फ़रीदुद्दीन गंजशकर

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फ़रीदुद्दीन मसऊद गंजशकर - فرید الدین گنج شکر
گنجِ شکر Ganj-e-Shakar شیخ العالم Shaikh-ul-Alam
जन्म 1173/1188, Kothewal village in Multan, Punjab
मृत्यु 1266/1280, Pakpattan, Punjab
भक्त Islam specifically the Chishti Sufi order, Sikhism
भोज-दिवस {{{feast_day}}}

बाबा फरीद (1173-1266), हजरत ख्वाजा फरीद्दुद्दीन गंजशकर (उर्दू: حضرت بابا فرید الدین مسعود گنج شکر) चिश्ती आदेश से संबंधित, दक्षिण एशिया के पंजाब क्षेत्र में मुस्लिम एक सूफी संत थे। आप एक उच्चकोटि के पंजाबी कवि भी थे। इनकी रचनाओं को सिख गुरुओं ने सम्मान सहित श्री गुरु ग्रंथ साहिब में स्थान दिया।

वर्तमान समय में भारत के पंजाब प्रांत में स्थित फरीदकोट शहर का नाम बाबा फरीद पर ही रखा गया था। बाबा फ़रीदुद्दीन मसऊद गंजशकर का मज़ार पाकपट्टन शरीफ (पाकिस्तान) में है।

कुछ रचनाएँ[स्रोत सम्पादित करें]

तन सुका, पिंजर थिया, ... ... .... काग,
इह दो नैना मत छुओ, मोहे पिय देखन की आस।

वृद्ध अवस्था में एक समय ऐसा भी था कि इनके शरीर को कौओं ने नोच कर खाना शुरु कर दिया। दयावश होकर इन्हें भी बाबा फरीद ने मना नहीं किया, मात्र इतनी विनती की कि वे बस उनकी आँखों को मत छुएं क्योंकि इनसे वे अपने प्रिय प्रभु के दर्शन करने की आशा रखते हैं। इस घटना को दर्शाता हुआ एक चित्र इनकी मज़ार स्थान पर है।

दोहे[स्रोत सम्पादित करें]

अहिंसा का उपदेश

जो तैं मारण मुक्कियाँ, उनां ना मारो घुम्म,
अपनड़े घर जाईए, पैर तिनां दे चुम्म।
-यदि कोई आपको घूँसा भी मारे तो उसे पलट कर मत मारो। उसके पैरों को चूमो और अपने घर की राह लो।

संतोष का उपदेश

रुखी सुक्खी खाय के, ठण्डा पाणी पी,
वेख पराई चोपड़ी, ना तरसाईये जी।
-रूखी सूखी जो मिले खाओ और ठण्डा पानी पियो। दूसरे की चुपड़ी रोटी देखकर ईर्ष्या मत करो।

परनिंदा से बचने का उपदेश

जे तू अकल लतीफ हैं, काले लिख ना लेख,
अपनड़े गिरह बान में, सिर नीवां कर वेख।
-यदि तुम में अक्ल है तो किसी की बुराई मत करो, बल्कि अपने गिरहबान में सिर झुका कर देखो।

प्रभु विरह

बिरहा बिरहा आखिए, बिरहा हुं सुलतान,
जिस तन बिरहा ना उपजै, सो तन जान मसान।

साहित्यिक देन[स्रोत सम्पादित करें]

श्री गुरुग्रंथ साहिब में आप की बाणी के श्लोक विद्यमान हैं जिन्हें "सलोक फरीद जी" कहा जाता है| इनकी सारी ही बाणी कल्याणकारी तथा उपदेश प्रदान करने वाली है|

सन्दर्भ[स्रोत सम्पादित करें]

बाहरी कडियां[स्रोत सम्पादित करें]