.
- ↑ Janmohamed, Shelina (2016). Generation M: Young Muslims Changing the World. I.B.Tauris. p. 256. ISBN 978-1780769097.
- ↑ "Meet Shelina Janmohamed, Britain's leading voice on what Muslims want". ArabianBusiness.com (अंग्रेज़ी भाषा में). 28 November 2018. अभिगमन तिथि: 2019-02-25.
- ↑ Sherwood, Harriet (3 September 2016). "Meet Generation M: the young, affluent Muslims changing the world". Guardian Online. The Guardian. अभिगमन तिथि: 2017-04-28.
- ↑ Casciani, Dominic (29 November 2007). "The battle over mosque reform". BBC News Online. BBC News. अभिगमन तिथि: 2015-03-24.
- ↑ "100 Women: Who took part?". BBC. 22 November 2013.
- 1 2 "Who are the 100 Women 2014?". BBC. 26 October 2014.
- ↑ "Denying the discrimination of British Muslims is its own twisted form of Islamophobia". The National (अंग्रेज़ी भाषा में). 7 June 2018. अभिगमन तिथि: 2019-02-25.